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तालाब सफाई की जानलेवा मांग: 78 दिनों से धरना दे रहे बुजुर्ग ने तोड़ा दम, तब दाैड़े-दाैड़े गांव में पहुंचे अफसर
Sun, 19 Apr 2026 03:50 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 19 Apr 2026 03:50 PM IST
सार
अधिकारियों की गाड़ियां गांव में दाखिल हुईं तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने उन्हें काले झंडे दिखाए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते जाग जाता, तो मिठ्ठनलाल आज जीवित होते।
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गांव में पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के अछनेरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रायभा के मजरा नगला लालदास में तालाब की गंदगी को लेकर चल रहा आंदोलन अब आक्रोश की ज्वाला में बदल गया है। पिछले 78 दिनों से धरने पर बैठे बुजुर्ग किसान मिट्ठनलाल की मौत के बाद नींद से जागा प्रशासन शनिवार को गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने भारी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों का घेराव किया और नारेबाजी की।
ग्रामीण 31 जनवरी से तालाब की सफाई और जलभराव के स्थायी समाधान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रशासन की उदासीनता का आलम यह रहा कि ढाई महीने बीत जाने के बाद भी किसी ने सुध नहीं ली। इसी दौरान धरने पर बैठे वृद्ध किसान मिठ्ठनलाल की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान की मौत की खबर से प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
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ग्रामीण 31 जनवरी से तालाब की सफाई और जलभराव के स्थायी समाधान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रशासन की उदासीनता का आलम यह रहा कि ढाई महीने बीत जाने के बाद भी किसी ने सुध नहीं ली। इसी दौरान धरने पर बैठे वृद्ध किसान मिठ्ठनलाल की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान की मौत की खबर से प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
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डीपीआरओ को दिखाए काले झंडे
मामले के तूल पकड़ने के बाद डीपीआरओ आगरा नीतेश भोंडले ब्लॉक सचिव के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे ही अधिकारियों की गाड़ियां गांव में दाखिल हुईं, ग्रामीणों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते जाग जाता, तो मिठ्ठनलाल आज जीवित होते। डीपीआरओ नीतेश भोंडले ने ग्रामीणों को शांत कराया और घोषणा की तालाब की तत्काल सफाई कराई जाएगी और पक्का निर्माण कराकर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। कार्य के लिए शीघ्र ही बजट आवंटित कर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की शिकायतों को अनसुना करने वाले लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच बैठाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समाधान तक जारी रहेगा सत्याग्रह
भले ही अधिकारी आश्वासन देकर लौट गए हों, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वे अब वादों पर भरोसा नहीं करेंगे। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक मौके पर काम शुरू नहीं होता और तालाब का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा।
मामले के तूल पकड़ने के बाद डीपीआरओ आगरा नीतेश भोंडले ब्लॉक सचिव के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे ही अधिकारियों की गाड़ियां गांव में दाखिल हुईं, ग्रामीणों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते जाग जाता, तो मिठ्ठनलाल आज जीवित होते। डीपीआरओ नीतेश भोंडले ने ग्रामीणों को शांत कराया और घोषणा की तालाब की तत्काल सफाई कराई जाएगी और पक्का निर्माण कराकर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। कार्य के लिए शीघ्र ही बजट आवंटित कर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की शिकायतों को अनसुना करने वाले लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच बैठाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समाधान तक जारी रहेगा सत्याग्रह
भले ही अधिकारी आश्वासन देकर लौट गए हों, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वे अब वादों पर भरोसा नहीं करेंगे। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक मौके पर काम शुरू नहीं होता और तालाब का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा।