शिक्षक दिवस: मैनपुरी की शिक्षिका सरिता को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार, बस्तियों में फैलाया शिक्षा का उजियारा
घिरोर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नाहिली द्वितीय की प्रधानाध्यापिका सरिता ने बस्तियों में डोर टू डोर जाकर बच्चों का नामांकन करने के साथ शिक्षा की अलख जगाए रखने में सराहनीय कार्य किया। कोरोना काल में उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाकर बच्चों को पढ़ाया।
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मैनपुरी के घिरोर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नाहिली द्वितीय की प्रधानाध्यापिका सरिता का चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार 2021 के लिए किया गया है। शासन ने शनिवार को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों की सूची जारी कर दी। चयन सूची में सरिता को मैनपुरी जनपद से चुना गया है। सोमवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह उन्हें कलक्ट्रेट सभागार में सम्मानित करेंगे।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के तहत सरिता को 25000 नगद , सरस्वती मूर्ति मोमेंटो, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही एक वेतन वृद्धि और दो साल सेवा विस्तार दिया जाएगा। शिक्षिका की उपलब्धि पर बीएसए दीपिका गुप्ता, खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार, जिला समन्वयक धीरेंद्र प्रताप सिंह, बीईओ नीरजा चतुर्वेदी, जेपी पाल, कौशल किशोर, सुनील द्विवेदी, विजेंद्र स्वरूप निगम आदि ने बधाई दी है।
2009 में शिक्षक पद पर हुईं नियुक्त
सरिता देवी शहर के वार्ड रामलीला मैदान के मोहल्ला शिवनगर की निवासी हैं। सरिता वर्ष 2009 में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत सहायक अध्यापक बनीं। शिक्षिका वर्ष 2013 में प्रधानाध्यापिका पद पर पदोन्नति पाई। वर्तमान में वह घिरोर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नाहिली द्वितीय में प्रधानाध्यापिका की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
शिक्षिका के बेहतर कार्य
सरिता प्राथमिक विद्यालय नाहिली द्वितीय पर वर्ष 2013 से कार्यरत है उस समय विद्यालय की छात्र संख्या मात्र 52 थी। लगातार प्रयासों से वर्तमान में नामांकन संख्या 155 कर ली है। इनकी कार्यशैली के कारण इन्हें प्रदेश स्तरीय आदर्श पाठ योजना , पर्यावरण मित्र पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।विद्यालय की स्वच्छता रेटिंग फाइव स्टार रही है। कोविड महामारी के दौर में भी सरिता ने घर से मोबाइल पर वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के माध्यम से बच्चों का अध्यापन कार्य जारी रखा। नामांकन के लिए बस्तियों में डोर टू डोर जाकर नामांकन करना और शिक्षा की अलख जगाए रखने में सराहनीय कार्य किया है।