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शिक्षा विभाग का एक और लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार
शिक्षा विभाग का एक और लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार
Updated Thu, 29 Dec 2016 01:12 AM IST
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फतेहाबाद बीआरसी का लिपिक भूप सिंह मौर्य बुधवार को बीआरसी पर 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आगरा विजिलेंस की टीम ने उसे प्राथमिक विद्यालय गुवरौठ के सहायक अध्यापक शैलेंद्र सिंह की शिकायत पर गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने दो लाख के एरियर का भुगतान करने के लिए शैलेंद्र से 25 फीसदी कमीशन मांगा था। उसने जैसे ही 500-500 के नए नोट की गड्डी ली, वैसे ही उसे पकड़ लिया गया।
भूप सिंह मौर्य फतेहाबाद के प्राथमिक विद्यालय झारपुरा में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। साथ ही वह ब्लाक संसाधन केंद्र से संबद्ध था। यहां बिल बाबू का काम भी देखता था। उसके खिलाफ शिकायत करने वाले शैलेंद्र सिंह का हाल ही में प्रमोशन हुआ। उन्हें बढ़े हुए वेतन के एरियर का भुगतान किया जाना है। इसमें दो लाख का एरियर बना।
शैलेंद्र सिंह ने विजिलेंस को 26 दिसंबर को शिकायत की थी कि उससे भूप सिंह ने 25 फीसदी कमीशन के रूप में 50 हजार रुपये मांगे हैं। उससे कहा गया है कि सभी नोट नए होने चाहिए। इस पर विजिलेंस ने जाल बिछाया। इसमें भूप सिंह मौर्य फंस गया।
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उसके पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी मिली। इसे थाना पर जमा करा दिया गया है। विजिलेंस के एसपी डा. अरविंद कुमार ने बताया कि भूप सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर विजिलेंस टीम में प्रभारी इंस्पेक्टर अभय सिंह , प्रदीप कौशिक, सियाराम निवेश, राहुल शर्मा शामिल रहे। उधर, आरोपी भूप सिंह मौर्य का कहना है कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसे लगातार धमकी मिल रही थीं इसलिए वह अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर साथ रखता था। बता दें, इससे पहले भी शिक्षा विभाग के लिपिक रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जा चुके हैं। इस साल विजिलेंस के जाल में शिक्षा विभाग के कर्मचारी ही सबसे ज्यादा ज्यादा फंसे।
तब रिश्वत की शिकायत की अब खुद रंगे हाथ पकड़ा गया
फतेहाबाद। कहानी में दिलचस्प मोड़ यह है कि भूप सिंह ने गत अप्रैल माह में बीआरसी पर तैनात एबीआरसी उत्तम सिंह की शिकायत की थी। उस समय उत्तम सिंह पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ का ब्लॉक अध्यक्ष था। वह भी बिल बाबू का काम देखता था। उस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। तब भूप सिंह खुद को रिश्वतखोरी के खिलाफ बताता था। उसी की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने उत्तम सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों 11 अप्रैल को पकड़ा था। इसके 25 दिन बाद वह जमानत पर जेल से छूट गया था। उसके बाद उसकी बहाली भी उसी पद पर हो गई थी। इसी बीच भूप सिंह मौर्य को उसी की खाली हुई सीट पर तैनाती मिल गई। अब भूप सिंह मौर्य खुद रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों पकड़ा गया है। वह प्राथमिक शिक्षक संघ का ब्लॉक अध्यक्ष है और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी उसी के पास है। तब उत्तम सिंह ने कहा था कि उसे झूठा फंसाया गया है। अब गिरफ्तारी के समय भूप सिंह भी यही कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है।
50 हजार से कम नहीं लूंगा, नोट चाहिए नए
आगरा। विजिलेंस के सूत्रों ने बताया कि शैलेंद्र सिंह ने जब भूप सिंह मौर्य से एरियर बनाने के लिए कहा तो उसने पहली बार 50 फीसदी कमीशन मांगा। उससे कहा कि दो लाख रुपये एरियर के बनेंगे। एक लाख तुम्हें मिल जाएंगे, बाकी कमीशन में जाएगा। इस पर शैलेंद्र ने कहा कि वह इतना कमीशन नहीं दे सकता। इसके बाद कई बार बात हुई। आखिर में 25 फीसदी कमीशन तय हुआ। भूप सिंह ने कहा कि 50 हजार से कम नहीं लेगा और नोट नए होने चाहिए। ऐसा न हो कि पुराने नोट ले आओ।
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भूप सिंह मौर्य फतेहाबाद के प्राथमिक विद्यालय झारपुरा में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। साथ ही वह ब्लाक संसाधन केंद्र से संबद्ध था। यहां बिल बाबू का काम भी देखता था। उसके खिलाफ शिकायत करने वाले शैलेंद्र सिंह का हाल ही में प्रमोशन हुआ। उन्हें बढ़े हुए वेतन के एरियर का भुगतान किया जाना है। इसमें दो लाख का एरियर बना।
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शैलेंद्र सिंह ने विजिलेंस को 26 दिसंबर को शिकायत की थी कि उससे भूप सिंह ने 25 फीसदी कमीशन के रूप में 50 हजार रुपये मांगे हैं। उससे कहा गया है कि सभी नोट नए होने चाहिए। इस पर विजिलेंस ने जाल बिछाया। इसमें भूप सिंह मौर्य फंस गया।
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उसके पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी मिली। इसे थाना पर जमा करा दिया गया है। विजिलेंस के एसपी डा. अरविंद कुमार ने बताया कि भूप सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर विजिलेंस टीम में प्रभारी इंस्पेक्टर अभय सिंह , प्रदीप कौशिक, सियाराम निवेश, राहुल शर्मा शामिल रहे। उधर, आरोपी भूप सिंह मौर्य का कहना है कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसे लगातार धमकी मिल रही थीं इसलिए वह अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर साथ रखता था। बता दें, इससे पहले भी शिक्षा विभाग के लिपिक रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जा चुके हैं। इस साल विजिलेंस के जाल में शिक्षा विभाग के कर्मचारी ही सबसे ज्यादा ज्यादा फंसे।
तब रिश्वत की शिकायत की अब खुद रंगे हाथ पकड़ा गया
फतेहाबाद। कहानी में दिलचस्प मोड़ यह है कि भूप सिंह ने गत अप्रैल माह में बीआरसी पर तैनात एबीआरसी उत्तम सिंह की शिकायत की थी। उस समय उत्तम सिंह पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ का ब्लॉक अध्यक्ष था। वह भी बिल बाबू का काम देखता था। उस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। तब भूप सिंह खुद को रिश्वतखोरी के खिलाफ बताता था। उसी की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने उत्तम सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों 11 अप्रैल को पकड़ा था। इसके 25 दिन बाद वह जमानत पर जेल से छूट गया था। उसके बाद उसकी बहाली भी उसी पद पर हो गई थी। इसी बीच भूप सिंह मौर्य को उसी की खाली हुई सीट पर तैनाती मिल गई। अब भूप सिंह मौर्य खुद रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों पकड़ा गया है। वह प्राथमिक शिक्षक संघ का ब्लॉक अध्यक्ष है और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी उसी के पास है। तब उत्तम सिंह ने कहा था कि उसे झूठा फंसाया गया है। अब गिरफ्तारी के समय भूप सिंह भी यही कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है।
50 हजार से कम नहीं लूंगा, नोट चाहिए नए
आगरा। विजिलेंस के सूत्रों ने बताया कि शैलेंद्र सिंह ने जब भूप सिंह मौर्य से एरियर बनाने के लिए कहा तो उसने पहली बार 50 फीसदी कमीशन मांगा। उससे कहा कि दो लाख रुपये एरियर के बनेंगे। एक लाख तुम्हें मिल जाएंगे, बाकी कमीशन में जाएगा। इस पर शैलेंद्र ने कहा कि वह इतना कमीशन नहीं दे सकता। इसके बाद कई बार बात हुई। आखिर में 25 फीसदी कमीशन तय हुआ। भूप सिंह ने कहा कि 50 हजार से कम नहीं लेगा और नोट नए होने चाहिए। ऐसा न हो कि पुराने नोट ले आओ।