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फिर खुली एक्सप्रेसवे घोटाले की जांच
Updated Sun, 27 Aug 2017 11:36 PM IST
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मैनपुरी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए हुए भूमि अधिग्रहण में घोटाले की जांच एक बार फिर खुल गई है। शासन से आए निर्देशों के बाद एडीएम एफआर ने उक्त मामले की जांच फिर से शुरू कर दी है। इसके लिए तमाम पुराने अभिलेख उन्होंने तलब किए हैं।
उल्लेखनीय है कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे का लगभग 26 किमी हिस्सा मैनपुरी जनपद की करहल तहसील से होकर गुजरता है। इसके लिए करहल तहसील में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण के दौरान लोगों ने अनियमितता के आरोप लगाते हुए नियम विरुद्ध तरीके से मुआवजा वितरित करने की बात कही थी।
वहीं कई को फायदा पहुंचाने के लिए भूउपयोग ही बदल दिया गया। तब शासन के दबाव में उक्त शिकायतों को जांच के उपरांत निराधार बताते हुए दबा दिया गया था। यही नहीं जिले से सबकुछ सही होने की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई थी।
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सत्ता परिवर्तन के साथ ही असंतुष्ट लोगों ने एक बार फिर शासन में एक्सप्रेस वे के लिए की गई भूमि अधिग्रहण की जांच कराने की मांग की गई।
इस पर पिछले दिनों शासन से भेजे पत्र में एक्सप्रेस वे के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पांच दर्जन से अधिक खातों का रिकार्ड भी दिया गया है। जिनके मालिकों को नियम विरुद्ध तरीके से मुआवजा वितरण में लाभ पहुंचाया गया है।
इस संबंध में एडीएम बीराम का कहना है कि शासन के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है। यदि आरोप सही निकलते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर रिकवरी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे का लगभग 26 किमी हिस्सा मैनपुरी जनपद की करहल तहसील से होकर गुजरता है। इसके लिए करहल तहसील में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण के दौरान लोगों ने अनियमितता के आरोप लगाते हुए नियम विरुद्ध तरीके से मुआवजा वितरित करने की बात कही थी।
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वहीं कई को फायदा पहुंचाने के लिए भूउपयोग ही बदल दिया गया। तब शासन के दबाव में उक्त शिकायतों को जांच के उपरांत निराधार बताते हुए दबा दिया गया था। यही नहीं जिले से सबकुछ सही होने की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई थी।
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सत्ता परिवर्तन के साथ ही असंतुष्ट लोगों ने एक बार फिर शासन में एक्सप्रेस वे के लिए की गई भूमि अधिग्रहण की जांच कराने की मांग की गई।
इस पर पिछले दिनों शासन से भेजे पत्र में एक्सप्रेस वे के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पांच दर्जन से अधिक खातों का रिकार्ड भी दिया गया है। जिनके मालिकों को नियम विरुद्ध तरीके से मुआवजा वितरण में लाभ पहुंचाया गया है।
इस संबंध में एडीएम बीराम का कहना है कि शासन के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है। यदि आरोप सही निकलते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर रिकवरी की जाएगी।