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Agra News: दरोगा की हत्या के चार आरोपी न्यायालय से बरी
Sat, 17 Feb 2024 05:03 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 17 Feb 2024 05:03 PM IST
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दरोगा की हत्या के चार आरोपी न्यायालय से बरी
- जिला जज के न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव गैंती में चार साल पहले मामूली विवाद के बाद दरोगा की हत्या करने के चार आरोपी न्यायालय से बरी किए गए हैं। मुकदमे की सुनवाई करने के बाद बचाव पक्ष के वकील की दलीलों पर जिला जज सुधीर कुमार ने निर्णय सुनाया है।
गैंती निवासी राधाकृष्ण यादव फर्रुखाबाद जिले में पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर तैनात थे। वह 28 अप्रैल 2020 को पत्नी अनीतादेवी के साथ गांव में अपने घर के बाहर बैठे थे। उसी समय गांव के कश्मीर सिंह, अंकित यादव, हरदेव यादव, मंजीत यादव, गोविंद यादव उनके घर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद कश्मीर सिंह पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग की चपेट में आने से राधाकृष्ण और अनीता देवी घायल हो गए। राधाकृष्ण की सैफई में उपचार के दौरान मौत हो गई। राधाकृष्ण के पुत्र गौरव ने पांचों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने जांच करके पांचों लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर अंकित यादव, हरदेव यादव, मंजीत यादव, गोविंद यादव के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सका। बचाव पक्ष के वकील महेंद्र कुमार भारद्वाज ने आरोप साबित नहीं होने पर उनको बरी करने की दलील दी। जिला जज सुधीर कुमार ने अंकित यादव, हरदेव यादव, मंजीत यादव, गोविंद यादव को बरी कर दिया है।
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एक आरोपी को दोषी पाया गया
सिपाही राधाकृष्ण की हत्या करने के मामले में कश्मीर सिंह को दोषी पाया गया है। गवाही के आधार पर उसके खिलाफ राधाकृष्ण की हत्या का आरोप साबित होने पर उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। हत्या के आरोप में सजा सुनाने के लिए जिला जज सुधीर कुमार ने 21 फरवरी की तारीख तय कर दी है।
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- जिला जज के न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव गैंती में चार साल पहले मामूली विवाद के बाद दरोगा की हत्या करने के चार आरोपी न्यायालय से बरी किए गए हैं। मुकदमे की सुनवाई करने के बाद बचाव पक्ष के वकील की दलीलों पर जिला जज सुधीर कुमार ने निर्णय सुनाया है।
गैंती निवासी राधाकृष्ण यादव फर्रुखाबाद जिले में पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर तैनात थे। वह 28 अप्रैल 2020 को पत्नी अनीतादेवी के साथ गांव में अपने घर के बाहर बैठे थे। उसी समय गांव के कश्मीर सिंह, अंकित यादव, हरदेव यादव, मंजीत यादव, गोविंद यादव उनके घर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद कश्मीर सिंह पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग की चपेट में आने से राधाकृष्ण और अनीता देवी घायल हो गए। राधाकृष्ण की सैफई में उपचार के दौरान मौत हो गई। राधाकृष्ण के पुत्र गौरव ने पांचों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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पुलिस ने जांच करके पांचों लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर अंकित यादव, हरदेव यादव, मंजीत यादव, गोविंद यादव के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सका। बचाव पक्ष के वकील महेंद्र कुमार भारद्वाज ने आरोप साबित नहीं होने पर उनको बरी करने की दलील दी। जिला जज सुधीर कुमार ने अंकित यादव, हरदेव यादव, मंजीत यादव, गोविंद यादव को बरी कर दिया है।
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एक आरोपी को दोषी पाया गया
सिपाही राधाकृष्ण की हत्या करने के मामले में कश्मीर सिंह को दोषी पाया गया है। गवाही के आधार पर उसके खिलाफ राधाकृष्ण की हत्या का आरोप साबित होने पर उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। हत्या के आरोप में सजा सुनाने के लिए जिला जज सुधीर कुमार ने 21 फरवरी की तारीख तय कर दी है।