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दूसरी लहर: एक सदस्य से पूरा परिवार हुआ संक्रमित, रूप बदलकर और घातक हुआ वायरस, पढ़िए पूरी खबर
Fri, 18 Jun 2021 12:05 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 18 Jun 2021 12:05 AM IST
सार
आगरा में कोरोना वायरस की पहली लहर में लगभग 25वें परिवार से एक-दो सदस्यों को भर्ती करने की नौबत पड़ रही थी। लेकिन दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण से ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आई।
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कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने खूब कहर बरपाया। एक के संक्रमित होने पर पूरे परिवार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऑक्सीजन का स्तर कम होने पर संक्रमित हर पांचवें परिवार में किसी एक सदस्य के अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
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मई तक 15 हजार संक्रमित मरीज मिले
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि पहली लहर में मार्च 2020 से मार्च 2021 करीब 10500 लोग संक्रमित हुए, इनमें से लगभग 20 से 25वें परिवार में सामूहिक रूप से संक्रमित मिल रहे थे और परिवार के एक सदस्य को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत पड़ रही थी, दूसरी लहर की बात करें तो अप्रैल से मई तक 15000 संक्रमित मरीज मिले और लगभग पूरा परिवार ही कोरोना की चपेट में आया, संक्रमित हर पांचवें परिवार में से एक सदस्य को अस्पताल भर्ती होना पड़ा। फेफडे़ खराब होने से मौतें भी ज्यादा हुईं
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रिपोर्ट निगेटिव पर फेफड़ों में मिला संक्रमण
एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि कोविड अस्पताल में ऐसे कई मरीज भर्ती हुए, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन फेफड़ों में संक्रमण मिला। इसी कारण कई मरीज देर से भी अस्पताल पहुंचे। सांस तक नहीं ले पा रहे थे, तत्काल आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा।
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वायरस आंतरिक बदलाव कर बना घातक
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि पहली लहर में संक्रमित मरीज से एक या दो ही लोग ही चपेट में आ रहे थे, लेकिन दूसरी लहर में यह कई गुना और तेजी से लोगों को संक्रमित करने लगा, इसकी वजह यह रही कि पहली लहर में के बाद वायरस ने आंतरिक बदलाव कर घातक रूप धर लिया, इससे संक्रमण की दर और मौतें ज्यादा हुईं।
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