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Deoria News: फर्जी लेटरहेड और ईमेल से 35.72 लाख की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार
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देवरिया। बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी लेटरहेड, हस्ताक्षर और मिलती-जुलती ईमेल आईडी तैयार कर बैंक और खाताधारकों को झांसे में लेकर लाखों रुपये खातों में मंगाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने एआर इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेरठ के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक को ईमेल भेजा और 35,72,801 रुपये विकास कुमार के खाते में स्थानांतरित करा लिए। इसमें से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स, देवरिया के खाते में भेजे गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित बताया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है। मोबाइल की जांच में अलग-अलग तारीखों में 25.10 लाख और 21,85,806 रुपये के अन्य लेनदेन के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है।
शादी के आभूषण खरीदने के नाम पर भेजे 34.50 लाख : तनिष्क ज्वेलर्स, देवरिया के स्टोर मैनेजर ने 28 अगस्त को पुलिस को सूचना दी थी कि कुछ लोगों ने शादी के लिए आभूषण खरीदने के नाम पर शोरूम के खाते में 34.50 लाख रुपये भेजे हैं। लेनदेन संदिग्ध होने पर बैंक से जानकारी ली गई। एआर इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेरठ के निदेशक ने भी इस लेनदेन की जानकारी होने से इनकार किया। जांच में पता चला कि 27 अगस्त को कंपनी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाई गई थी। फर्जी लेटरहेड पर कूटरचित हस्ताक्षर कर बैंक को ईमेल भेजा गया। इसके बाद बैंक और खाताधारक को धोखे में रखकर 35,72,801 रुपये विकास कुमार के खाते में स्थानांतरित करा लिए गए। विकास कुमार ने इसमें से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स के खाते में भेज दिए थे। सूचना के आधार पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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सोंदा के पास से तीनों आरोपी गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर देवरिया-सलेमपुर रोड स्थित सोंदा के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान विकास कुमार निवासी धनपुरवा रजडिहा, थाना सलेमपुर, शशांक कुमार साहिल निवासी भरठई, थाना गुठनी, सिवान (बिहार) और अंकुश मिश्र निवासी हफुवा जीवन, थाना तरयासुजान, कुशीनगर के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साथियों के साथ मिलकर बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी लेटरहेड और हस्ताक्षर तैयार करते थे। इसके बाद कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर संबंधित बैंकों और खाताधारकों को ईमेल भेजते थे। बैंक और खाताधारकों को झांसे में लेकर रकम अलग-अलग खातों में मंगाई जाती थी। रकम आने के बाद नकद निकासी या ज्वेलरी खरीदकर उसे खपाने का प्रयास किया जाता था।
34.50 लाख रुपये सुरक्षित, वापस कराने की प्रक्रिया होगी
पुलिस के अनुसार, 35,72,801 रुपये की साइबर ठगी में से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स के खाते में सुरक्षित हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह रकम पीड़ित को वापस कराने की कार्रवाई की जाएगी।
35.72 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कंपनियों के फर्जी लेटरहेड और हस्ताक्षर तैयार कर बैंकों को ईमेल भेजने, खातों में रकम मंगाने और उससे ज्वेलरी खरीदने की बात स्वीकार की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड स्वीकृत होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
गौरव सिंह, सीओ सलेमपुर
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आरोपियों ने एआर इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेरठ के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक को ईमेल भेजा और 35,72,801 रुपये विकास कुमार के खाते में स्थानांतरित करा लिए। इसमें से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स, देवरिया के खाते में भेजे गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित बताया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है। मोबाइल की जांच में अलग-अलग तारीखों में 25.10 लाख और 21,85,806 रुपये के अन्य लेनदेन के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है।
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शादी के आभूषण खरीदने के नाम पर भेजे 34.50 लाख : तनिष्क ज्वेलर्स, देवरिया के स्टोर मैनेजर ने 28 अगस्त को पुलिस को सूचना दी थी कि कुछ लोगों ने शादी के लिए आभूषण खरीदने के नाम पर शोरूम के खाते में 34.50 लाख रुपये भेजे हैं। लेनदेन संदिग्ध होने पर बैंक से जानकारी ली गई। एआर इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेरठ के निदेशक ने भी इस लेनदेन की जानकारी होने से इनकार किया। जांच में पता चला कि 27 अगस्त को कंपनी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाई गई थी। फर्जी लेटरहेड पर कूटरचित हस्ताक्षर कर बैंक को ईमेल भेजा गया। इसके बाद बैंक और खाताधारक को धोखे में रखकर 35,72,801 रुपये विकास कुमार के खाते में स्थानांतरित करा लिए गए। विकास कुमार ने इसमें से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स के खाते में भेज दिए थे। सूचना के आधार पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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सोंदा के पास से तीनों आरोपी गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर देवरिया-सलेमपुर रोड स्थित सोंदा के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान विकास कुमार निवासी धनपुरवा रजडिहा, थाना सलेमपुर, शशांक कुमार साहिल निवासी भरठई, थाना गुठनी, सिवान (बिहार) और अंकुश मिश्र निवासी हफुवा जीवन, थाना तरयासुजान, कुशीनगर के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साथियों के साथ मिलकर बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी लेटरहेड और हस्ताक्षर तैयार करते थे। इसके बाद कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर संबंधित बैंकों और खाताधारकों को ईमेल भेजते थे। बैंक और खाताधारकों को झांसे में लेकर रकम अलग-अलग खातों में मंगाई जाती थी। रकम आने के बाद नकद निकासी या ज्वेलरी खरीदकर उसे खपाने का प्रयास किया जाता था।
34.50 लाख रुपये सुरक्षित, वापस कराने की प्रक्रिया होगी
पुलिस के अनुसार, 35,72,801 रुपये की साइबर ठगी में से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स के खाते में सुरक्षित हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह रकम पीड़ित को वापस कराने की कार्रवाई की जाएगी।
35.72 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कंपनियों के फर्जी लेटरहेड और हस्ताक्षर तैयार कर बैंकों को ईमेल भेजने, खातों में रकम मंगाने और उससे ज्वेलरी खरीदने की बात स्वीकार की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड स्वीकृत होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
गौरव सिंह, सीओ सलेमपुर