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एडीए: फर्जी प्रमाणपत्र से ठेका हथियाने का खेल! दो फर्म तीन साल के लिए डिबार, जांच में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा

Wed, 09 Sep 2026 09:47 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 09 Sep 2026 09:47 AM IST
सार

आगरा विकास प्राधिकरण में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के नाम से जारी फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाकर ठेकेदारी पंजीकरण कराने का मामला सामने आया है। जांच में दस्तावेज फर्जी मिलने पर विनोद कुमार कुकरेजा की दो फर्मों को एडीए की निविदाओं में तीन साल के लिए डिबार कर दिया गया।
 

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Fake Experience Certificates Used for Contractor Registration, Two Firms Debarred for Three Years
आगरा विकास प्राधिकरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) में फर्जी दस्तावेज के सहारे पंजीकरण कराने और ठेके हासिल करने का मामला बढ़ता ही जा रहा है। डीएम कार्यालय से जारी फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र का उपयोग कर पंजीकरण कराकर टेंडर हथियाने का मामला शांत नहीं हुआ था कि दूसरा मामला आ गया।
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अब मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण का फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाकर बी श्रेणी में ठेकेदारी पंजीकरण कराने का मामला सामने आया है। जांच में मामला सामने आने के बाद एडीए प्रशासन ने ठेकेदार को तीन साल के लिए डिबार कर दिया है।
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ताजगंज निवासी विनोद कुमार कुकरेजा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंजीकरण के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की ओर से जारी तीन अनुभव प्रमाणपत्रों की छायाप्रतियां संलग्न की थीं। महिला ठेकेदार सरिता मिश्रा की फर्म एएस एंटरप्राइजेज के पंजीकरण नवीनीकरण के दौरान हुई गड़बड़ी के बाद सतर्क एडीए प्रशासन ने जब इन प्रपत्रों का मथुरा से सत्यापन कराया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
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मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने लिखित रूप से स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने मेसर्स हनुमान एंटरप्राइजेज को कोई अनुभव प्रमाणपत्र जारी नहीं किए हैं और जमा किए गए सभी दस्तावेज फर्जी हैं। जांच में कूटरचित दस्तावेजों की पुष्टि होते ही एडीए के मुख्य अभियंता ने कड़ा रुख अपनाया।


उन्होंने विनोद कुमार कुकरेजा की दोनों फर्मों मेसर्स हनुमान एंटरप्राइजेज और मेसर्स हरे कृष्णा एंटरप्राइजेज को तीन वर्षों के लिए एडीए की सभी निविदा प्रक्रियाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित (डिबार) कर दिया। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि सभी ठेकेदारों के दस्तावेज की जांच की जा रही है। जिसने भी फर्जीवाड़ा किया होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 
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