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Agra News: विदेशी प्रशिक्षुओं को दी बीमारियों पर होम्योपैथी के असर की जानकारी
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फरजाना स्थित पारीक होम्योपैथी रिसर्च सेंटर में आयोजित सेमिनार के समापन समारोह में शामिल विदेशी
आगरा। बाग फरजाना स्थित पारीक होम्योपैथिक फाउंडेशन में आयोजित सेमिनार रविवार को संपन्न हो गया। इसमें 40 विदेशी प्रशिक्षुओं ने सात दिन तक कैंसर, किडनी, लिवर समेत अन्य गंभीर रोगों में होम्योपैथी के असर के बारे में जानकारी हासिल की। सभी को प्रमाणपत्र दिए गए।
अंतरराष्ट्रीय होम्योपैथिक संघ के पहले भारतीय अध्यक्ष डॉ. आलोक पारीक ने बताया कि सेमिनार में कैंसर, किडनी, लिवर, मधुमेह, थायराइड समेत अन्य बीमारियों में होम्योपैथी के असर के बारे में व्याख्यान हुए। मरीजों पर हुए असर का केस स्टडी के तौर पर प्रस्तुतीकरण भी दिया। डॉ. आदित्य पारीक ने बताया कि मानसिक विकार और ऑटो इम्यून बीमारियों में भी होम्योपैथी असरदार है।
डॉ. नीतिका पारीक ने बताया कि सात दिवसीय सेमिनार में विभिन्न देशों के 40 प्रशिुक्षओं को होम्योपैथी का प्रशिक्षण दिया है। इसमें कई तो ऐलाेपैथी विशेषज्ञ भी हैं। पद्मश्री डॉ. आरएस पारीक ने होम्योपैथी की बारीकियां बताते हुए कहा कि इसका चलन देश के साथ ही विदेश में भी तेजी से बढ़ रहा है। ये गंभीर और असाध्य रोगों में भी कारगर साबित हो रही है। समापन पर विदेशी प्रशिक्षुओं ने उन्हें सम्मानित भी किया।
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अंतरराष्ट्रीय होम्योपैथिक संघ के पहले भारतीय अध्यक्ष डॉ. आलोक पारीक ने बताया कि सेमिनार में कैंसर, किडनी, लिवर, मधुमेह, थायराइड समेत अन्य बीमारियों में होम्योपैथी के असर के बारे में व्याख्यान हुए। मरीजों पर हुए असर का केस स्टडी के तौर पर प्रस्तुतीकरण भी दिया। डॉ. आदित्य पारीक ने बताया कि मानसिक विकार और ऑटो इम्यून बीमारियों में भी होम्योपैथी असरदार है।
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डॉ. नीतिका पारीक ने बताया कि सात दिवसीय सेमिनार में विभिन्न देशों के 40 प्रशिुक्षओं को होम्योपैथी का प्रशिक्षण दिया है। इसमें कई तो ऐलाेपैथी विशेषज्ञ भी हैं। पद्मश्री डॉ. आरएस पारीक ने होम्योपैथी की बारीकियां बताते हुए कहा कि इसका चलन देश के साथ ही विदेश में भी तेजी से बढ़ रहा है। ये गंभीर और असाध्य रोगों में भी कारगर साबित हो रही है। समापन पर विदेशी प्रशिक्षुओं ने उन्हें सम्मानित भी किया।
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