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सहारनपुर डकैती: इंस्पेक्टर ललित ने जीआरपी में बना लिया था गिरोह, वर्दी में करता था वारदात
Sun, 19 May 2019 02:56 PM IST
मुकेश कुमार
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 19 May 2019 02:56 PM IST
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जीआरपी आगरा का इंस्पेक्टर ललित त्यागी
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में डकैती के आरोप में गिरफ्तार इंस्पेक्टर ललित त्यागी ने आगरा जीआरपी में पूरा गिरोह तैयार कर लिया था। इसमें मुखबिर थे और लूट करने के लिए सिपाही भी। जीआरपी में अब इसकी चर्चा हो रही है कि ये लोग रात को लंबे हाथ मारने के लिए दूर-दूर तक जाते थे। सहानरपुर पुलिस ने खुलासा भी यही किया है कि दो सिपाही और इंस्पेक्टर ने पूरा गिरोह बनाकर लूट की वारदात की है।
ललित त्यागी पहले जीआरपी थाने में तैनात था। वहीं पर उसके साथ सिपाही रिंकू और शायर बेग भी तैनात थे। बाद में तीनों का तबादला जीआरपी के कंट्रोल रूम में हुआ। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ललित की ऊपर तक सेटिंग है। सिपाहियों का अपने साथ तबादला उसके ही प्रयास से हुआ था। दोनों सिपाही अभी फरार हैं।
जीआरपी सूत्रों का कहना है कि इन तीनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी गई है। सहारनपुर पुलिस ने इनकी तीन महीने की कॉल डिटेल और लोकेशन मालूम करके बताने के लिए कहा है। इससे पता चलेगा कि ये तीनों कहां-कहां पर जाते थे?
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इनकी ड्यूटी कंट्रोल रूम में है तो एक साथ क्यों दूर-दूर तक जाते थे? इस गिरोह में शहीद नगर के बशीर खान का काम शिकार ढूंढकर लाने का था। वह दलाली कर रहा था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता था। सहारनपुर पुलिस की जांच में अभी और खुलासे हो सकते हैं।
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ललित त्यागी पहले जीआरपी थाने में तैनात था। वहीं पर उसके साथ सिपाही रिंकू और शायर बेग भी तैनात थे। बाद में तीनों का तबादला जीआरपी के कंट्रोल रूम में हुआ। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ललित की ऊपर तक सेटिंग है। सिपाहियों का अपने साथ तबादला उसके ही प्रयास से हुआ था। दोनों सिपाही अभी फरार हैं।
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जीआरपी सूत्रों का कहना है कि इन तीनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी गई है। सहारनपुर पुलिस ने इनकी तीन महीने की कॉल डिटेल और लोकेशन मालूम करके बताने के लिए कहा है। इससे पता चलेगा कि ये तीनों कहां-कहां पर जाते थे?
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इनकी ड्यूटी कंट्रोल रूम में है तो एक साथ क्यों दूर-दूर तक जाते थे? इस गिरोह में शहीद नगर के बशीर खान का काम शिकार ढूंढकर लाने का था। वह दलाली कर रहा था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता था। सहारनपुर पुलिस की जांच में अभी और खुलासे हो सकते हैं।
मोबाइल की फोरेंसिक जांच से खुलेगा पूरा राज
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार इंस्पेक्टर ललित और उसके फरार साथियों के मोबाइल फोन की फोरेसिंक जांच कराई जाएगी। इन्होंने जो डाटा डिलीट कर दिया था, उसे रिकवर किया जाएगा।
इससे पता चलेगा कि ये लोग किस किसके संपर्क में थे? कहां-कहां जाते थे? इनके व्हाट्स एप मैसेज भी रिकवर कराए जाएंगे। इस मामले में डीजीपी ओपी सिंह बेहद सख्त बताए जाते हैं। उन्होंने ललित त्यागी के बारे में जीआरपी के अधिकारियों से पूरी जानकारी की है।
गिरफ्तार किया गया इंस्पेक्टर ललित त्यागी आगरा में लंबे समय तैनात रहा है। इस दौरान वह काफी चर्चा में रहा। उस पर कई आरोप लगे। कई शिकायत की गई लेकिन जांच में वह बच निकलता था। अफसरों की मेहरबानी भी ऐसी रही कि उसकी पोस्टिंग बार-बार आगरा होती रही।
इससे पता चलेगा कि ये लोग किस किसके संपर्क में थे? कहां-कहां जाते थे? इनके व्हाट्स एप मैसेज भी रिकवर कराए जाएंगे। इस मामले में डीजीपी ओपी सिंह बेहद सख्त बताए जाते हैं। उन्होंने ललित त्यागी के बारे में जीआरपी के अधिकारियों से पूरी जानकारी की है।
गिरफ्तार किया गया इंस्पेक्टर ललित त्यागी आगरा में लंबे समय तैनात रहा है। इस दौरान वह काफी चर्चा में रहा। उस पर कई आरोप लगे। कई शिकायत की गई लेकिन जांच में वह बच निकलता था। अफसरों की मेहरबानी भी ऐसी रही कि उसकी पोस्टिंग बार-बार आगरा होती रही।
आगरा में लंबे समय से तैनात रहा
ललित इंस्पेक्टर बनने से पहले ट्रैफिक पुलिस में लंबे समय रहा। हरीपर्वत थाना की देहली गेट चौकी का प्रभारी रहा। उसके पास डौकी थाने का चार्ज भी रहा। इस दौरान एक मामले में डौकी थाना पुलिस पर आरोप लगा कि लुटेरे से बरामद सोने की चेन को बदलकर पीतल की रख दी।
ट्रैफिक पुलिस में भी तमाम शिकायतें आईं लेकिन जांच में निपटा दी गईं। जीआरपी में पहले भी तैनात रह चुका था। अब दोबारा तैनाती हुई थी। इस बार जीआरपी में डायल 100 के कंट्रोल रूम में प्रभारी के पद पर तैनात था। इस बार उसने बहुत लंबा हाथ मार लिया तो हर तरफ चर्चा हो रही है। वो मूल रूप से बिजनौर के करौदा चौधर गांव का रहने वाला है।
ट्रैफिक पुलिस में भी तमाम शिकायतें आईं लेकिन जांच में निपटा दी गईं। जीआरपी में पहले भी तैनात रह चुका था। अब दोबारा तैनाती हुई थी। इस बार जीआरपी में डायल 100 के कंट्रोल रूम में प्रभारी के पद पर तैनात था। इस बार उसने बहुत लंबा हाथ मार लिया तो हर तरफ चर्चा हो रही है। वो मूल रूप से बिजनौर के करौदा चौधर गांव का रहने वाला है।