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किसानों के लिए बुरी खबर:डीएपी के बाद अब बाजार से यूरिया गायब, सहकारी समितियों पर लगे हैं ताले
Wed, 19 Nov 2025 09:51 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 19 Nov 2025 09:51 AM IST
सार
डीएपी के लिए किसानों ने लंबी लाइनें लगाईं, तो वहीं अब यूरिया की भी किल्लत शुरू हो गई है। बुवाई से पहले किसान यूरिया के लिए परेशान हैं। हालांकि कृषि अधिकारी का कहना है कि यूरिया की कोई कमी नहीं है।
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विस्तार
आगरा के बरौली अहीर क्षेत्र में मौजूद साधन सहकारी समितियों पर जहां ताला लगा है। दुकानों से भी यूरिया गायब है। किसान यूरिया के लिए भटक रहा है। क्षेत्र में दो सहकारी समितियों के अतिरिक्त लगभग एक दर्जन से अधिक दुकानें भी मौजूद है। ब्लॉक मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति पर डीएपी के बाद अब किसान यूरिया के लिए परेशान हैं। मगर वहां ताला लगा है।
बमरौली कटारा स्थिति सहकारी समिति का भी यही हाल है। वहां भी किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रहा है। गेहूं की बुवाई शुरू हो चुकी है। सरसों, आलू और सब्जी की फसल में खाद की जरूरत है। छोटे किसानों को एक से दो पैकेट यूरिया की आवश्यकता होती है। मगर उन्हें समिति और बाजार की दुकान दोनों जगह से निराशा मिल रही है। दुकानदार किसानों की मजबूरी को देखकर 300 रुपये पैकेट मिलने वाली यूरिया को बढ़े हुए दामों में बेच रहे हैं।
करभना निवासी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यूरिया न समिति पर मिल रही है न बाजार में जिससे फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। महुआखेड़ा खेड़ा निवासी मनोज कुमार ने बताया की बमरौली कटारा स्थिति साधन सहकारी समिति पर डीएपी और यूरिया की आपूर्ति न होने से किसान परेशान हैं।बुढेरा निवासी राजकुमार ने बताया की समितियों पर एक पैकेट यूरिया के लिए सुबह से शाम तक कतार में खड़ा होना पड़ता है उसके बाद मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
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जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जनपद में यूरिया की कोई कमी नहीं है। समिति और निजी दुकानों पर भी स्टाक उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद भी यदि किसानों को यूरियां नहीं मिल रही है तो वे अवगत कराएं उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। समितियों अथवा दुकानों पर वितरण ठीक से न होने की शिकायत मिलनें पर कार्रवाई तय है।
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बमरौली कटारा स्थिति सहकारी समिति का भी यही हाल है। वहां भी किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रहा है। गेहूं की बुवाई शुरू हो चुकी है। सरसों, आलू और सब्जी की फसल में खाद की जरूरत है। छोटे किसानों को एक से दो पैकेट यूरिया की आवश्यकता होती है। मगर उन्हें समिति और बाजार की दुकान दोनों जगह से निराशा मिल रही है। दुकानदार किसानों की मजबूरी को देखकर 300 रुपये पैकेट मिलने वाली यूरिया को बढ़े हुए दामों में बेच रहे हैं।
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करभना निवासी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यूरिया न समिति पर मिल रही है न बाजार में जिससे फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। महुआखेड़ा खेड़ा निवासी मनोज कुमार ने बताया की बमरौली कटारा स्थिति साधन सहकारी समिति पर डीएपी और यूरिया की आपूर्ति न होने से किसान परेशान हैं।बुढेरा निवासी राजकुमार ने बताया की समितियों पर एक पैकेट यूरिया के लिए सुबह से शाम तक कतार में खड़ा होना पड़ता है उसके बाद मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
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जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जनपद में यूरिया की कोई कमी नहीं है। समिति और निजी दुकानों पर भी स्टाक उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद भी यदि किसानों को यूरियां नहीं मिल रही है तो वे अवगत कराएं उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। समितियों अथवा दुकानों पर वितरण ठीक से न होने की शिकायत मिलनें पर कार्रवाई तय है।