फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   बैंक घोटाले की राशि 59 से बढ़कर 80 लाख पहुंची

बैंक घोटाले की राशि 59 से बढ़कर 80 लाख पहुंची

Sat, 19 Aug 2017 12:02 AM IST
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
बैंक घोटाले की राशि 59 से बढ़कर 80 लाख पहुंची
बैंक कर्मचारियों से पूछताछ करती पु‌ल‌िस - फोटो : अमर उजाला
भोगांव (मैनपुरी)। नगर की जिला सहकारी समिति में दैवीय आपदा की धनराशि में हुए घोटाले की राशि 59 लाख से बढ़कर 80 लाख रुपये तक पहुंच गई है। वहीं गबन के मामले में 26 खाताधारकों को नोटिस भेजे जाने से उनमें हडकंप मचा हुआ है। जबकि पूरे मामले की जांच आगरा में एसआईटी से कराई जाएगी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों में खौफ बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन


मालूम हो कि विगत वर्ष हुई ओलावृष्टि के कारण किसानों का नुकसान हुआ था। इस पर तत्कालीन सपा सरकार ने किसानों को 15 सौ रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा देने की घोषणा की थी। किसानों को जिला सहकारी बैंक के माध्यम से तहसीलदार के खाते से पैसा वितरित किया गया था।
विज्ञापन


इस कार्य में बैंक के स्थानीय कर्मचारियों ने घोटाला कर दिया था। पहले चरण में 59 लाख रुपये का घोटाला सामने आया था जो जांच के दौरान बढ़ कर 80 लाख रुपये पहुंच गया है। इसके अभी और बढ़ने की संभावना है। शुक्रवार को वर्तमान शाखा प्रबंधक ने बैंक के आठ कर्मचरियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद बैंक ने कर्मचारियो को निलंबित भी कर दिया है। इससे बैंक कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। आलम यह र्है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोई भी कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक बैंक आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। वहीं एएसपी ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि बैंक मैनेजर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अब मामले की जांच आगरा में कोआपरेटिव विजिलेंस टीम के माध्यम से कराई जाएगी।

बैंक प्रबंधन ने जिन 26 खाताधारकों को नोटिस भेजे हैं उसमे से एक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक एवं कर्मचारियों ने उन्हें अपने खातो में दैवीय आपदा की धनराशि का भुगतान कराने के एवज में 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन दिया था।

एक एक खाते में एक लाख से लेकर सात लाख तक की राशि चेकों के माध्यम से डाली गई थी। अब नोटिस भेजे जाने के बाद खाता धारकों में हड़कंप है। उन्हें चिंता है कि वे कार्रवाई हुई तो वह सरकार को लौटाने के लिए इतनी बड़ी धनराशि कहां से लाएंगे जितनी उनके खातों से निकाली गई।

सूत्रों से जानकारी मिली है कि बैंक के कर्मचारियों ने परिचितों एवं रिश्तेदारों के भी फर्जी ढंग से शाखा में खाते खुलवाकर उसमे भी लाखों रुपये की धनराशि स्थानांतरण की गई थी। किंतु बैंक कर्मचारियोें ने मानक से अधिक धनराशि खातों से निकाली गई जिससे मामला उलझ गया।


दैवीय आपदा राहत कोष के तहत जिस समय किसानों को धनराशि के चैक बांटे जा रहे थे उस समय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने अवैध वसूली करने एवं बैंक कर्मचारियों द्वारा खातों में हेराफेरी करने की शिकायत की थी। इसको लेकर कई बार हंगामा भी हुआ था किंतु बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

यदि उक्त घोटाले की जांच सही तरीके से की जाए तो इसमें तहसील के कई लिपिकों एंव लेखपालों की गर्दन फंसेगी। बैंक कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज होने से लेखपालों एवं तहसील के कर्मचारियों में सबसे अधिक खौफ दिखाई दे रहा है।


क्योंकि किसानों के चेक बनाने एवं धनराशि भरने का काम लेखपालों के माध्यम से किया गया था। बिना लेखपालों एवं तहसील के कर्मचारियों की मिली भगत के बैंक कर्मचारी घोटाले को अंजाम नही दे सकते थे। यदि सही से जांच की जाये तो घोटाला और भी बडा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed