डरा रही चंबल: आगरा के 38 गांवों में बाढ़ का खतरा, उड़ी ग्रामीणों की नींद
राजस्थान में लगातार हो रही बारिश के कारण चंबल नदी उफान पर है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 121 मीटर हो गया, जो चेतावनी स्तर 127 मीटर से महज 6 मीटर नीचे है।
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राजस्थान में लगातार हो रही बारिश के कारण चंबल नदी उफान पर है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 121 मीटर हो गया, जो चेतावनी स्तर 127 मीटर से महज 6 मीटर नीचे है। पानी बढ़ने से बाह तहसील के 38 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने इन गांवों में अलर्ट भी जारी कर दिया है। लेखपालों को गांवों में ही रुकने और जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गांव वालों की उड़ी नींद
चंबल नदी के उफान ने तटवर्ती 38 गांवों के ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। वो रात भर जाग कर नदी के जलस्तर पर निगाह रखने के लिए मजबूर हैं। बुधवार को नदी का जलस्तर 121 मीटर हो गया, जो चेतावनी स्तर 127 मीटर से महज 6 मीटर नीचे है। वहीं जलस्तर बढ़ने पर बुधवार को चंबल नदी में स्टीमर का संचालन भी बंद कर दिया गया।
कोटो बैराज से छोड़ा गया पानी
चंबल नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से नदी किनारे के गांवों के लोग डरे हुए हैं। खतरे का निशान 130 मीटर पर है, जो 9 मीटर दूर है। राजस्थान में हो रही बारिश के दबाव में कोटा बैराज से 1.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की वजह से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। बीहड़ के निचले इलाके के खादर जलमग्न हो गए हैं।
लेखपालों को जलस्तर पर नजर रखने के दिए गए निर्देश
बाह के एसडीएम रतन वर्मा ने बताया कि चेतावनी स्तर तक चंबल का जलस्तर पहुंचने से पहले ही नदी किनारे के गांवों के लेखपालों को जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने के लिए 8 बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।