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Agra News: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पदोन्नति में फर्जीवाड़े का खुलासा
Tue, 15 Jul 2025 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 15 Jul 2025 11:50 PM IST
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मैनपुरी। क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेश सिंह भदौरिया की लिपिक पद पर पदोन्नति का मामला गरमा गया है। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि पदोन्नति में फर्जी पत्रांक का इस्तेमाल किया गया है। कॉलेज प्रबंधन और प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति पूरी तरह से फर्जी है। इसके बाद से डीआईओएस कार्यालय पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
राजेश सिंह भदौरिया की पदोन्नति में जिस पत्रांक संख्या 47 का उल्लेख किया गया है, वह असल में मृतक आश्रित पद के लिए अनुरुद्ध सिंह के आवेदन पत्र से संबंधित है। कॉलेज ने डीआईओएस को राजेश सिंह भदौरिया की पदोन्नति से जुड़ा कोई पत्र भेजा ही नहीं था। आरटीआई के जवाब में कॉलेज ने बताया कि राजेश सिंह भदौरिया का पदोन्नति के लिए कोई आवेदन पत्र या सीसीसी (कंप्यूटर कांसेप्ट सर्टिफिकेट) की अनुमति का आवेदन विद्यालय के रिसीविंग रजिस्टर में दर्ज नहीं है। कॉलेज की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची में राजेश सिंह भदौरिया सातवें स्थान पर हैं, जो उनकी पदोन्नति को और भी संदिग्ध बनाता है। राजेश सिंह भदौरिया की पत्नी पूनम राठौर के खिलाफ भी आरसी इंटर कॉलेज में फर्जी तरीके से सहायक अध्यापिका बनने का आरोप है, जिसके लिए आगरा में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज कराई है।
मृतक आश्रित पद का दुरुपयोग
यह पूरा मामला क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में वरिष्ठ लिपिक अतुल लारेंस के निधन के बाद खाली हुए मृतक आश्रित पद से जुड़ा है। नियमानुसार इस पद पर सुप्रिया लारेंस की तैनाती होनी थी, लेकिन तत्कालीन डीआईओएस अजय कुमार सिंह ने चयन समिति के निर्णय को दरकिनार करते हुए मृतक आश्रित पद को पदोन्नति के माध्यम से भर दिया। इसी प्रक्रिया में राजेश सिंह भदौरिया को लिपिक के पद पर पदोन्नत किया गया, जिसके बाद सुप्रिया लारेंस की नियुक्ति आरसी इंटर कॉलेज में की गई।
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डीआईओएस कार्यालय पर सवाल
कॉलेज द्वारा दिए गए तथ्यों से राजेश सिंह भदौरिया की पदोन्नति पूरी तरह से कूटरचित साबित होती है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से डीआईओएस कार्यालय इस मामले में मेहरबान दिख रहा है। विभाग सब कुछ जानने के बावजूद अनजान बना हुआ है।
वर्जन
वर्तमान डीआईओएस सतीश कुमार ने कहा है कि मृतक आश्रित पद पर पदोन्नति उनके कार्यकाल में नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इस पदोन्नति से जुड़ी जानकारी पहले भी उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी। अब नए तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें शामिल कर पुनः जेडी माध्यमिक आगरा को भेजा जाएगा। जो भी निर्देश मिलेंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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राजेश सिंह भदौरिया की पदोन्नति में जिस पत्रांक संख्या 47 का उल्लेख किया गया है, वह असल में मृतक आश्रित पद के लिए अनुरुद्ध सिंह के आवेदन पत्र से संबंधित है। कॉलेज ने डीआईओएस को राजेश सिंह भदौरिया की पदोन्नति से जुड़ा कोई पत्र भेजा ही नहीं था। आरटीआई के जवाब में कॉलेज ने बताया कि राजेश सिंह भदौरिया का पदोन्नति के लिए कोई आवेदन पत्र या सीसीसी (कंप्यूटर कांसेप्ट सर्टिफिकेट) की अनुमति का आवेदन विद्यालय के रिसीविंग रजिस्टर में दर्ज नहीं है। कॉलेज की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची में राजेश सिंह भदौरिया सातवें स्थान पर हैं, जो उनकी पदोन्नति को और भी संदिग्ध बनाता है। राजेश सिंह भदौरिया की पत्नी पूनम राठौर के खिलाफ भी आरसी इंटर कॉलेज में फर्जी तरीके से सहायक अध्यापिका बनने का आरोप है, जिसके लिए आगरा में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज कराई है।
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मृतक आश्रित पद का दुरुपयोग
यह पूरा मामला क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में वरिष्ठ लिपिक अतुल लारेंस के निधन के बाद खाली हुए मृतक आश्रित पद से जुड़ा है। नियमानुसार इस पद पर सुप्रिया लारेंस की तैनाती होनी थी, लेकिन तत्कालीन डीआईओएस अजय कुमार सिंह ने चयन समिति के निर्णय को दरकिनार करते हुए मृतक आश्रित पद को पदोन्नति के माध्यम से भर दिया। इसी प्रक्रिया में राजेश सिंह भदौरिया को लिपिक के पद पर पदोन्नत किया गया, जिसके बाद सुप्रिया लारेंस की नियुक्ति आरसी इंटर कॉलेज में की गई।
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डीआईओएस कार्यालय पर सवाल
कॉलेज द्वारा दिए गए तथ्यों से राजेश सिंह भदौरिया की पदोन्नति पूरी तरह से कूटरचित साबित होती है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से डीआईओएस कार्यालय इस मामले में मेहरबान दिख रहा है। विभाग सब कुछ जानने के बावजूद अनजान बना हुआ है।
वर्जन
वर्तमान डीआईओएस सतीश कुमार ने कहा है कि मृतक आश्रित पद पर पदोन्नति उनके कार्यकाल में नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इस पदोन्नति से जुड़ी जानकारी पहले भी उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी। अब नए तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें शामिल कर पुनः जेडी माध्यमिक आगरा को भेजा जाएगा। जो भी निर्देश मिलेंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।