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यूपी: राधास्वामी सत्संग सभा का जहां कब्जा, प्रशासन ने हाईकोर्ट में दाखिल किया ये जवाब; 14 सितंबर को सुनवाई
Wed, 04 Oct 2023 07:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 04 Oct 2023 07:00 AM IST
सार
दयालबाग स्थित मौजा जगनपुर व खासपुर में सार्वजनिक रास्तों पर गेट व दीवार लगाकर कब्जा करने के मामले में हाईकोर्ट में 14 सितंबर को सुनावई होगी।
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राधास्वामी सत्संग सभा के कब्जे पर चला बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के दयालबाग स्थित मौजा जगनपुर और खासपुर में सार्वजनिक रास्तों में गेट व दीवार लगाकर कब्जा करने के मामले में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। प्रशासन ने अवैध कब्जों को ध्वस्त करने के लिए 14 सितंबर को नोटिस दिया था। नोटिस के विरोध में राधास्वामी सत्संग सभा ने हाईकोर्ट में वाद दायर किया है।
दिये थे ये निर्देश
हाईकोर्ट ने 5 अक्तूबर तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। तहसीलदार न्यायालय ने 14 सितंबर को राधास्वामी सत्संग सभा अध्यक्ष गुरु प्रसाद सूद, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव व अनूप श्रीवास्तव को नोटिस जारी किया था। अवैध कब्जे स्वयं हटाने के लिए सात दिन की मोहलत दी। तय समय में कब्जे नहीं हटाने पर 23 सितंबर को पुलिस व प्रशासन ने सार्वजनिक रास्तों में लगे गेट व दीवार हटा दिए। जिन्हें उसी रात सत्संगियों ने दोबारा खड़ा कर लिया।
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दिये थे ये निर्देश
हाईकोर्ट ने 5 अक्तूबर तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। तहसीलदार न्यायालय ने 14 सितंबर को राधास्वामी सत्संग सभा अध्यक्ष गुरु प्रसाद सूद, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव व अनूप श्रीवास्तव को नोटिस जारी किया था। अवैध कब्जे स्वयं हटाने के लिए सात दिन की मोहलत दी। तय समय में कब्जे नहीं हटाने पर 23 सितंबर को पुलिस व प्रशासन ने सार्वजनिक रास्तों में लगे गेट व दीवार हटा दिए। जिन्हें उसी रात सत्संगियों ने दोबारा खड़ा कर लिया।
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ये है पूरा मामला
24 सितंबर को पुलिस व प्रशासन की टीम दोबारा कब्जे हटाने पहुंची तो वहां बवाल हो गया। पथराव में 12 पुलिसकर्मियों सहित 40 लोग घायल हुए थे। तहसीलदार कोर्ट के नोटिस के विरोध में सत्संग सभा ने हाईकोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर की। 27 सितंबर को सुनवाई के दौरान सत्संग सभा ने संसोधन प्रार्थना पत्र दायर किया। जिसके बाद उसे 5 अक्तूबर तक स्टे मिल गया।
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24 सितंबर को पुलिस व प्रशासन की टीम दोबारा कब्जे हटाने पहुंची तो वहां बवाल हो गया। पथराव में 12 पुलिसकर्मियों सहित 40 लोग घायल हुए थे। तहसीलदार कोर्ट के नोटिस के विरोध में सत्संग सभा ने हाईकोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर की। 27 सितंबर को सुनवाई के दौरान सत्संग सभा ने संसोधन प्रार्थना पत्र दायर किया। जिसके बाद उसे 5 अक्तूबर तक स्टे मिल गया।
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प्रशासन ने हाईकोर्ट में दाखिल किया जवाब
इधर, प्रशासन ने हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में सत्संग सभा के कब्जे की भूमि को सरकारी बताया है। गेट व दीवार लगाकर सार्वजनिक रास्ते बंद करने से किसान व ग्रामीणों का आवागमन बंद होने का हवाला दिया है।
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इधर, प्रशासन ने हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में सत्संग सभा के कब्जे की भूमि को सरकारी बताया है। गेट व दीवार लगाकर सार्वजनिक रास्ते बंद करने से किसान व ग्रामीणों का आवागमन बंद होने का हवाला दिया है।
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