फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Despite the ban of the British government, Gandhiji held a meeting

अंग्रेज सरकार की रोक के बाद भी गांधी जी ने जिले में की थी सभा

Sat, 29 Jan 2022 11:57 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:57 PM IST
विज्ञापन
Despite the ban of the British government, Gandhiji held a meeting
मैनपुरी। भारत की आजादी के महानायक महात्मा गांधी मैनपुरी में भी जागरूकता के प्रेरणा स्त्रोत बने थे। गांधी जब मैनपुरी आए तो अंग्रेज नहीं चाहते थे कि वह लोगों में स्वाधीनता की ललक जगाएं, इसलिए सभा करने की अनुमति नहीं दी गई थी। फिर भी बापू आए तो स्वागत कार्यक्रम ही सभा में तब्दील हो गया। ब्रिटिश हुकूमत के कारिंदे हजारों की भीड़ के सामने बेबस हो गए। वंदे मातरम के जयघोषों से आंदोलन की नई भावना का संचार हुआ।
विज्ञापन

महात्मा गांधी का मैनपुरी आगमन 20 सितंबर 1929 को हुआ था। इकहरे बदन पर धोती और चादर लपेटे वह पदयात्रा करते हुए मैनपुरी की सीमा में दाखिल हुए थे। उनके आगमन की जानकारी मिलने पर गोरी सरकार बेचैन हो गई। अफसरों ने गांधी को जिले में कोई भी सभा न करने का फरमान सुनाया। स्थानीय लोगों को भी इस संबंध में हिदायत दे दी गई थी। लोगों ने जब ज्यादा अनुरोध किया तो मिशन स्कूल (जो अब क्रिश्चियन इंटर कालेज है) में छोटा सा स्वागत कार्यक्रम करने की अनुमति दी गई थी। इसके लिए 15 मिनट का समय निर्धारित किया गया था। परंतु गांधी के आगमन के साथ ही भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। कार्यक्रम में गांधीजी को 100 रुपये की थैली भेंट की गई। क्रिश्चियन इंटर कालेज और आर्य समाज मंदिर के बीच केवल एक दीवार का फासला था। जब कॉलेज से निकलकर गांधी जी आर्य समाज मंदिर पहुंचे, तब तक हजारों की संख्या में लोग वहां जुट चुके थे। बापू को प्रणाम करने और उनकी एक झलक देखने के लिए लोग मिशन स्कूल की दीवारों, छतों के अलावा आर्य समाज मंदिर में लगे वृक्षों तक पर चढ़ गए थे। पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी।
विज्ञापन

-----
साहित्यकार श्रीकृष्ण मिश्र बताते हैं कि रोक के बाद भी जब गांधी जी के समर्थन में भीड़ पहुंची तो अंग्रेज सरकार के हाथ-पैर फूल गए थे। अंग्रेज सरकार के अफसर आजादी के दीवानों का जुनून देख मूकदर्शक बनकर खड़े रहे। गांधी जी के खड़े होते ही उत्साही भीड़ वंदे मातरम का जयघोष करने लगी। जयघोष इतना तीव्र हो गया कि खुद गांधी जी को लोगों को शांत करना पड़ा। स्टेशन रोड स्थित आर्य समाज मंदिर परिसर में गांधी जी ने जिलेवासियों से अहिंसा के जरिए आजादी के आंदोलन से जुड़ने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन

ढहा दी गई थी सवर्ण और अनुसूचितों के बीच की दीवार
श्रीकृष्ण मिश्र बताते हैं कि 1929 में शहर की नगर पालिका परिसर में सवर्ण और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए अलग-अलग स्कूलों का संचालन होता था। गांधी जी को जब यह बात पता चली तो उन्होंने कहा कि जब तक आप लोग छुआछूत पर जीत हासिल नहीं करते तब तक मैं आजादी की लड़ाई नहीं जीत सकता। गांधी जी के आह्वान पर तत्कालीन नगर पालिका के सभासद शंभुदयाल शुक्ला उठ खड़े हुए और इस दाग को मिटाने का प्रण लिया। बाद में एकजुट हो सवर्णों ने खुद ही अनुसूचित जाति के लिए अलग से बने विद्यालय को ढहा दिया। उनके बच्चों के दाखिले भी सवर्णों के स्कूलों में करा दिए गए थे। शंभुदयाल ने अनुसूचित जाति के बच्चों को बेहतर अंक लाने पर कई वर्षों तक गोल्ड मेडल प्रदान किए।
भोगांव मिडिल स्कूल में सभा के दौरान भेंट की गई थी थैली
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जगदीश नारायण त्रिपाठी के भतीजे और शहीद मेला बेवर के संयोजक राज त्रिपाठी बताते हैं कि 20 सितंबर 1929 को शिकोहाबाद, भारौल, दन्नाहार, मैनपुरी के बाद भोगांव के मिडिल स्कूल में भी महात्मा गांधी ने सभा की थी। इस सभा में जिले के लोगों ने उन्हें चंदे के रूप में थैली भेंट की थी।

महात्मा गांधी को मैं अपना आदर्श मानता हूं। गांधी जी ने अहिंसा के बल ब्रिटिश सरकार की जड़ें उखाड़ने का कार्य किया था।
अमन कुमार, नगला दशरथ
गांधीजी के आह्वान पर लाखों लोग आजादी की लड़ाई में कूद पड़े थे। किताबों से मिली यह जानकारी मेरे लिए महत्वपूर्ण है।
अंशु यादव, रठेरा
किसी भी लड़ाई को जीतने के लिए सेना नायक की जरूरत होती है। गांधीजी भी आजादी की लड़ाई के सेना नायक थे। उनके द्वारा चलाए गए आंदोलन इसका उदाहरण हैं।
कृष्णा, हरिसिंहपुर
महात्मा गांधी के जीवन चरित्र से यह सीख मिलती है कि किसी भी ताकतवर को सत्य के रास्ते पर चलकर हराया जा सकता है। जैसा कि गांधी जी ने अंग्रेजों का हराकर किया।
अमन कुमार, नगला हिम्मत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed