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दीपक की लाै से जला घर: गैस लीकेज से धमाके के साथ भड़की आग, छत से कूदी बेटी के टूटे पैर; मां-बेटा समेत 3 झुलसे
Sat, 21 Mar 2026 10:08 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:08 PM IST
सार
भजन-कीर्तन के दौरान महिला ने मंदिर में दीपक जलाया। उसी समय पहले से गैस लीकेज हो रही थी। अचानक धामाका हुआ और भीषण आग लग गई। परिजनों में अफरातफरी मच गई।
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अस्पताल में भर्ती घायल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के राजनगर में शनिवार शाम नवरात्र के तृतीय दिवस पर पूजा के दौरान गैस लीकेज से अचानक आग लग गई। दीपक जलाते ही धमाके के साथ आग भड़क उठी। परिवार के लोग किसी तरह भागकर बाहर निकले, लेकिन इस दौरान मां, बेटा और भाई झुलस गए। जान बचाने के लिए छत से कूदी बेटी के दोनो पैर में फ्रैक्चर हो गया। चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजनगर शाहदरा निवासी अखिलेश शर्मा ने बताया कि उनके घर में 25 वर्ष पुरानी परचून की दुकान है। शनिवार दोपहर को ही सिलिंडर की डिलीवरी हुई थी। शाम करीब 7 बजे वह अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ छत पर रोज की तरह पूजा करने गए थे। भजन-कीर्तन के दौरान उनकी पत्नी वंदना ने मंदिर में दीपक जलाया। उसी समय पहले से गैस लीकेज हो रही थी। अचानक धामाका हुआ और भीषण आग लग गई।
आग लगते ही सभी लोग सीढ़ियों के रास्ते नीचे भागे। इस दौरान उनकी पत्नी वंदना, बेटा आरव और भाई शैलेंद्र शर्मा जमीन पर गिर गए। तीनों आग की चपेट में आकर झुलस गए। पड़ोसियों ने साहस दिखाते हुए घायलों को बाहर निकाला। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। इस दाैरान जान बचाने के लिए बेटी भूमि छत से कूद गई। इससे उसके दोनों पैर में फ्रैक्चर हो गया।
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इस हादसे में परचून की दुकान और घर का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित ने बताया कि लगभग पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। जांच अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
आग में झुलसी वंदना ने भावुक होकर कहा कि माता रानी की कृपा से गैस सिलेंडर नहीं फटा, वरना पूरा परिवार खत्म हो सकता था। उन्होंने बताया कि उनके हाथ और पैर झुलसे हैं, लेकिन जान बच गई, यही सबसे बड़ी राहत है।
हाॅकर पर ये आरोप
स्थानीय निवासी दीपू सेंगर ने बताया कि गैस एजेंसियों की मिलीभगत से हाॅकर सिलिंडर डिलिवरी करने से पहले ही गैस में कटौती करते हैं। इसके बाद घरों में डिलीवरी करते हैं। इस वजह से कई बार घरों में हादसे हो जाते हैं। इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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राजनगर शाहदरा निवासी अखिलेश शर्मा ने बताया कि उनके घर में 25 वर्ष पुरानी परचून की दुकान है। शनिवार दोपहर को ही सिलिंडर की डिलीवरी हुई थी। शाम करीब 7 बजे वह अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ छत पर रोज की तरह पूजा करने गए थे। भजन-कीर्तन के दौरान उनकी पत्नी वंदना ने मंदिर में दीपक जलाया। उसी समय पहले से गैस लीकेज हो रही थी। अचानक धामाका हुआ और भीषण आग लग गई।
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आग लगते ही सभी लोग सीढ़ियों के रास्ते नीचे भागे। इस दौरान उनकी पत्नी वंदना, बेटा आरव और भाई शैलेंद्र शर्मा जमीन पर गिर गए। तीनों आग की चपेट में आकर झुलस गए। पड़ोसियों ने साहस दिखाते हुए घायलों को बाहर निकाला। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। इस दाैरान जान बचाने के लिए बेटी भूमि छत से कूद गई। इससे उसके दोनों पैर में फ्रैक्चर हो गया।
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इस हादसे में परचून की दुकान और घर का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित ने बताया कि लगभग पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। जांच अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
आग में झुलसी वंदना ने भावुक होकर कहा कि माता रानी की कृपा से गैस सिलेंडर नहीं फटा, वरना पूरा परिवार खत्म हो सकता था। उन्होंने बताया कि उनके हाथ और पैर झुलसे हैं, लेकिन जान बच गई, यही सबसे बड़ी राहत है।
हाॅकर पर ये आरोप
स्थानीय निवासी दीपू सेंगर ने बताया कि गैस एजेंसियों की मिलीभगत से हाॅकर सिलिंडर डिलिवरी करने से पहले ही गैस में कटौती करते हैं। इसके बाद घरों में डिलीवरी करते हैं। इस वजह से कई बार घरों में हादसे हो जाते हैं। इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।