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Hathras Accident: या अल्लाह...कोख उजाड़कर तुझे क्या मिला, मासूमों की लाशें देख चीखों के ऐसे शोर ने चीरा कलेजा
Sat, 07 Sep 2024 09:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 07 Sep 2024 09:03 AM IST
सार
हाथरस हादसे ने आगरा के सैमरा गांव के पांच परिवारों की एक पीड़ी को ही उजाड़ दिया। मासूमों की लाशें देख चीखों का ऐसा शोर सुनाई दिया, जिसने कलेजे को चीर दिया।
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Hathras Accident
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
या अल्लाह, कोख उजाड़कर तुझे क्या मिला, छोटे बच्चों पर तो रहम करता। परिवार की महिलाओं के मुंह से रो-रोकर यही शब्द निकल रहे थे। मासूमों के शव बस्ती में पहुंचे, तो कोई भी अपने आंसू नहीं रोक सका। शान मोहम्मद ने हादसे में पत्नी, दो बेटे व एक बेटी को खो दिया। वह खुद को संभाल नहीं पा रहा था।
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तेली बस्ती की छोटी सी गली में रहने वाले शान मोहम्मद की दुनिया ही उजड़ गई। सड़क दुर्घटना में पांच परिवारों के सदस्य दुनिया से विदा हो गए। शान मोहम्मद के परिवार में चार सदस्यों की मौत हो गई। परिवार की महिलाओं की चीखें हर कलेजे को चीर रही थीं। बस्ती से 10 किमी दूर खंदौली तक घटना की चर्चा बनी रही।
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नहीं जले चूल्हे
एक ही खानदान के लोगों की मौत से सैमरा में मातम छा गया। हादसे की जानकारी जिसे हुई, वही सकते में आ गया। सैमरा के घरों में चूल्हे नहीं जले और पूरी रात गांव के लोग मृतकों के परिजन को ढांढस बंधाते रहे। पड़ोसी वसीम खान ने बताया कि गांव में करीब 8000 की आबादी है। पांचों भाइयों का परिवार गांव से ही किराए पर मैक्स गाड़ी करके चालीसा में गया था। पूरा गांव एकजुट होकर मृतकों के परिजन को सांत्वना दे रहा था।
एक ही खानदान के लोगों की मौत से सैमरा में मातम छा गया। हादसे की जानकारी जिसे हुई, वही सकते में आ गया। सैमरा के घरों में चूल्हे नहीं जले और पूरी रात गांव के लोग मृतकों के परिजन को ढांढस बंधाते रहे। पड़ोसी वसीम खान ने बताया कि गांव में करीब 8000 की आबादी है। पांचों भाइयों का परिवार गांव से ही किराए पर मैक्स गाड़ी करके चालीसा में गया था। पूरा गांव एकजुट होकर मृतकों के परिजन को सांत्वना दे रहा था।