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क्राइम ब्राच से हटाए गए सिपाहियों की बनेगी कुंडली

Sat, 08 Apr 2017 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Sat, 08 Apr 2017 01:29 AM IST
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soldiers removed from crime bratch
पु‌लिस - फोटो : file photo
पिछले पांच सालों में क्राइम ब्रांच और एसओजी से हटाए गए सभी सिपाहियों की पूरी कुंडली तैयार की जाएगी। क्यों हटाए गए थे? हटाए जाने के बाद कहां तैनात किए गए? उन्हें आवंटित किए गए असलहा को जमा कराया गया या नहीं? अगर असलहा उनके ही पास हैं तो किसके आदेश हैं? ऐसे तमाम सवालों का फार्मेट बनाया गया है। इसे डीआईजी महेश कुमार मिश्र ने रेंज के चारों कप्तानों को भेजा है। डिटेल मिल जाने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि एसओजी और क्राइम ब्रांच से स्थानांतरित किए गए सिपाहियों के बारे में लगातार शिकायतें आ रही हैं। ये सिपाही जिन थानों में तैनात किए गए, वहां पुलिस वर्दी में नहीं, सिविल यूनिफार्म में काम कर रहे हैं। ठीक वैसे ही जैसे क्राइम ब्रांच वाले चलते हैं। इन्हें क्राइम ब्रांच या एसओजी में रहते समय जो असलहा आवंटित किए गए थे, उन्हें भी जमा नहीं कराया है। साथ लेकर ही चलते हैं।
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सबसे गंभीर शिकायत यह है कि थानों के लिए काम ही नहीं कर रहे। क्राइम ब्रांच में रहने के दौरान जिन सटोरियों, जुआरिओं और अन्य अवैध काम करने वालों पर काम कर रहे थे, अभी भी उसी में लगे हैं। थाने से किसी मामले में वहां के लिए रवानगी करा लेते हैं और फिर वहीं पड़े रहते हैं। इसमें उगाही भी कर रहे हैं। इसके चलते इनकी पूरी कुंडली तैयार कराई जा रही है। कुछ ऐसे भी हैं, जो थाना प्रभारियों के हमराह बन गए हैं। इनके दम पर कई थाना प्रभारियों ने अपनी-अपनी एसओजी बना रखी है। फार्मेट में यह कॉलम भी है कि इनके खिलाफ कब-कब क्या-क्या कार्रवाई हुई है। यह भी कि क्या-क्या शिकायत मिली थी? इस ब्योरे के मिल जाने केबाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रेंज से बाहर हो सकता है ट्रांसफर
आगरा। जिलों से ब्योरा मिल जाने के बाद रेंज कार्यालय पर उसका अध्ययन किया जाएगा। जिन सिपाहियों के खिलाफ ज्यादा शिकायतें हैं, उनका तबादला रेंज के बाहर किया जा सकता है। उधर आईजी सुजीत पांडे ने पहले ही 80 सिपाहियों की सूची तैयार करा ली है। इनमें से कई ऐसे हैं, जिनके खिलाफ शिकायतें हैं। इन्हें जोन के भीतर ही दूसरे जिलों में भेजा जा रहा है।



क्राइम ब्रांच और एसओजी से हटाए गए सिपाहियों की डिटेल तैयार कराई जा रही है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि एक जिले में एक ही क्राइम ब्रांच और एक ही एसओजी रहेगी।
महेश कुमार मिश्र, डीआईजी
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