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सूतक लगते ही बंद हो गए मंदिरों के कपाट
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मैनपुरी। जिले में मंगलवार की शाम साढ़े चार बजे सूतक लगने के कारण मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। गुरु पूर्णिमा पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रम भी शाम चार बजे तक संपन्न कराए गए।
मंगलवार रात को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर सूतक काल दोपहर बाद साढ़े चार बजे से शुरू हो गया था। हिंदू परंपरा के अनुसार सूतक काल में धार्मिक कार्यक्रम और पूजापाठ वर्जित है। इसके तहत मंगलवार को दोपहर होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए।
मंगलवार होने के कारण सुबह के समय भक्तों ने हनुमान जी की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके अलावा सूतक काल शुरू होने से पहले गुुरु पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, पूजन सहित भंडारा आदि संपन्न कर लिए गए। वहीं, चंद्र ग्रहण देखने के लिए युवाओं पर खासा उत्साह रहा।
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मंगलवार रात को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर सूतक काल दोपहर बाद साढ़े चार बजे से शुरू हो गया था। हिंदू परंपरा के अनुसार सूतक काल में धार्मिक कार्यक्रम और पूजापाठ वर्जित है। इसके तहत मंगलवार को दोपहर होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए।
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मंगलवार होने के कारण सुबह के समय भक्तों ने हनुमान जी की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके अलावा सूतक काल शुरू होने से पहले गुुरु पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, पूजन सहित भंडारा आदि संपन्न कर लिए गए। वहीं, चंद्र ग्रहण देखने के लिए युवाओं पर खासा उत्साह रहा।
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