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Agra News: गंगा ने खतरे का स्तर किया पार, कई गांवों में पानी की दस्तक
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पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव नगला जय किशन में सड़क पर बह रहे बाढ के पानी के बीच से होकर नि
- फोटो : संवाद
कासगंज। जिले में गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल को पार कर गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण पटियाली इलाके के 15 से अधिक गांवों तक गंगा के पानी पहुंच गया है। कई गांवों के आबादी क्षेत्र भी प्रभावित हैं। वहीं, इन इलाकों के ग्रामीण मार्गों पर गंगा कपानी सड़क पर बह रहा है। आज और जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान है। गंगा के बैराजों से लगातार प्रवाह बढ़ रहा है। कछला ब्रिज पर गंगा का डेंजर लेवल 162.40 मीटर के निशान पर है। जबकि गंगा डेंजर लेवल से 6 सेंटीमीटर ऊपर 162.46 मीटर के निशान पर बह रही है।
इस सीजन का सर्वाधिक प्रवाह बिजनौर बैराज से 2.33 लाख क्यूसेक रहा है। बिजनौर बैहाज से पानी का प्रवाह बढ़ने के पीछे मालन नदी के पानी को बताया जा रहा है। मालन बरसाती नदी है। मालन नदी में पहाड़ों की बारिश के कारण उफान आ गया। इससे बिजनौर बैराज पर गंगा में पानी बढ़ गया। बिजनौर के पानी का प्रवाह बुधवार को जिले तक पहुंचेगा। इससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने के आसार हैं। प्रशासन ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार बैराज से भी गंगा में प्रवाह बढ़ा हुआ है। गंगा के तटीय इलाकों में लगातार स्थिति बिगड़ रही है। सोरोंजी क्षेत्र के गांव लहरा में आबादी तक पानी की दस्तक पहुंचने के आसार हैं। अभी किनारे तक पानी आ चुका है। दतलाना और उढ़ेर बांध तक भी पानी की दस्तक होने लगी है। बुधवार को दतलाना, उढेर व आसपास के गांव तक पानी की दस्तक पहुंचेगी। पटियाली क्षेत्र के नगला जयकिशन, नगला दुरजन, नगला दिपी, नगला नैनसुख, नगला खना, जैली नगला, राजेपुर कुर्रा, नरपत नगला में बाढ़ के पानी की दस्तक हो गई है। गंगा की खादर के खेतों में एवं आबादी के बीच तक पानी पहुंच गया है। पानी पहुंचने से ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। वहीं, पशुओं के बांधने का संकट पैदा हो गया है। गांव के निचले इलाकों में घरों में भी पानी पहुंचा है। यहां लोग ऊंचाई के स्थान पर उठने बैठने को मजबूर हो गए हैं। मूंझखेड़ा, नगला नरपत के मार्गों पर पानी बह रहा है। लोग नाव व मोटर वोट का सहारा ले रहे हैं। आबादी क्षेत्र में पानी घुसने के बाद किसान बेहद चिंतित हैं। नगला जयकिशन के उर्वेश ने बताया कि लगातार पानी बढ़ रहा है। जिससे हालात खराब होते जा रहे हैं। वहीं नरदौली के लवकुमार, नगला नरपत के अशोक कुमार, किशन पाल ने बताया कि 15 से अधिक गांव तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने और पानी बढ़ने का अलर्ट जारी किया है। बाढ़ खेतीबाड़ी को नुकसान होने के आसार बने हैं।
डीएम ने सभी तहसीलों को जारी किया अलर्ट
कासगंज। डीएम प्रणय सिंह ने जिले के कासगंज, सहावर एवं पटियाली तहसील के एसडीएम को बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमें सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मियों को प्रभावित इलाके में भेजें और निगरानी करें। प्रभावित लोगों को बाढ़ चौकी पर पहुंचाएं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षित रूप से बाढ़ चौकी पर पहुंचें।
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सिंचाई विभाग के अवसरों ने लिया जायजा
कासगंज। गंगा में प्रवाह बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग अलर्ट पर रहा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता संदीप जैन ने टीम के साथ सहवाजपुर, बरीबगवास, कादरगंज के बांधों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत भी की और ग्रामीणों को पानी में वृद्धि होने की जानकारी दी।
बांधों को बढ़ेगा खतरा
कासगंज। जिले में गंगा पर अलग अलग इलाकों में पांच बांध बने हुए हैं। पानी का प्रवाह और बढ़ने पर इन बांधों को खतरा हो सकता है। यह सभी बांध कच्चे हैं। इन बांधों में दतलाना बांध, उढ़ेर बांध, न्यौली बांध, समसपुर नदरौली बांध, असदगढ़ किला नरदौली बांध हैं।
बैराजों से पानी का प्रवाह-
हरिद्वार बैराज से- 143973 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से-233644 क्यूसेक
नरौरा बैराज से- 80447 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.46 मीटर के निशान पर
डेंजर लेवल- 162.40 मीटर के निशान पर
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इस सीजन का सर्वाधिक प्रवाह बिजनौर बैराज से 2.33 लाख क्यूसेक रहा है। बिजनौर बैहाज से पानी का प्रवाह बढ़ने के पीछे मालन नदी के पानी को बताया जा रहा है। मालन बरसाती नदी है। मालन नदी में पहाड़ों की बारिश के कारण उफान आ गया। इससे बिजनौर बैराज पर गंगा में पानी बढ़ गया। बिजनौर के पानी का प्रवाह बुधवार को जिले तक पहुंचेगा। इससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने के आसार हैं। प्रशासन ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार बैराज से भी गंगा में प्रवाह बढ़ा हुआ है। गंगा के तटीय इलाकों में लगातार स्थिति बिगड़ रही है। सोरोंजी क्षेत्र के गांव लहरा में आबादी तक पानी की दस्तक पहुंचने के आसार हैं। अभी किनारे तक पानी आ चुका है। दतलाना और उढ़ेर बांध तक भी पानी की दस्तक होने लगी है। बुधवार को दतलाना, उढेर व आसपास के गांव तक पानी की दस्तक पहुंचेगी। पटियाली क्षेत्र के नगला जयकिशन, नगला दुरजन, नगला दिपी, नगला नैनसुख, नगला खना, जैली नगला, राजेपुर कुर्रा, नरपत नगला में बाढ़ के पानी की दस्तक हो गई है। गंगा की खादर के खेतों में एवं आबादी के बीच तक पानी पहुंच गया है। पानी पहुंचने से ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। वहीं, पशुओं के बांधने का संकट पैदा हो गया है। गांव के निचले इलाकों में घरों में भी पानी पहुंचा है। यहां लोग ऊंचाई के स्थान पर उठने बैठने को मजबूर हो गए हैं। मूंझखेड़ा, नगला नरपत के मार्गों पर पानी बह रहा है। लोग नाव व मोटर वोट का सहारा ले रहे हैं। आबादी क्षेत्र में पानी घुसने के बाद किसान बेहद चिंतित हैं। नगला जयकिशन के उर्वेश ने बताया कि लगातार पानी बढ़ रहा है। जिससे हालात खराब होते जा रहे हैं। वहीं नरदौली के लवकुमार, नगला नरपत के अशोक कुमार, किशन पाल ने बताया कि 15 से अधिक गांव तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने और पानी बढ़ने का अलर्ट जारी किया है। बाढ़ खेतीबाड़ी को नुकसान होने के आसार बने हैं।
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डीएम ने सभी तहसीलों को जारी किया अलर्ट
कासगंज। डीएम प्रणय सिंह ने जिले के कासगंज, सहावर एवं पटियाली तहसील के एसडीएम को बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमें सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मियों को प्रभावित इलाके में भेजें और निगरानी करें। प्रभावित लोगों को बाढ़ चौकी पर पहुंचाएं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षित रूप से बाढ़ चौकी पर पहुंचें।
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सिंचाई विभाग के अवसरों ने लिया जायजा
कासगंज। गंगा में प्रवाह बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग अलर्ट पर रहा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता संदीप जैन ने टीम के साथ सहवाजपुर, बरीबगवास, कादरगंज के बांधों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत भी की और ग्रामीणों को पानी में वृद्धि होने की जानकारी दी।
बांधों को बढ़ेगा खतरा
कासगंज। जिले में गंगा पर अलग अलग इलाकों में पांच बांध बने हुए हैं। पानी का प्रवाह और बढ़ने पर इन बांधों को खतरा हो सकता है। यह सभी बांध कच्चे हैं। इन बांधों में दतलाना बांध, उढ़ेर बांध, न्यौली बांध, समसपुर नदरौली बांध, असदगढ़ किला नरदौली बांध हैं।
बैराजों से पानी का प्रवाह-
हरिद्वार बैराज से- 143973 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से-233644 क्यूसेक
नरौरा बैराज से- 80447 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.46 मीटर के निशान पर
डेंजर लेवल- 162.40 मीटर के निशान पर