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Mathura: आभूषण खरीदने के नाम पर सराफ से 37 लाख रुपये की ठगी, दर्ज हुई एफआईआर

Sat, 13 Apr 2024 12:51 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 13 Apr 2024 12:51 PM IST
सार

आभूषण खरीदने के नाम पर एक सराफ को ठगी का शिकार बनाया गया। आभूषण तो ले लिए, लेकिन उनका भुगतान नहीं किया। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ है। 
 

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Fraud of lakhs of rupees in the name of buying jewellery
आभूषण - फोटो : सोशल मीडिया( जांच एजेंसी)

विस्तार

मथुरा के वृंदावन में एक सराफ के साथ सोने के आभूषण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सराफ ने लाखों की ठगी के मामले में न्यायालय के आदेश पर वृंदावन कोतवाली में एक नामजद समेत तीन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है।
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पागल बाबा मंदिर के पास स्थित गिर्राज नगर कॉलोनी निवासी लोकेश अग्रवाल पुत्र शंकरलाल अग्रवाल की कॉलोनी में ही आध्या ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। सराफ ने नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टर-2 निवासी नवीन चौरसिया पर आरोप है कि 17 अगस्त 2023 को वह दुकान पर आया और खुद को गाजियाबाद में सराफा कारोबारी बताते हुए 40 लाख रुपये के आभूषण का ऑर्डर दिया।
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सराफा व्यवसायी ने नवीन को गहनों की डिजाइन दिखाई जिसके बाद उसने हार, चूड़ी, कड़े, टॉप्स, पेंडिल, चेन आदि आभूषण पसंद किए। इनमें 566 ग्राम वजन के आभूषण बीस कैरेट तथा 90 ग्राम आभूषण 18 कैरेट के खरीदने पर सहमति बनी। इसके लिए नवीन ने 50 हजार रुपये एडवांस दिए और अपना पैन व आधार कार्ड जमा कराकर 10 दिन बाद माल ले जाने की बात कही। पीड़ित ने नामजद पर आरोप लगाया है कि 27 अगस्त को उसका फोन आया और कहा कि वह दुकान के बाहर कार में है।
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आभूषण लेकर आ जाओ, यहीं पर बकाया पेमेंट कर दिया जाएगा। लोकेश कर्मचारी वैजू निवासी सतोहा गोवर्धन के साथ कार के पास पहुंचे। जेवरात से भरा बैग देकर रकम मांगी तो नवीन ने 58 हजार रुपये और यश बैंक के दो चेक 21 लाख और 15 लाख के दिए और कहा कि उनका सब काम नंबर एक में होता है। चेकों को जब बैंक में लगाया तो पता चला कि नवीन ने भुगतान रोका हुआ है। उसके बाद आधार कार्ड की जानकारी करने पर उसके फर्जी होने की बात सामने आई।


37 लाख रुपये की ठगी के बाद सराफ 18 सितंबर को एसएसपी से मिले और प्रार्थना पत्र दिया। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर व्यवसायी ने न्यायालय के आदेश पर 11 अप्रैल को नवीन चौरसिया व उसके कार चालक के साथ एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार शाही ने बताया कि मामले की जांच उप निरीक्षक रणजीत सिंह को दी गई है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
 
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