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आईजी ने दिए थे नीता की निगरानी, संजीव पर कार्रवाई के निर्देश
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:00 AM IST
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संजीव गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। उद्योग पति संजीव गुप्ता के अपहरण का मामला नीता पांडेय और संजीव गुप्ता के बीच दुश्मनी पर आकर टिक गया है। नीता पांडेय ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। इसके बाद आईजी लोक शिकायत ने एसएसपी को नीता की निगरानी करने और संजीव पर कार्रवाई करने को पत्र लिखा था।
नीता और संजीव के बीच पैसों का लेनदेन कारोबारी रिश्ते के साथ शुरू हुआ था। संजीव गुप्ता के अपहरण के केस में नामजद अमित गुप्ता ने ही नीता पांडेय का संपर्क संजीव गुप्ता से कराया था।
दोनों में जब दुश्मनी हो गई तो नीता पांडेय की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिकायत पर पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत विजय कुमार मीना ने फिरोजाबाद के एसएसपी अजय कुमार को 29 जून 2017 को पत्र लिखा था कि शहर के प्रमुख उद्यमी से एक से दो प्रतिशत ब्याज पर धन लेकर संजीव गुप्ता के द्वारा छह प्रतिशत मासिक ब्याज पर धन उठाया जाता है। बड़ी बेरहमी से इसकी वसूली की जाती है। इसकी पुष्टि शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराई गई सीडी से होता है।
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इससे यह भी स्पष्ट है कि बीसी का संचालन बड़े पैमाने पर फिरोजाबाद में हो रहा है। नीता पांडेय द्वारा न्याय न मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी गई है उसकी निगरानी के भी निर्देश दिए थे। वहीं नीता पांडेय एवं संजीव गुप्ता के मध्य पैसों के लेन-देन के विवाद की जानकारी थाना दक्षिण पुलिस की सुहागनगर चौकी प्रभारी,थाना पुलिस,सीओ सिटी,एसपी से लेकर डीजीपी कार्यालय तक को जानकारी है। अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही सीडी के रुप में सबूत भी दिए। बाद में नीता पांडेय ने न्यायालय की शरण ली थी।
पैसों के विवाद में मुधर रिश्ते दुश्मनी में बदले
नीता पांडेय और संजीव गुप्ता के परिवार के बीच रिश्ते इतने मधुर थे कि दोनों परिवारों का एक दूसरे के यहां कार्यक्रमों और सत्संग में आना-जाना था। पानी का प्लांट चलाने वाली नीता पांडेय ने संजीव गुप्ता से ब्याज पर पैसा लिया। संजीव गुप्ता ने नीता पांडेय की एक बीसी भी डाल ली।
पैसों का खेल ऐसा उलझा कि दोनों के मधुर रिश्ते बिगड़ गए। बात पुलिस चौकी से लेकर मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंची। नौकरशाही से लेकर न्यायपालिका तक कानूनी जंग शुरू हो गई। पहले नीता पांडेय ने संजीव गुप्ता और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा लिखाया तो संजीव गुप्ता के लापता होने पर पत्नी सारिका गुप्ता ने नीता पांडेय सहित तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करा दिया।
कार्ड से होता है लाखों के लेनदेन का खेल
फिरोजाबाद । सुहागनगरी में बीसी का खेल सुर्खियों में हैं। शहर के तमाम लोगों का करोड़ों रुपया इस खेल में फंसा है। लाखों के मुनाफे के फेर में तमाम लोग करोड़ों रुपया गंवा चुके हैं।
सुहाग नगरी में बीसी में लाखों का लेनदेन सिर्फ कार्ड के माध्यम से होता है। इसमें शहर के कई उद्यमियों के साथ चिकित्सक और व्यापारी भी थे।
कार्ड के माध्यम से लाखों रुपया का हर माह लेनदेन हुआ करता है। किटी पार्टी के साथ ही लकी ड्रा में महंगी कार एवं बाइक निकालने का ऑफर भी रखा जाता है। दस कार्ड लेने वाले व्यक्ति को वीआईपी का दर्जा मिल जाता है। हर माह बंपर पुरस्कार से नवाजने का ऑफर भी मिला करता है। बीसी के खेल को भी आकर्षक बनाने के लिए एक बार में ढाई करोड़ तक के इनाम निकालने का ऑफर रखा जाता है। नोटबंदी के बाद इस खेल पर काफी अंकुश लगा है।
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नीता और संजीव के बीच पैसों का लेनदेन कारोबारी रिश्ते के साथ शुरू हुआ था। संजीव गुप्ता के अपहरण के केस में नामजद अमित गुप्ता ने ही नीता पांडेय का संपर्क संजीव गुप्ता से कराया था।
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दोनों में जब दुश्मनी हो गई तो नीता पांडेय की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिकायत पर पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत विजय कुमार मीना ने फिरोजाबाद के एसएसपी अजय कुमार को 29 जून 2017 को पत्र लिखा था कि शहर के प्रमुख उद्यमी से एक से दो प्रतिशत ब्याज पर धन लेकर संजीव गुप्ता के द्वारा छह प्रतिशत मासिक ब्याज पर धन उठाया जाता है। बड़ी बेरहमी से इसकी वसूली की जाती है। इसकी पुष्टि शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराई गई सीडी से होता है।
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इससे यह भी स्पष्ट है कि बीसी का संचालन बड़े पैमाने पर फिरोजाबाद में हो रहा है। नीता पांडेय द्वारा न्याय न मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी गई है उसकी निगरानी के भी निर्देश दिए थे। वहीं नीता पांडेय एवं संजीव गुप्ता के मध्य पैसों के लेन-देन के विवाद की जानकारी थाना दक्षिण पुलिस की सुहागनगर चौकी प्रभारी,थाना पुलिस,सीओ सिटी,एसपी से लेकर डीजीपी कार्यालय तक को जानकारी है। अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही सीडी के रुप में सबूत भी दिए। बाद में नीता पांडेय ने न्यायालय की शरण ली थी।
पैसों के विवाद में मुधर रिश्ते दुश्मनी में बदले
नीता पांडेय और संजीव गुप्ता के परिवार के बीच रिश्ते इतने मधुर थे कि दोनों परिवारों का एक दूसरे के यहां कार्यक्रमों और सत्संग में आना-जाना था। पानी का प्लांट चलाने वाली नीता पांडेय ने संजीव गुप्ता से ब्याज पर पैसा लिया। संजीव गुप्ता ने नीता पांडेय की एक बीसी भी डाल ली।
पैसों का खेल ऐसा उलझा कि दोनों के मधुर रिश्ते बिगड़ गए। बात पुलिस चौकी से लेकर मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंची। नौकरशाही से लेकर न्यायपालिका तक कानूनी जंग शुरू हो गई। पहले नीता पांडेय ने संजीव गुप्ता और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा लिखाया तो संजीव गुप्ता के लापता होने पर पत्नी सारिका गुप्ता ने नीता पांडेय सहित तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करा दिया।
कार्ड से होता है लाखों के लेनदेन का खेल
फिरोजाबाद । सुहागनगरी में बीसी का खेल सुर्खियों में हैं। शहर के तमाम लोगों का करोड़ों रुपया इस खेल में फंसा है। लाखों के मुनाफे के फेर में तमाम लोग करोड़ों रुपया गंवा चुके हैं।
सुहाग नगरी में बीसी में लाखों का लेनदेन सिर्फ कार्ड के माध्यम से होता है। इसमें शहर के कई उद्यमियों के साथ चिकित्सक और व्यापारी भी थे।
कार्ड के माध्यम से लाखों रुपया का हर माह लेनदेन हुआ करता है। किटी पार्टी के साथ ही लकी ड्रा में महंगी कार एवं बाइक निकालने का ऑफर भी रखा जाता है। दस कार्ड लेने वाले व्यक्ति को वीआईपी का दर्जा मिल जाता है। हर माह बंपर पुरस्कार से नवाजने का ऑफर भी मिला करता है। बीसी के खेल को भी आकर्षक बनाने के लिए एक बार में ढाई करोड़ तक के इनाम निकालने का ऑफर रखा जाता है। नोटबंदी के बाद इस खेल पर काफी अंकुश लगा है।