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Agra News: एक मुश्त तीन लाख देकर पति करेगा विवाह विच्छेद
Sat, 03 Jun 2023 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 03 Jun 2023 11:29 PM IST
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मैनपुरी।
दंपती के बीच समझौता नहीं होने पर पति तीन लाख रुपये एक मुश्त देकर पत्नी से विवाह विच्छेद करने की कार्रवाई करेगा। आपसी समझौते से विवाह विच्छेदन की कार्रवाई पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में की जाएगी। आपसी सहमति से विवाह विच्छेद करके दंपती अलग अलग रह सकेंगे।
थाना औंछा क्षेत्र की रहने वाली अंजली की शादी निर्मल के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर निर्मल तथा उसके परिजन ने अंजली को मारपीट करके घर से निकाल दिया। अंजली ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा दायर किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से मुकदमा समझौता कराने के लिए सुलह एवं समझौता केंद्र में भेजा गया। समझौता कराने की जिम्मेदारी मीडिएटर वीरपाल सिंह राठौर को सौंपी गई। मीडिएटर की मौजूदगी में आमने सामने बैठने के बाद भी दंपती के मतभेद दूर नहीं हो सके। दंपती के बीच समझौता नहीं हो पाने पर दोनों पक्षों में लिखित रूप से तय हुआ कि निर्मल अपनी पत्नी को एक मुश्त तीन लाख रुपये देगा। रुपये लेने के बाद दोनों आपसी सहमति से पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में आपसी सहमति से विवाह विच्छेदन का मुकदमा दायर करके एक दूसरे से अलग हा सकेंगे। सुलह एवं समझौता केंद्र से उनकी फाइल को वापस न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में भेजा गया है।
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दंपती के बीच समझौता नहीं होने पर पति तीन लाख रुपये एक मुश्त देकर पत्नी से विवाह विच्छेद करने की कार्रवाई करेगा। आपसी समझौते से विवाह विच्छेदन की कार्रवाई पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में की जाएगी। आपसी सहमति से विवाह विच्छेद करके दंपती अलग अलग रह सकेंगे।
थाना औंछा क्षेत्र की रहने वाली अंजली की शादी निर्मल के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर निर्मल तथा उसके परिजन ने अंजली को मारपीट करके घर से निकाल दिया। अंजली ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा दायर किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से मुकदमा समझौता कराने के लिए सुलह एवं समझौता केंद्र में भेजा गया। समझौता कराने की जिम्मेदारी मीडिएटर वीरपाल सिंह राठौर को सौंपी गई। मीडिएटर की मौजूदगी में आमने सामने बैठने के बाद भी दंपती के मतभेद दूर नहीं हो सके। दंपती के बीच समझौता नहीं हो पाने पर दोनों पक्षों में लिखित रूप से तय हुआ कि निर्मल अपनी पत्नी को एक मुश्त तीन लाख रुपये देगा। रुपये लेने के बाद दोनों आपसी सहमति से पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में आपसी सहमति से विवाह विच्छेदन का मुकदमा दायर करके एक दूसरे से अलग हा सकेंगे। सुलह एवं समझौता केंद्र से उनकी फाइल को वापस न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में भेजा गया है।
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