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चाची ने की थी भतीजे आशु की हत्या
चाची ने की थी भतीजे आशु की हत्या
Updated Sun, 16 Apr 2017 01:20 AM IST
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चाची ने की थी भतीजे आशु की हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एत्मादपुर के सराफ श्रीभगवान वर्मा के चार साल के बेटे आशु की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी सगी चाची डॉली ने ही की थी। 15 दिन पहले घर के बंटवारे को लेकर हुए झगड़े में हुए अपमान का बदला लेने के लिए उसने अपने हाथ भतीजे के खून से रंग लिए। परिवारीजनों को उस पर शुरू से ही शक था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि आशु शुक्रवार दोपहर को दो बजे से लापता हो गया था। शाम छह बजे परिवारीजनों ने थाने में तहरीर दी थी। रात तकरीबन 10 बजे आशू का शव बोरी में घर के बराबर में खाली प्लाट में मिला था। श्रीभगवान वर्मा ने अपने छोटे भाई रंजीत की पत्नी डौली के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपी डौली को हिरासत में लेकर पूछताछ की। एसपीआरए मंशाराम गौतम ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में डौली ने बताया कि उसके पति रंजीत पर कर्ज हो गया था। इस कारण रुपयों की जरूरत थी। होली पर चार भाइयों की सवा बीघा जमीन में से उसके हिस्से की जमीन की रकम देने का कहा था। मगर, श्रीभगवान ने मना कर दिया। रंजीत और उसके परिवार को घर से बाहर निकाल दिया। डौली को भी खरीखोटी सुनाई थी। वह अपमान का घूंट पीकर रह गई। हालांकि बाद में बहनोई ने आकर शाम को घर में प्रवेश दिला दिया था। डौली तब से ही श्रीभगवान के परिवार के लिए गुस्से में थी। 15 दिन पहले भी भाइयों में झगड़ा हो गया। उसकी जिठानी से भी बिगड़ गई थी।
शुक्रवार दोपहर को आशु अपनी आठ वर्षीय बहन शिवांगी, चचेरे भाई प्रिंस के साथ दूसरी मंजिल पर बरामदे में खेल रहा था। वहीं डौली का कमरा है। चार बजे शिवांगी खेलने के बाद नीचे चली गई। आशु को डौली ने अपने पास सुला लिया। उसके दोनों बेटे भी पास ही सो रहे थे। तभी डौली ने आशु का गला दबाकर हत्या कर दी। एक बोरी में लाश को रखकर बंद कर दिया। मौका देखकर उसे छत से नीचे घर के पीछे प्लाट में फेंक दिया। जिठानी अर्चना ने पूछा तो आशु के बारे में जानकारी होने से मना कर दिया, जबकि शिवांगी ने बताया था कि वह चाची के पास सो रहा है।
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नाखून देखकर पुलिस ने उगलवाया हत्या का राज
आगरा। भतीजे की हत्या के बाद डौली बिल्कुल बेखौफ थी। उसे पकड़े जाने का डर नहीं था। आशु को ढूंढने के लिए भी उसने कुछ नहीं किया। आशु के गले पर नाखूनों के निशान थे। डौली के नाखून भी बड़े थे। इससे उस पर शक बढ़ गया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। इससे पूर्व जब उसपर हत्या का आरोप लगाया था तो पति रंजीत ने पुलिस से अभद्रता की। पुलिस रंजीत को थाने ले आई। डौली से भी फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाकर उसके नाखूनों की जांच कराने की बात कही तभी उसने सच उगला।
‘मुझसे गुस्से में गलती हो गई’
पुलिस को डौली ने बयान दिया कि मुझसे गुस्से में यह गलती हो गयी। बात-बात पर जिठानी झगड़ती है। इससे में गुस्से में थी। हत्या की जानकारी मेरे पति को भी नहीं थी। सादाबाद के गांव मई की रहने वाली डौली की शादी फरवरी 2010 में रंजीत से हुई थी। वह 12वीं पास है। उसके दो बटे छह वर्षीय प्रिंस और तीन साल का शिवा है।
एक ही मकान में रहते हैं चार भाई
सराफ श्रीभगवान के चार भाई एक ही मकान में रहते हैं। उनकी सवा बीघा जमीन है। रंजीत नमक की मंडी में काम करता है। एक भाई कृष्णा की रामबाग में दुकान है। उसकी 28 अप्रैल की शादी है। चौथा भाई लवकुश पढ़ाई कर रहा है।
एक तरफ भतीजा तो दूसरी तरफ सो रहे बेटे
कलयुगी चाची ने बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद अपने चार साल के मासूम भतीजे की हत्या कर दी। जिस वक्त हत्या की, उस वक्त डौली के पास उसके बेटे प्रिंस और शिवा भी पास ही सो रहा था। इसके बावजूद उसके हाथ नहीं कांपे। उसने बेटों के सामने ही आशु का गला घोंट दिया।
विधायक पहुंचे थाने
एत्मादपुर। सर्राफा व्यवसायी श्रीभगवान के बेटे आशू की हत्या की जानकारी पर क्षेत्रीय विधायक रामप्रताप सिंह चौहान मृतक के घर पहुंच गए। उन्होंने परिवारीजनों को सांत्वना दी। इसके बाद थाने पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
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बता दें कि आशु शुक्रवार दोपहर को दो बजे से लापता हो गया था। शाम छह बजे परिवारीजनों ने थाने में तहरीर दी थी। रात तकरीबन 10 बजे आशू का शव बोरी में घर के बराबर में खाली प्लाट में मिला था। श्रीभगवान वर्मा ने अपने छोटे भाई रंजीत की पत्नी डौली के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपी डौली को हिरासत में लेकर पूछताछ की। एसपीआरए मंशाराम गौतम ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में डौली ने बताया कि उसके पति रंजीत पर कर्ज हो गया था। इस कारण रुपयों की जरूरत थी। होली पर चार भाइयों की सवा बीघा जमीन में से उसके हिस्से की जमीन की रकम देने का कहा था। मगर, श्रीभगवान ने मना कर दिया। रंजीत और उसके परिवार को घर से बाहर निकाल दिया। डौली को भी खरीखोटी सुनाई थी। वह अपमान का घूंट पीकर रह गई। हालांकि बाद में बहनोई ने आकर शाम को घर में प्रवेश दिला दिया था। डौली तब से ही श्रीभगवान के परिवार के लिए गुस्से में थी। 15 दिन पहले भी भाइयों में झगड़ा हो गया। उसकी जिठानी से भी बिगड़ गई थी।
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शुक्रवार दोपहर को आशु अपनी आठ वर्षीय बहन शिवांगी, चचेरे भाई प्रिंस के साथ दूसरी मंजिल पर बरामदे में खेल रहा था। वहीं डौली का कमरा है। चार बजे शिवांगी खेलने के बाद नीचे चली गई। आशु को डौली ने अपने पास सुला लिया। उसके दोनों बेटे भी पास ही सो रहे थे। तभी डौली ने आशु का गला दबाकर हत्या कर दी। एक बोरी में लाश को रखकर बंद कर दिया। मौका देखकर उसे छत से नीचे घर के पीछे प्लाट में फेंक दिया। जिठानी अर्चना ने पूछा तो आशु के बारे में जानकारी होने से मना कर दिया, जबकि शिवांगी ने बताया था कि वह चाची के पास सो रहा है।
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नाखून देखकर पुलिस ने उगलवाया हत्या का राज
आगरा। भतीजे की हत्या के बाद डौली बिल्कुल बेखौफ थी। उसे पकड़े जाने का डर नहीं था। आशु को ढूंढने के लिए भी उसने कुछ नहीं किया। आशु के गले पर नाखूनों के निशान थे। डौली के नाखून भी बड़े थे। इससे उस पर शक बढ़ गया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। इससे पूर्व जब उसपर हत्या का आरोप लगाया था तो पति रंजीत ने पुलिस से अभद्रता की। पुलिस रंजीत को थाने ले आई। डौली से भी फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाकर उसके नाखूनों की जांच कराने की बात कही तभी उसने सच उगला।
‘मुझसे गुस्से में गलती हो गई’
पुलिस को डौली ने बयान दिया कि मुझसे गुस्से में यह गलती हो गयी। बात-बात पर जिठानी झगड़ती है। इससे में गुस्से में थी। हत्या की जानकारी मेरे पति को भी नहीं थी। सादाबाद के गांव मई की रहने वाली डौली की शादी फरवरी 2010 में रंजीत से हुई थी। वह 12वीं पास है। उसके दो बटे छह वर्षीय प्रिंस और तीन साल का शिवा है।
एक ही मकान में रहते हैं चार भाई
सराफ श्रीभगवान के चार भाई एक ही मकान में रहते हैं। उनकी सवा बीघा जमीन है। रंजीत नमक की मंडी में काम करता है। एक भाई कृष्णा की रामबाग में दुकान है। उसकी 28 अप्रैल की शादी है। चौथा भाई लवकुश पढ़ाई कर रहा है।
एक तरफ भतीजा तो दूसरी तरफ सो रहे बेटे
कलयुगी चाची ने बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद अपने चार साल के मासूम भतीजे की हत्या कर दी। जिस वक्त हत्या की, उस वक्त डौली के पास उसके बेटे प्रिंस और शिवा भी पास ही सो रहा था। इसके बावजूद उसके हाथ नहीं कांपे। उसने बेटों के सामने ही आशु का गला घोंट दिया।
विधायक पहुंचे थाने
एत्मादपुर। सर्राफा व्यवसायी श्रीभगवान के बेटे आशू की हत्या की जानकारी पर क्षेत्रीय विधायक रामप्रताप सिंह चौहान मृतक के घर पहुंच गए। उन्होंने परिवारीजनों को सांत्वना दी। इसके बाद थाने पहुंचकर घटना की जानकारी ली।