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UP: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए धक्के खा रहे लोग, चार माह तक काटने पड़ रहे चक्कर; मेयर ने CM को बताई समस्या
Sat, 21 Mar 2026 11:37 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:37 PM IST
सार
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लोगों का परेशान होना पड़ रहा है। चार-चार महीने तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। लोगों की समस्या को मेयर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा है।
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मेयर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए धक्के खा रही जनता की गंभीर समस्या को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान नियम के अनुसार जन्म या मृत्यु के 21 दिन की अवधि बीतने के बाद प्रमाणपत्र की जांच का अधिकार एसडीएम के पास है। कार्यभार अधिक होने के कारण लोगों को 4-4 महीने तक भटकना पड़ रहा है।
महापौर ने सुझाव दिया कि नगर निगम में तैनात पीसीएस अधिकारी को एक वर्ष तक के मामलों के निस्तारण का अधिकार दिया जाए। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल की धीमी गति की समस्या से भी अवगत कराया, जिससे आवेदकों को भारी परेशानी हो रही है।
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महापौर ने सुझाव दिया कि नगर निगम में तैनात पीसीएस अधिकारी को एक वर्ष तक के मामलों के निस्तारण का अधिकार दिया जाए। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल की धीमी गति की समस्या से भी अवगत कराया, जिससे आवेदकों को भारी परेशानी हो रही है।
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