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पति और भाई के साथ मिलकर की थी प्रेमी की हत्या
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बाह (आगरा)। दो महीने पहले जैतपुरा के वैदपुरा गांव से लापता हुए पिनाहट के नरायन सिंह (30) की हत्या कर दी गई है। वारदात इटावा के लोहन्ना गांव की रहने वाली महिला ने अपने पति और भाई के साथ मिलकर की थी। जैतपुर पुलिस ने बुधवार को महिला के पति को गिरफ्तार कर इसका खुलासा किया। पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सिविल लाइन इटावा से मृतक का शव और बाइक को बरामद किया है।
जैतपुर थानाध्यक्ष अवनीत मान ने बताया कि गजाधर नगर (पिनाहट) निवासी नारायन सिंह 28 अप्रैल को वैदपुरा गांव में ओमप्रकाश के यहां हलवाई का काम करने गए थे। तभी से लापता थे। 19 जून को पत्नी रूमा देवी ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 28 जून को अपने देवर धर्मेंद्र के साथ थाने पहुंची रूमा देवी ने सिविल लाइन इटावा के लोहन्ना की रहने वाली सीमा पत्नी चन्तई पर पति की हत्या कराने का शक जताया। इस पर पुलिस ने सीमा के घर पर दबिश दी, तो एक युवक भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। आरोपी युवक ने अपना नाम चन्तई बताया। उसने नारायन सिंह की हत्या करना कबूला।
पूछताछ में पुलिस को बताया कि पत्नी के साथ नारायन सिंह के संबंध थे। समझाने के बाद भी नारायन संबंध तोड़ नहीं रहा था। इस पर उसने पत्नी सीमा, साले मनफूलपुरा (मुरैना) के गोलू के साथ मिलकर नारायन सिंह की हत्या करने की साजिश की। 28 अप्रैल को नारायन सिंह को घर पर बुलाया। तीनों ने गला दबाकर उसको मार डाला। प्लास्टिक के बोरे में शव को बांध कर लॉयन सफारी इटावा के सामने ग्वालियर बाईपास की पुलिया के नाले में फेंक दिया। पुलिस ने चन्तई की निशान देेही पर शव को बरामद कर लिया। पुलिस ने हत्या और हत्या के सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपी को जेल भेजा है।
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पत्नी सीमा के साथ मिलकर पिनाहट के नारायन को ठिकाने लगाने वाले चन्तई को अपने किए पर पछतावा नहीं है। उसने पुछताछ में पुलिस को बताया कि सीमा करीब 4 साल पहले मायके मनफूलपुरा से दवाई लेेेने के लिए पिनाहट आई थी। यहीं पर नारायन सिंह से उसका संपर्क हुआ। इलाज के दौरान दोनों में संबंध हो गए। मायके और ससुराल आते जाते समय भी दोनों मिलते रहे। मोबाइल पर बातें होने पर चन्तई ने दोनों को समझाया। रूमा देवी के रोकने पर भी नारायन नहीं माना। चन्तई के मुताबिक नरायन को रास्ते से हटाने के लिए सीमा और उसके भाई के साथ योजना बनाई। सीमा के कहने पर नारायन 28 अप्रैल की रात लोहन्ना आया था।
आरोपी चन्तई की गिरफ्तारी के बाद जैतपुर पुलिस की टीम दो अन्य आरोपी सीमा और उसके भाई गोलू की तलाश में दबिश दे रही है। नारायन सिंह का मोबाइल गोलू के पास होने की जानकारी चन्तई से मिलने पर पुलिस सर्विलांस का भी सहारा ले रही है। एसओ अवनीत मान ने बताया कि इन दोनों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नारायन सिंह के लापता होने के बाद उसकी पत्नी रूमा देवी ने जैतपुर थाने के चक्कर काट रही थी। खुलाके के बाद लोगों का कहना था कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर मोबाइल आदि को जांच में शामिल किया होता तो पहले ही वारदात का खुलासा हो जाता।
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जैतपुर थानाध्यक्ष अवनीत मान ने बताया कि गजाधर नगर (पिनाहट) निवासी नारायन सिंह 28 अप्रैल को वैदपुरा गांव में ओमप्रकाश के यहां हलवाई का काम करने गए थे। तभी से लापता थे। 19 जून को पत्नी रूमा देवी ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 28 जून को अपने देवर धर्मेंद्र के साथ थाने पहुंची रूमा देवी ने सिविल लाइन इटावा के लोहन्ना की रहने वाली सीमा पत्नी चन्तई पर पति की हत्या कराने का शक जताया। इस पर पुलिस ने सीमा के घर पर दबिश दी, तो एक युवक भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। आरोपी युवक ने अपना नाम चन्तई बताया। उसने नारायन सिंह की हत्या करना कबूला।
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पूछताछ में पुलिस को बताया कि पत्नी के साथ नारायन सिंह के संबंध थे। समझाने के बाद भी नारायन संबंध तोड़ नहीं रहा था। इस पर उसने पत्नी सीमा, साले मनफूलपुरा (मुरैना) के गोलू के साथ मिलकर नारायन सिंह की हत्या करने की साजिश की। 28 अप्रैल को नारायन सिंह को घर पर बुलाया। तीनों ने गला दबाकर उसको मार डाला। प्लास्टिक के बोरे में शव को बांध कर लॉयन सफारी इटावा के सामने ग्वालियर बाईपास की पुलिया के नाले में फेंक दिया। पुलिस ने चन्तई की निशान देेही पर शव को बरामद कर लिया। पुलिस ने हत्या और हत्या के सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपी को जेल भेजा है।
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पत्नी सीमा के साथ मिलकर पिनाहट के नारायन को ठिकाने लगाने वाले चन्तई को अपने किए पर पछतावा नहीं है। उसने पुछताछ में पुलिस को बताया कि सीमा करीब 4 साल पहले मायके मनफूलपुरा से दवाई लेेेने के लिए पिनाहट आई थी। यहीं पर नारायन सिंह से उसका संपर्क हुआ। इलाज के दौरान दोनों में संबंध हो गए। मायके और ससुराल आते जाते समय भी दोनों मिलते रहे। मोबाइल पर बातें होने पर चन्तई ने दोनों को समझाया। रूमा देवी के रोकने पर भी नारायन नहीं माना। चन्तई के मुताबिक नरायन को रास्ते से हटाने के लिए सीमा और उसके भाई के साथ योजना बनाई। सीमा के कहने पर नारायन 28 अप्रैल की रात लोहन्ना आया था।
आरोपी चन्तई की गिरफ्तारी के बाद जैतपुर पुलिस की टीम दो अन्य आरोपी सीमा और उसके भाई गोलू की तलाश में दबिश दे रही है। नारायन सिंह का मोबाइल गोलू के पास होने की जानकारी चन्तई से मिलने पर पुलिस सर्विलांस का भी सहारा ले रही है। एसओ अवनीत मान ने बताया कि इन दोनों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नारायन सिंह के लापता होने के बाद उसकी पत्नी रूमा देवी ने जैतपुर थाने के चक्कर काट रही थी। खुलाके के बाद लोगों का कहना था कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर मोबाइल आदि को जांच में शामिल किया होता तो पहले ही वारदात का खुलासा हो जाता।