{"_id":"6a5f0b6af9cd384c330a89e1","slug":"man-sentenced-to-three-years-in-jail-after-29-years-in-fake-will-case-2026-07-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: ताई की मौत के बाद बनवाई थी फर्जी वसीयत, 29 साल बाद दोषी को मिली तीन साल की सजा; जानें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: ताई की मौत के बाद बनवाई थी फर्जी वसीयत, 29 साल बाद दोषी को मिली तीन साल की सजा; जानें पूरा मामला
Tue, 21 Jul 2026 11:32 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:32 AM IST
सार
ताई की मौत के बाद दूसरी महिला को खड़ा कर फर्जी वसीयत तैयार कराने के मामले में अदालत ने 29 साल बाद आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे तीन साल की सजा और नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
court new
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-11 आशीष कंबोज ने धोखाधड़ी से ताई की मौत के बाद जमीन की फर्जी वसीयत कराने और अन्य आरोपों के मामले में थाना सैंया क्षेत्र के गांव अयेला निवासी रामप्रकाश को दोषी पाते हुए 29 साल बाद तीन साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 9 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सुनवाई के दौरान तीन आरोपियों की मौत हो गई। आरोपी भरत को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
ये भी पढ़ें - ताकत का अद्भुत प्रदर्शन: गौरव पहलवान का अनोखा कारनामा, एक साथ खींचीं आठ कारें; देखें VIDEO
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - ताकत का अद्भुत प्रदर्शन: गौरव पहलवान का अनोखा कारनामा, एक साथ खींचीं आठ कारें; देखें VIDEO
विज्ञापन
ये है मामला
थाना खेरागढ़ में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, थाना सैंया के गांव अयेला निवासी गोपीचंद ने आरोप लगाया था कि उनकी ताई रामश्री निसंतान थीं। इस कारण उनकी संपत्ति के वह इकलौते वारिस हैं। 1 अगस्त, 1997 को ताई का निधन हो गया। इसके बाद ताई की जमीन से संबंधित वारिसान प्रार्थनापत्र सहायक चकबंदी अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत किया। प्रार्थनापत्र के निस्तारण के दौरान गांव सरोदपुरा निवासी महावीर सिंह, भरत सिंह, विद्याराम, राजाराम और रामप्रकाश ने अज्ञात महिला को रजिस्ट्रार कार्यालय में ताई दर्शाकर जमीन की फर्जी वसीयत बनवा ली।
ये भी पढ़ें - UP: भगंदर-पाइल्स निशुल्क इलाज, 20 मिनट में होगा ऑपरेशन; 24 घंटे में मरीज करने लगेगा कामकाज
थाना खेरागढ़ में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, थाना सैंया के गांव अयेला निवासी गोपीचंद ने आरोप लगाया था कि उनकी ताई रामश्री निसंतान थीं। इस कारण उनकी संपत्ति के वह इकलौते वारिस हैं। 1 अगस्त, 1997 को ताई का निधन हो गया। इसके बाद ताई की जमीन से संबंधित वारिसान प्रार्थनापत्र सहायक चकबंदी अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत किया। प्रार्थनापत्र के निस्तारण के दौरान गांव सरोदपुरा निवासी महावीर सिंह, भरत सिंह, विद्याराम, राजाराम और रामप्रकाश ने अज्ञात महिला को रजिस्ट्रार कार्यालय में ताई दर्शाकर जमीन की फर्जी वसीयत बनवा ली।
ये भी पढ़ें - UP: भगंदर-पाइल्स निशुल्क इलाज, 20 मिनट में होगा ऑपरेशन; 24 घंटे में मरीज करने लगेगा कामकाज
खुद को बाताया था जमीन का मालिक
उनके वारिसान प्रार्थनापत्र पर आपत्ति प्रस्तुत कर खुद को जमीन का मालिक बताया। अदालत के आदेश पर 17 सितंबर, 1997 को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उक्त मुकदमे में गोपीचंद के अलावा तत्कालीन ग्राम प्रधान रामा देवी, तत्कालीन उप प्रधान रामदेवी की गवाही दर्ज हुई। विचारण के दौरान महावीर सिंह, विद्याराम और राजाराम की मृत्यु हो गई। अदालत ने उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी।
ये भी पढ़ें - UP: धर्मस्थलों पर 21 करोड़ की धनवर्षा, बटेश्वर धाम समेत 10 मंदिरों का बदलेगा स्वरूप; पर्यटन मंत्री ने की बड़ी घोषणा
उनके वारिसान प्रार्थनापत्र पर आपत्ति प्रस्तुत कर खुद को जमीन का मालिक बताया। अदालत के आदेश पर 17 सितंबर, 1997 को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उक्त मुकदमे में गोपीचंद के अलावा तत्कालीन ग्राम प्रधान रामा देवी, तत्कालीन उप प्रधान रामदेवी की गवाही दर्ज हुई। विचारण के दौरान महावीर सिंह, विद्याराम और राजाराम की मृत्यु हो गई। अदालत ने उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी।
ये भी पढ़ें - UP: धर्मस्थलों पर 21 करोड़ की धनवर्षा, बटेश्वर धाम समेत 10 मंदिरों का बदलेगा स्वरूप; पर्यटन मंत्री ने की बड़ी घोषणा