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कड़ी सुरक्षा में जेल भेजे गए आरोपी
अागरा ब्यूूराे
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:59 AM IST
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विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने
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घटना के खुलासे का दावा किया है। पुलिस जांच में मुख्य आरोपी शाहरुख पाया
गया है। पुलिस का कहना है कि अरुण और शाहरुख के बीच 22 फरवरी को झगड़ा हुआ
था। अरुण उसकी शिकायत पुलिस से करने जा रहा था लेकिन मोहल्ला मुन्नालाल
टीला के लोगों ने उसे रोक लिया। मामला पंचायत में ले जाया गया था।
मोहल्ले वालों का दावा है कि पंचों के सामने शाहरुख ने अरुण से माफी मांगी। उसकी मां ने भी अरुण के सामने हाथ जोड़े। पुलिस पूछताछ में शाहरुख ने बताया है कि उसे यह बहुत बुरा लगा। उसने तभी सोच लिया था कि अरुण की हत्या करेगा। उसने पंचायत के बाद बस्ती में इसका एलान भी कर दिया था।
पुलिस ने मोहल्ले के लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इनका भी यही कहना है कि शाहरुख की हरकतों से सभी लोग परेशान थे। अरुण ने कई बार उसकी शिकायत पुलिस से की। इसलिए वह उससे रंजिश रखता था। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी दिया है। यह अरुण और शाहरुख के झगड़े से पहले का बताया गया है। मोहल्लेवालों का कहना है कि वे इसे उस समय पुलिस को नहीं दे पाए थे।
इसमें शाहरुख पर गुंडागर्दी करने और छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। सीओ छत्त्ता बीएस त्यागी ने बताया कि शाहरुख और उसकी मां को पंचायत में माफी मांगनी पड़ी थी। इसके बाद ही अरुण ने रिपोर्ट दर्ज कराने का इरादा बदला था। शाहरुख से पूछताछ के हवाले से सीओ ने बताया कि इस माफी को उसने अपमान की तरह लिया। इसका बदला लेने के लिए हत्या कर दी। गौरतलब है कि विपिह नेताओं ने गुरुवार को दावा किया था कि शाहरुख और उसके साथियों की गोकशी का विरोध करने के चलते अरुण की हत्या की गई।
36 घंटों में पकड़ लिए पांचों आरोपी
आगरा। विश्व हिंदू परिषद के महानगर उपाध्यक्ष अरुण माहौर की हत्या में नामजद पांचों आरोपियों को पुलिस ने घटना के 36 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया। मुख्य आरोपी शाहरुख उर्फ बबुआ, उसके भाई राजा उर्फ आला और आबिद को गुरुवार को ही पकड़ लिया गया था। फरार चल रहे नाला मंटोला निवासी इम्तियाज उर्फ आरिफ और दिलशान को शुक्रवार को पकड़ लिया गया। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
आखिर हाथ आ गया असली मुल्जिम
आगरा। पुलिस ने नामजद आरोपी इम्तियाज केचक्कर में इसी नाम के दूसरे युवक को पकड़ लिया था। उसने खुद को बेगुनाह बताया। उसने दावा किया कि नामजद आरोपी वह नहीं, कोई और है। इस पर पुलिस ने इम्तियाज की फिर से तलाश शुरू की। उसे शुक्रवार को पकड़ लिया गया। गुरुवार को हिरासत में लिए गए इसी नाम के युवक को छोड़ दिया गया।
कड़ी सुरक्षा में भेजे गए जेल
आगरा। गिरफ्तार आरोपियों शाहरुख उर्फ बबुआ, उसका भाई राजा उर्फ आला और आबिद को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। यहां से न्यायिक हिरासत में दस मार्च तक के लिए जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी, सीओ छत्ता और कई थानों की फोर्स मौजूद रही। पुलिस ने इन्हें पेश करने के लिए शाम पांच बजे तक इंतजार किया।
मोहल्ले वालों का दावा है कि पंचों के सामने शाहरुख ने अरुण से माफी मांगी। उसकी मां ने भी अरुण के सामने हाथ जोड़े। पुलिस पूछताछ में शाहरुख ने बताया है कि उसे यह बहुत बुरा लगा। उसने तभी सोच लिया था कि अरुण की हत्या करेगा। उसने पंचायत के बाद बस्ती में इसका एलान भी कर दिया था।
पुलिस ने मोहल्ले के लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इनका भी यही कहना है कि शाहरुख की हरकतों से सभी लोग परेशान थे। अरुण ने कई बार उसकी शिकायत पुलिस से की। इसलिए वह उससे रंजिश रखता था। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी दिया है। यह अरुण और शाहरुख के झगड़े से पहले का बताया गया है। मोहल्लेवालों का कहना है कि वे इसे उस समय पुलिस को नहीं दे पाए थे।
इसमें शाहरुख पर गुंडागर्दी करने और छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। सीओ छत्त्ता बीएस त्यागी ने बताया कि शाहरुख और उसकी मां को पंचायत में माफी मांगनी पड़ी थी। इसके बाद ही अरुण ने रिपोर्ट दर्ज कराने का इरादा बदला था। शाहरुख से पूछताछ के हवाले से सीओ ने बताया कि इस माफी को उसने अपमान की तरह लिया। इसका बदला लेने के लिए हत्या कर दी। गौरतलब है कि विपिह नेताओं ने गुरुवार को दावा किया था कि शाहरुख और उसके साथियों की गोकशी का विरोध करने के चलते अरुण की हत्या की गई।
36 घंटों में पकड़ लिए पांचों आरोपी
आगरा। विश्व हिंदू परिषद के महानगर उपाध्यक्ष अरुण माहौर की हत्या में नामजद पांचों आरोपियों को पुलिस ने घटना के 36 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया। मुख्य आरोपी शाहरुख उर्फ बबुआ, उसके भाई राजा उर्फ आला और आबिद को गुरुवार को ही पकड़ लिया गया था। फरार चल रहे नाला मंटोला निवासी इम्तियाज उर्फ आरिफ और दिलशान को शुक्रवार को पकड़ लिया गया। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
आखिर हाथ आ गया असली मुल्जिम
आगरा। पुलिस ने नामजद आरोपी इम्तियाज केचक्कर में इसी नाम के दूसरे युवक को पकड़ लिया था। उसने खुद को बेगुनाह बताया। उसने दावा किया कि नामजद आरोपी वह नहीं, कोई और है। इस पर पुलिस ने इम्तियाज की फिर से तलाश शुरू की। उसे शुक्रवार को पकड़ लिया गया। गुरुवार को हिरासत में लिए गए इसी नाम के युवक को छोड़ दिया गया।
कड़ी सुरक्षा में भेजे गए जेल
आगरा। गिरफ्तार आरोपियों शाहरुख उर्फ बबुआ, उसका भाई राजा उर्फ आला और आबिद को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। यहां से न्यायिक हिरासत में दस मार्च तक के लिए जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी, सीओ छत्ता और कई थानों की फोर्स मौजूद रही। पुलिस ने इन्हें पेश करने के लिए शाम पांच बजे तक इंतजार किया।