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Arms License: जिन शस्त्र लाइसेंस से की गई विदेशी पिस्टल और अन्य असलहों की खरीद-फरोख्त, उनकी फाइल गायब
Thu, 29 May 2025 11:53 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 29 May 2025 11:53 AM IST
सार
आगरा में फर्जी शस्त्र लाइसेंस का चौंकाने वाला खेल सामने आया है। जिन लाइसेंस के आधार पर नेशनल शूटर्स और अन्य आरोपियों ने विदेशी पिस्टल व अन्य असलहों की खरीद-फरोख्त की, उनकी फाइलें कलेक्ट्रेट रिकाॅर्ड रूम से गायब हैं।
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Arms License
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शस्त्र लाइसेंस की फाइल जो 500 रुपये में बननी चाहिए, वह 2000 रुपये में बन रही है। कलेक्ट्रेट स्थित संयुक्त कार्यालय में असलहा बाबू के पटल हैं। कार्यालय के बाहर ही स्टांप वेंडर वारिसान, स्थानांतरण, खेल व अन्य प्रकार के शस्त्र लाइसेंस की फाइल तैयार की जा रही है।
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फाइल पर डीएम की अनुमति के बाद जांच शुरू होती है। सबसे पहले फाइल को डीसीसी के माध्यम से संबंधित पुलिस चौकी, थाना, फिर एसीपी, डीसीआरबी, डीसीपी, तहसील व अन्य जगह रिपोर्ट के लिए भेजा जाता है। पुलिस जांच रिपोर्ट पर ही लाइसेंस जारी होता है। जन प्रहरी संयोजक नरोत्तम सिंह का कहना है कि पुलिस की रिपोर्ट में ही सबसे ज्यादा झोल भी होता है। पुलिस आवेदक का चरित्र सत्यापन करती है। फर्जी लाइसेंस से अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त गिरोह में कलेक्ट्रेट में तैनात पूर्व असलहा बाबू संजय कपूर को एसटीएफ ने आरोपी बनाया है।
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जिन लाइसेंस के आधार पर नेशनल शूटर्स और अन्य आरोपियों ने विदेशी पिस्टल व अन्य असलहों की खरीद-फरोख्त की, उनकी फाइलें कलेक्ट्रेट रिकाॅर्ड रूम से गायब हैं। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि इन फाइलों पर लगी डीएम या एडीएम की मुहर, हस्ताक्षर तक फर्जी हो सकते हैं। प्रशासन सभी शस्त्र लाइसेंस की जांच करा रहा है। शस्त्र लाइसेंस की नई फाइल बनाने पर भी इस कांड के बाद रोक लगा दी गई है।
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यूनिक नंबर से होगा लाइसेंस का सत्यापन
प्रभारी अधिकारी आयुध एडीएम सिटी अनूप कुमार ने बताया कि 52 हजार शस्त्र लाइसेंस की जांच कराई जा रही है। प्रत्येक लाइसेंस का यूनिक नंबर है। सभी लाइसेंस ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हैं। यूनिक नंबर से शस्त्र लाइसेंस की फाइलों का मिलान कराया जाएगा। जितने शस्त्र लाइसेंस बने हैं उनकी फाइल कलेक्ट्रेट में उपलब्ध हैं।
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प्रभारी अधिकारी आयुध एडीएम सिटी अनूप कुमार ने बताया कि 52 हजार शस्त्र लाइसेंस की जांच कराई जा रही है। प्रत्येक लाइसेंस का यूनिक नंबर है। सभी लाइसेंस ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हैं। यूनिक नंबर से शस्त्र लाइसेंस की फाइलों का मिलान कराया जाएगा। जितने शस्त्र लाइसेंस बने हैं उनकी फाइल कलेक्ट्रेट में उपलब्ध हैं।
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अपराध पीड़ितों को काटने पड़ रहे चक्कर
हाईकोर्ट ने अपराध पीड़ितों के शस्त्र लाइसेंस जारी करने के आदेश दिए थे, लेकिन कलेक्ट्रेट में अपराध पीड़ित शस्त्र लाइसेंस के लिए भटक रहे हैं। किसी के परिजन की हत्या हो चुकी है तो किसी गवाह को अपनी जान का खतरा है। पुलिस सुरक्षा उपलब्ध नहीं करा पा रही। आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस आवेदन की अनुमति तक नहीं मिल रही। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि नए शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे। सिर्फ वारिसान व स्थानांतरण लाइसेंस जारी होंगे।
हाईकोर्ट ने अपराध पीड़ितों के शस्त्र लाइसेंस जारी करने के आदेश दिए थे, लेकिन कलेक्ट्रेट में अपराध पीड़ित शस्त्र लाइसेंस के लिए भटक रहे हैं। किसी के परिजन की हत्या हो चुकी है तो किसी गवाह को अपनी जान का खतरा है। पुलिस सुरक्षा उपलब्ध नहीं करा पा रही। आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस आवेदन की अनुमति तक नहीं मिल रही। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि नए शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे। सिर्फ वारिसान व स्थानांतरण लाइसेंस जारी होंगे।