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Agra News: डुप्लीकेट चाबियां बनाकर गोदाम से बेच दिया माल, कर्मचारी की हरकत ने उड़ाए फोम व्यापारी के होश

Sat, 24 Sep 2022 10:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 24 Sep 2022 10:11 PM IST
सार

थाना प्रभारी का कहना है कि मामला कर्मचारी की धोखाधड़ी का था। उच्च्चाधिकारियों के आदेश पर मुकदमा लिखा गया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में दोनों पक्षों को शांति भंग करने की आशंका पर पाबंद करने की कार्रवाई की गई थी।

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goods were sold from warehouse by making duplicate keys employee Fraud from foam trader
fraud new - फोटो : istock

विस्तार

आगरा के फोम व्यापारी को कर्मचारी ने ही 10 लाख रुपये का चूना लगा दिया। डुप्लीकेट चाबी बनाकर गोदाम से माल बेचने लगा। लेन-देन की पर्चियां भी चुरा लीं। इसके बाद दुकानदारों से रकम लेकर गबन कर लिया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस से शिकायत की पर कार्रवाई नहीं हुई। फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट लगा दी गई। एसएसपी से शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।

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हलका मदन, नाई की मंडी निवासी सुगम शिवहरे का सदर भट्ठी मार्ग पर फोम का गोदाम है। उनके यहां पर आदित्य शिवहरे उर्फ मनी काम करता था। आरोप है कि आदित्य ने गोदाम और काउंटर की दराज की डुप्लीकेट चाबी बना ली। वह माल बेचने लगा। दराज से लेन-देन की पर्चियां निकाल लीं। इसके बाद फर्जी रसीदें तैयार कर लीं। दुकानदारों के फर्जी बिल काटकर आठ से दस लाख रुपये का गबन कर लिया। इस बारे में पता चलने पर आदित्य से पूछताछ की। उसने चोरी करना कबूल कर लिया। इसकी रिकॉर्डिंग भी बनाई। उसने पेमेंट लाकर देने के लिए कहा। मगर, पेमेंट नहीं दिया। इस पर पुलिस से शिकायत की। थाना प्रभारी का कहना है कि मामला कर्मचारी की धोखाधड़ी का था। उच्च्चाधिकारियों के आदेश पर मुकदमा लिखा गया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में दोनों पक्षों को शांति भंग करने की आशंका पर पाबंद करने की कार्रवाई की गई थी।
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पुलिस ने फर्जी निस्तारण कर लगा दी रिपोर्ट

पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी कर्मचारी के संबंध एक नेता से हैं। इस कारण पुलिस से शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस पैसा वापस कराने के लिए दबाव बनाने लगी। पुलिस ने शिकायत के फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट लगा दी। साथ ही उल्टा उनके खिलाफ ही धारा 107-116 का नोटिस भेज दिया, जबकि उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। दो महीने तक मानसिक उत्पीड़न किया गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

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