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मैनपुरी में 30 और शिक्षक मिले फर्जी, संख्या पहुंची 80
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:10 PM IST
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मैनपुरी। जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार की जांच के दौरान बीएसए को फिर बड़ी सफलता मिली। 30 और शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले हैं। अब जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गई है।
एसआईटी की जांच के बाद शिक्षा विभाग में बड़ा भूचाल आ गया है। जनपद में फर्जी शिक्षकों का लगातार खुलासा होता जा रहा है। मंगलवार को जहां जनपद में 30 शिक्षक फर्जी मिले थे। इसके बाद फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 50 हो गई थी लेकिन बुधवार को शिक्षा विभाग को जांच में बड़ी सफलता मिली।
30 और शिक्षकों के बीएड के अभिलेख फर्जी निकले। इन शिक्षकों के साथ ही जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गई है। अभी जांच का कार्य पूरा नहीं हुआ है। जांच जारी है। सूत्रों की मानें तो जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या 150 के लगभग हो सकती है।
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जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या अधिक होने के बाद बीएसए ने पांच टीमों का गठन कर दिया है। ये पांच टीमें एक गोपनीय स्थान पर फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही हैं।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 2007 के बाद बीएड की डिग्री से शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों के अभिलेख जमा कराए जाएं। बीएसए के इस निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप है।
बीएसए ने बताया कि जांच का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। सीडी से हुई अब तक की जांच में जनपद में 80 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। जांच का कार्य जारी है। जैसे ही जांच का कार्य पूरा होता है सूची सार्वजनिक कर कार्रवाई की जाएगी।
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एसआईटी की जांच के बाद शिक्षा विभाग में बड़ा भूचाल आ गया है। जनपद में फर्जी शिक्षकों का लगातार खुलासा होता जा रहा है। मंगलवार को जहां जनपद में 30 शिक्षक फर्जी मिले थे। इसके बाद फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 50 हो गई थी लेकिन बुधवार को शिक्षा विभाग को जांच में बड़ी सफलता मिली।
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30 और शिक्षकों के बीएड के अभिलेख फर्जी निकले। इन शिक्षकों के साथ ही जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गई है। अभी जांच का कार्य पूरा नहीं हुआ है। जांच जारी है। सूत्रों की मानें तो जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या 150 के लगभग हो सकती है।
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जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या अधिक होने के बाद बीएसए ने पांच टीमों का गठन कर दिया है। ये पांच टीमें एक गोपनीय स्थान पर फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही हैं।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 2007 के बाद बीएड की डिग्री से शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों के अभिलेख जमा कराए जाएं। बीएसए के इस निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप है।
बीएसए ने बताया कि जांच का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। सीडी से हुई अब तक की जांच में जनपद में 80 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। जांच का कार्य जारी है। जैसे ही जांच का कार्य पूरा होता है सूची सार्वजनिक कर कार्रवाई की जाएगी।