{"_id":"69bc1b8b92aedf5c3b02b00f","slug":"gas-crisis-over-30-petha-manufacturing-units-shut-down-commercial-cylinder-supply-halted-for-10-days-2026-03-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गैस संकट: 30 से अधिक पेठा इकाइयां बंद, 10 दिनों से ठप है व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैस संकट: 30 से अधिक पेठा इकाइयां बंद, 10 दिनों से ठप है व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति
Thu, 19 Mar 2026 09:22 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 19 Mar 2026 09:22 PM IST
सार
उत्पादन घटने से पेठा के दाम बढ़ सकते हैं। फिलहाल सफेद पेठा थोक में 140 और पीला पेठा 190 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जानकारों के अनुसार, लागत बढ़ने से कीमतों में 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक उछाल आ सकता है। फुटकर में भी भाव बढ़ेगा जिसका सीधा असर खरीदार पर पड़ेगा।
विज्ञापन
बंद पड़ीं पेठा की भटि्ठयां।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पश्चिम एशिया में संघर्ष से बने गैस संकट के कारण चैत्र नवरात्र में ताजनगरी के प्रसिद्ध पेठा उद्योग को ग्रहण लग गया है। पिछले 10 दिनों से व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से नूरी गेट क्षेत्र की 30 से अधिक पेठा इकाइयां बंद हो गई हैं। दूसरी ओर ग्रीन गैस लिमिटेड के नए पीएनजी कनेक्शन न देने से उद्यमियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस दोहरी मार ने त्योहारी सीजन में पेठे की मिठास फीकी कर दी है।
पेठा के निर्माण में कच्चे पेठे को काटकर उबालने और चासनी में पकाने के लिए भारी मात्रा में ईंधन चाहिए होता है। ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में कोयला-लकड़ी पर प्रतिबंध के बाद उद्योग पूरी तरह गैस पर निर्भर है। आपूर्ति न होने से उत्पादन रुक गया है और सैकड़ों कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
बृहस्पतिवार से चैत्र नवरात्र शुरू होते ही बाजार में पेठे की मांग बढ़ गई, लेकिन स्टॉक की कमी से कीमतें चढ़ने लगी हैं। उत्पादन घट गया है। फिलहाल सफेद पेठा थोक में 140 और पीला पेठा 190 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जानकारों के अनुसार, लागत बढ़ने से कीमतों में 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक उछाल आ सकता है। फुटकर में भी भाव बढ़ेगा जिसका सीधा असर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेठा के निर्माण में कच्चे पेठे को काटकर उबालने और चासनी में पकाने के लिए भारी मात्रा में ईंधन चाहिए होता है। ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में कोयला-लकड़ी पर प्रतिबंध के बाद उद्योग पूरी तरह गैस पर निर्भर है। आपूर्ति न होने से उत्पादन रुक गया है और सैकड़ों कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार से चैत्र नवरात्र शुरू होते ही बाजार में पेठे की मांग बढ़ गई, लेकिन स्टॉक की कमी से कीमतें चढ़ने लगी हैं। उत्पादन घट गया है। फिलहाल सफेद पेठा थोक में 140 और पीला पेठा 190 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जानकारों के अनुसार, लागत बढ़ने से कीमतों में 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक उछाल आ सकता है। फुटकर में भी भाव बढ़ेगा जिसका सीधा असर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ेगा।
विज्ञापन
गैस ही एकमात्र समाधान
पेठा बनाने के लिए निरंतर तेज आंच की जरूरत होती है। वैकल्पिक ईंधन के अभाव में गैस ही एकमात्र सहारा है। सप्लाई न मिलने पर निर्माण प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो जाएगी। -राकेश मित्तल, पेठा कारोबारी
... तो दम तोड़ देगा उद्योग
एक तरफ सिलिंडर की किल्लत है और दूसरी ओर ग्रीन गैस नए कनेक्शन नहीं दे रही है। नवरात्र शुरू हो चुके हैं। बिना गैस माल कैसे तैयार होगा। अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो यह पारंपरिक उद्योग दम तोड़ देगा। -राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष, शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन
टूट रही सप्लाई चेन
10 दिनों की किल्लत ने पेठा उद्योग की कमर तोड़ दी है। प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। स्टॉक कम होने के कारण त्योहार पर पेठा महंगा होना तय है। -दिनेश शर्मा, थोक पेठा कारोबारी
नए कनेक्शन पर फिलहाल रोक
जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह का कहना है कि ग्रीन गैस और व्यापारियों की बैठक में कंपनी को पेठा के लिए पीएनजी देने का निर्णय हुआ था। वहीं, ग्रीन गैस के विपणन प्रबंधक किशन सिंह ने बताया कि पेठा इकाइयों ने पहले गैस लेने से मना कर दिया था। नए कनेक्शन पर फिलहाल रोक है।
ये भी पढ़ें-UP: सिर के काटे बाल, आंखों में डाला पेट्रोल, हाथ-पैर बांध पति ने बरपाया ऐसा कहर; महिला ने क्या कुछ नहीं झेला
पेठा बनाने के लिए निरंतर तेज आंच की जरूरत होती है। वैकल्पिक ईंधन के अभाव में गैस ही एकमात्र सहारा है। सप्लाई न मिलने पर निर्माण प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो जाएगी। -राकेश मित्तल, पेठा कारोबारी
... तो दम तोड़ देगा उद्योग
एक तरफ सिलिंडर की किल्लत है और दूसरी ओर ग्रीन गैस नए कनेक्शन नहीं दे रही है। नवरात्र शुरू हो चुके हैं। बिना गैस माल कैसे तैयार होगा। अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो यह पारंपरिक उद्योग दम तोड़ देगा। -राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष, शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन
टूट रही सप्लाई चेन
10 दिनों की किल्लत ने पेठा उद्योग की कमर तोड़ दी है। प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। स्टॉक कम होने के कारण त्योहार पर पेठा महंगा होना तय है। -दिनेश शर्मा, थोक पेठा कारोबारी
नए कनेक्शन पर फिलहाल रोक
जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह का कहना है कि ग्रीन गैस और व्यापारियों की बैठक में कंपनी को पेठा के लिए पीएनजी देने का निर्णय हुआ था। वहीं, ग्रीन गैस के विपणन प्रबंधक किशन सिंह ने बताया कि पेठा इकाइयों ने पहले गैस लेने से मना कर दिया था। नए कनेक्शन पर फिलहाल रोक है।
ये भी पढ़ें-UP: सिर के काटे बाल, आंखों में डाला पेट्रोल, हाथ-पैर बांध पति ने बरपाया ऐसा कहर; महिला ने क्या कुछ नहीं झेला