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आगरा: सरकारी मेडिकल कॉलेज में ढाई घंटे तक नहीं मिला इलाज, मरीज ने तोड़ा दम
Sun, 21 Jul 2019 09:30 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 21 Jul 2019 09:30 AM IST
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स्ट्रेचर पर मरीज का शव, पास खड़े परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों पर एक और लापरवाही का आरोप लगा है। शनिवार को गंभीर हालत में पहुंचे मरीज का ढाई घंटे तक इलाज शुरू नहीं किया। फाइल बनाने, जांच रिपोर्ट लाने के नाम पर तीमारदारों को टरकाते रहे। शाम को लगभग पांच बजे मरीज की मौत हो गई।
एटा निवासी श्रवण कुमार (45) को लिवर संबंधी बीमारी थी। इनके भाई प्रेम सिंह मरीज को लेकर दोपहर में करीब ढाई बजे इमरजेंसी पहुंचे। आरोप है कि मरीज को भर्ती नहीं किया गया। वो स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। डॉक्टरों के पास गए तो कभी जांच रिपोर्ट, कभी फाइल बनाने की बात कहते हुए टरकाते रहे।
हालत गंभीर होने का हवाला दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। हालत अधिक बिगड़ने लगी तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन थोड़ी देर बाद शाम को लगभग पांच बजे मरीज की मौत हो गई।
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एटा निवासी श्रवण कुमार (45) को लिवर संबंधी बीमारी थी। इनके भाई प्रेम सिंह मरीज को लेकर दोपहर में करीब ढाई बजे इमरजेंसी पहुंचे। आरोप है कि मरीज को भर्ती नहीं किया गया। वो स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। डॉक्टरों के पास गए तो कभी जांच रिपोर्ट, कभी फाइल बनाने की बात कहते हुए टरकाते रहे।
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हालत गंभीर होने का हवाला दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। हालत अधिक बिगड़ने लगी तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन थोड़ी देर बाद शाम को लगभग पांच बजे मरीज की मौत हो गई।
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शुक्रवार को भी मरीज लेकर आए थे परिजन
मृतक के भतीजे अनिल कुमार ने बताया कि शुक्रवार को भी मरीज लेकर इमरजेंसी आए थे, लेकिन चिकित्सकों ने भर्ती नहीं किया और बोले कि यह जांच कराके लाना। उनसे कहा कि इमरजेंसी में जांच की सुविधा नहीं है तो उनको फटकार दिया।
इस संबंध में एसआईसी डॉ. एसके मजूमदार का कहना है कि मरीज लिवर कैंसर से पीड़ित था, अंतिम स्टेज पर था। उपचार भी दिया गया। इलाज में देरी के आरोप पर जवाब तलब किया जाएगा।
इस संबंध में एसआईसी डॉ. एसके मजूमदार का कहना है कि मरीज लिवर कैंसर से पीड़ित था, अंतिम स्टेज पर था। उपचार भी दिया गया। इलाज में देरी के आरोप पर जवाब तलब किया जाएगा।