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आयकर जांच के फंदे में शैलेंद्र से लेन-देन वाले
अमित कुलश्रेष्ठ/आगरा
Updated Sat, 13 Jun 2015 02:22 AM IST
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शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी के मामलों में 27 एफआईआर बेशक दर्ज
हैं, लेकिन 97 लोगों को उसने तगड़ा चूना लगाया है। पुलिस के पास इनका
ब्योरा मौजूद है, जिन्होंने शैलेंद्र को ट्रांसफर, पोस्टिंग, आलू में निवेश
सहित लखनऊ के काम के नाम पर पैसे दिए थे। डीआईजी कार्यालय से आयकर विभाग
की इन्वेस्टिगेशन विंग ने इन सभी लोगों के बैंक खातों, इनकम टैक्स रिटर्न
का मिलान किया तो ‘सच’ सामने आ गया। शैलेंद्र अग्रवाल के सभी बैंक खातों के
अलावा कारोबारियों, अधिकारियों के हर ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा
रही है। इस सूची में सबसे ज्यादा अधिकारी शामिल हैं। उनके बाद कोल्ड
स्टोरेज मालिक और एक्सप्रेस वे के पास के रहने वाले नव धनाढ्य। एक से दो
करोड़ रुपये देने वालों की संख्या इस सूची में ज्यादा है। इस लिहाज से
शैलेंद्र ने करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लोगों को लगाया है।
आयकर विभाग की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं, लेकिन अभी
उनका परीक्षण चल रहा है। शैलेंद्र से पूछताछ होने पर 100 करोड़ का आंकड़ा
300 करोड़ तक पहुंचने से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस कस्टडी से निकले तो हो पूछताछ
आगरा। शैलेंद्र अग्रवाल के साथ कैश का लेन-देन करने वालों की लंबी फेहरिस्त है। पुलिस कस्टडी से शैलेंद्र के बाहर आने पर आयकर विभाग की जांच पूरी तरह से शुरू होगी। आयकर विभाग इस समय न तो सर्वे कर सकता है और न ही सर्च की कार्रवाई। ज्यादातर कागजात, कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप, हार्डडिस्क भी पुलिस के पास हैं। कई कागजात ऐसे हैं, जो आयकर विभाग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पुलिस कस्टडी से निकले तो हो पूछताछ
आगरा। शैलेंद्र अग्रवाल के साथ कैश का लेन-देन करने वालों की लंबी फेहरिस्त है। पुलिस कस्टडी से शैलेंद्र के बाहर आने पर आयकर विभाग की जांच पूरी तरह से शुरू होगी। आयकर विभाग इस समय न तो सर्वे कर सकता है और न ही सर्च की कार्रवाई। ज्यादातर कागजात, कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप, हार्डडिस्क भी पुलिस के पास हैं। कई कागजात ऐसे हैं, जो आयकर विभाग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।