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रंजिश में फायरिंग के बाद पुलिस का कहर
ब्यूरो अमर उजाला, बाह (आगरा)
Updated Fri, 11 Dec 2015 02:05 AM IST
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महुआशाला गांव में चुनाव की रंजिश मेें फायरिंग की घटना के बाद थाना खेड़ा राठौर पुलिस ने दबिश के नाम पर घरों में कहर बरपाया। जमकर तोड़फोड़ की। महिलाओं से मारपीट की और कपड़े तक फाड़ दिए। तकरीबन तीन घंटे तक पुलिस ने तोड़फोड़ की। देर शाम सीओ अखिलेश भदौरिया और एसडीएम उमाशंकर गांव पहुंचे। वहीं गोली लगने से घायल मान सिंह को आगरा रेफर किया गया है।
महुआशाला गांव में राजेंद्र, प्रकाश और उम्मेद सिंह प्रधान पद के प्रत्याशी हैं। बुधवार को मतदान के दौरान प्रकाश और राजेंद्र पक्ष में फर्जी वोटिंग पर नोकझोंक हो गई थी। दोनों पक्षों ने थाने में सुलहनामा कर लिया था। गुरुवार सुबह 10:30 बजे राजेंद्र पक्ष के मान सिंह (22) पुत्र उमाशंकर से प्रकाश पक्ष के लोगों ने मारपीट कर दी। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट के बाद फायरिंग हुई। गोली लगने से मान सिंह घायल हो गया। तभी मौके पर थाना खेड़ा राठौर, जैतपुर और बासौनी थाना की पुलिस आ गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में सबसे पहले गांव के प्रकाश के घर में दबिश दी। घर पर सो रहे उसके बेटे योगेंद्र (15) को खींचकर ले जाने लगे। आरोप है कि प्रकाश की पत्नी कुसुमा ने बचाने का प्रयास किया तो उसकी पिटाई की। घर में रखी कुर्सी, चूल्हे, टीवी आदि सामान तोड़ दिया।
कुसुमा ने पुलिस पर लूट का आरोप भी लगाया है। इसके बाद पुलिस ने छन्नूलाल, भूरेलाल के घर का दरवाजा तोड़ दिया। विरोध करने पर महिलाओं से धक्का मुक्की और गालीगलौज की। आरोप है कि लेखराज के घर में घुसकर उनकी पत्नी राधा देवी और पुत्रवधू मंजू से अभद्रता की। बचाने आई बीमार नातिन सपना को धक्का दे दिया। इससे वह बेहोश हो गई। राजेश के घर में भी उसकी पत्नी मंजू पर भी लाठियां बरसाईं। इसके बाद पुलिस ने अन्य घरों में भी तोड़फोड़ की।
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एसओ खेड़ा राठौर वीरेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी थी। तोड़फोड़ और मारपीट की बात गलत है।
घायल के घरवालों को ही उठाया
बाह। गांव में दबिश के दौरान पुलिस ने घायल युवक मान सिंह के भाई रामेंद्र, भारत, दादा बलवीर, चाचा राजू को हिरासत में ले लिया।
शिकायत के बाद भी हथियार नहीं किए बरामद
बाह। गांव के लोगों के हथियार थाने में जमा हैं। फिर भी महुआशाला में फायरिंग हो गई। घायल मान सिंह के घरवालों का कहना है कि मतदान से एक दिन पहले पुलिस को गलियों में असलाहधारी लोगों के घूमने की जानकारी दी थी। तब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
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महुआशाला गांव में राजेंद्र, प्रकाश और उम्मेद सिंह प्रधान पद के प्रत्याशी हैं। बुधवार को मतदान के दौरान प्रकाश और राजेंद्र पक्ष में फर्जी वोटिंग पर नोकझोंक हो गई थी। दोनों पक्षों ने थाने में सुलहनामा कर लिया था। गुरुवार सुबह 10:30 बजे राजेंद्र पक्ष के मान सिंह (22) पुत्र उमाशंकर से प्रकाश पक्ष के लोगों ने मारपीट कर दी। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट के बाद फायरिंग हुई। गोली लगने से मान सिंह घायल हो गया। तभी मौके पर थाना खेड़ा राठौर, जैतपुर और बासौनी थाना की पुलिस आ गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में सबसे पहले गांव के प्रकाश के घर में दबिश दी। घर पर सो रहे उसके बेटे योगेंद्र (15) को खींचकर ले जाने लगे। आरोप है कि प्रकाश की पत्नी कुसुमा ने बचाने का प्रयास किया तो उसकी पिटाई की। घर में रखी कुर्सी, चूल्हे, टीवी आदि सामान तोड़ दिया।
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कुसुमा ने पुलिस पर लूट का आरोप भी लगाया है। इसके बाद पुलिस ने छन्नूलाल, भूरेलाल के घर का दरवाजा तोड़ दिया। विरोध करने पर महिलाओं से धक्का मुक्की और गालीगलौज की। आरोप है कि लेखराज के घर में घुसकर उनकी पत्नी राधा देवी और पुत्रवधू मंजू से अभद्रता की। बचाने आई बीमार नातिन सपना को धक्का दे दिया। इससे वह बेहोश हो गई। राजेश के घर में भी उसकी पत्नी मंजू पर भी लाठियां बरसाईं। इसके बाद पुलिस ने अन्य घरों में भी तोड़फोड़ की।
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एसओ खेड़ा राठौर वीरेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी थी। तोड़फोड़ और मारपीट की बात गलत है।
घायल के घरवालों को ही उठाया
बाह। गांव में दबिश के दौरान पुलिस ने घायल युवक मान सिंह के भाई रामेंद्र, भारत, दादा बलवीर, चाचा राजू को हिरासत में ले लिया।
शिकायत के बाद भी हथियार नहीं किए बरामद
बाह। गांव के लोगों के हथियार थाने में जमा हैं। फिर भी महुआशाला में फायरिंग हो गई। घायल मान सिंह के घरवालों का कहना है कि मतदान से एक दिन पहले पुलिस को गलियों में असलाहधारी लोगों के घूमने की जानकारी दी थी। तब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।