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Pilibhit News: कमाने निकले थे, घर लौटे तो चार चिताओं ने रुलाया
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बड़ेपुरा कुसुमा गांव में मृतकों के घर के बाहर लगी ढांढस बंधाने वालों की भीड़। संवाद
सोनीपत हादसे में चालक समेत पांच की मौत से बढ़ेपुरा कुसुमा में पसरा मातम, अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़, चार शवों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
दियोरियाकला (पीलीभीत)। बुधवार रात बड़ेपुरा कुसुमा गांव के जिन घरों से रोजी-रोटी कमाने की उम्मीद लेकर 11 मजदूर हरियाणा के लिए निकले थे। शुक्रवार शाम तक उन्हीं घरों में खुशियों की जगह मातम पसर गया।
सोनीपत में हुए भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। घर से विदा करते समय परिजनों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिन अपनों के सकुशल लौटने की प्रतीक्षा होगी, उनकी जगह कुछ घंटों बाद एंबुलेंस से उनके शव पहुंचेंगे। बच्चों को पिता के लौटने का इंतजार था, पत्नियों ने मुस्कुराकर विदा किया था और बुजुर्ग माता-पिता ने सकुशल वापसी की दुआ की थी, लेकिन हादसे की खबर ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
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एंबुलेंस गांव पहुंची तो मच गई चीख-पुकार
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे जैसे ही एंबुलेंस शव लेकर गांव की सीमा में पहुंची, वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों और परिजनों का कलेजा कांप उठा। शवों को देखते ही परिजन बदहवास हो गए। माताओं की चीख-पुकार, पत्नियों का विलाप और मासूम बच्चों का रोना सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
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हादसे के बाद से गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। जिस गांव में दो दिन पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी की चहल-पहल थी, वहां शुक्रवार को हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल था। लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचते रहे, लेकिन किसी के पास परिजनों के आंसू रोकने के लिए शब्द नहीं थे।
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चार चिताएं एक साथ जलीं तो नम हो गईं हजारों आंखें
प्रशासन ने शवों के गांव पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू करा दी थीं। मुक्तिधाम जाने वाले रास्ते की सफाई के लिए करीब 30 लोगों की टीम लगाई गई। शाम करीब छह बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।
मृतक रामनरेश, नेवाराम, सुशील और 28 वर्षीय अग्रपाल के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुक्तिधाम में एक साथ चार चिताएं सजते ही वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें छलक उठीं। चार परिवारों के अपनों को एक ही स्थान पर अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि के दौरान माहौल बेहद गमगीन हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने गांव में ऐसा दुखद दृश्य पहले कभी नहीं देखा।
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चालक आरिफ के घर पर बिलखते रहे परिजन
हादसे में जान गंवाने वाले सुजनी निवासी 25 वर्षीय वाहन चालक आरिफ के घर पर भी मातम पसरा है। आरिफ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और बच्चे बदहवास हैं। हादसे ने मजदूरी के लिए निकले परिवारों के साथ वाहन चालक के परिवार को भी गहरा सदमा दिया है।
अंतिम विदाई के दौरान ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा समेत कई नेताओं ने भी परिजनों के बीच पहुंचकर संवेदना व्यक्त की।
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मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख, घायलों को 50-50 हजार की मदद
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिवार को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा हादसे में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है और प्रशासन लगातार उनके संपर्क में है।
डीएम ने बताया कि दियोरिया क्षेत्र के 11 लोग हरियाणा में मजदूरी करने गए थे। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि सात लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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सात घायल अस्पताल में, अपनों की सलामती की दुआ
हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद अब गांव के सात परिवारों की नजरें टिकी हैं। बड़ेपुरा कुसुमा निवासी प्रमोद, संजीव, पातीराम, महेंद्र पाल, हरिशंकर, विवेक और खुशीराम हादसे में घायल हुए हैं और उनका उपचार चल रहा है।
इन घायलों के परिवारों में भी चिंता का माहौल है। गांव में हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। जिन घरों में शुक्रवार को अपनों की मौत का मातम था। वहीं, सात परिवार अब घायलों के सकुशल घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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शवों को गांव तक पहुंचाने में जुटा रहा प्रशासन
बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। हरियाणा के अधिकारियों से संपर्क कर शवों को सुरक्षित गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई गई। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि मंजूर कर दी गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पीड़ित परिवारों की जरूरत के अनुसार हरसंभव सहयोग किया जाएगा। संवाद
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दियोरियाकला (पीलीभीत)। बुधवार रात बड़ेपुरा कुसुमा गांव के जिन घरों से रोजी-रोटी कमाने की उम्मीद लेकर 11 मजदूर हरियाणा के लिए निकले थे। शुक्रवार शाम तक उन्हीं घरों में खुशियों की जगह मातम पसर गया।
सोनीपत में हुए भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। घर से विदा करते समय परिजनों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिन अपनों के सकुशल लौटने की प्रतीक्षा होगी, उनकी जगह कुछ घंटों बाद एंबुलेंस से उनके शव पहुंचेंगे। बच्चों को पिता के लौटने का इंतजार था, पत्नियों ने मुस्कुराकर विदा किया था और बुजुर्ग माता-पिता ने सकुशल वापसी की दुआ की थी, लेकिन हादसे की खबर ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
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एंबुलेंस गांव पहुंची तो मच गई चीख-पुकार
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे जैसे ही एंबुलेंस शव लेकर गांव की सीमा में पहुंची, वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों और परिजनों का कलेजा कांप उठा। शवों को देखते ही परिजन बदहवास हो गए। माताओं की चीख-पुकार, पत्नियों का विलाप और मासूम बच्चों का रोना सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
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हादसे के बाद से गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। जिस गांव में दो दिन पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी की चहल-पहल थी, वहां शुक्रवार को हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल था। लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचते रहे, लेकिन किसी के पास परिजनों के आंसू रोकने के लिए शब्द नहीं थे।
चार चिताएं एक साथ जलीं तो नम हो गईं हजारों आंखें
प्रशासन ने शवों के गांव पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू करा दी थीं। मुक्तिधाम जाने वाले रास्ते की सफाई के लिए करीब 30 लोगों की टीम लगाई गई। शाम करीब छह बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।
मृतक रामनरेश, नेवाराम, सुशील और 28 वर्षीय अग्रपाल के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुक्तिधाम में एक साथ चार चिताएं सजते ही वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें छलक उठीं। चार परिवारों के अपनों को एक ही स्थान पर अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि के दौरान माहौल बेहद गमगीन हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने गांव में ऐसा दुखद दृश्य पहले कभी नहीं देखा।
चालक आरिफ के घर पर बिलखते रहे परिजन
हादसे में जान गंवाने वाले सुजनी निवासी 25 वर्षीय वाहन चालक आरिफ के घर पर भी मातम पसरा है। आरिफ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और बच्चे बदहवास हैं। हादसे ने मजदूरी के लिए निकले परिवारों के साथ वाहन चालक के परिवार को भी गहरा सदमा दिया है।
अंतिम विदाई के दौरान ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा समेत कई नेताओं ने भी परिजनों के बीच पहुंचकर संवेदना व्यक्त की।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख, घायलों को 50-50 हजार की मदद
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिवार को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा हादसे में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है और प्रशासन लगातार उनके संपर्क में है।
डीएम ने बताया कि दियोरिया क्षेत्र के 11 लोग हरियाणा में मजदूरी करने गए थे। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि सात लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सात घायल अस्पताल में, अपनों की सलामती की दुआ
हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद अब गांव के सात परिवारों की नजरें टिकी हैं। बड़ेपुरा कुसुमा निवासी प्रमोद, संजीव, पातीराम, महेंद्र पाल, हरिशंकर, विवेक और खुशीराम हादसे में घायल हुए हैं और उनका उपचार चल रहा है।
इन घायलों के परिवारों में भी चिंता का माहौल है। गांव में हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। जिन घरों में शुक्रवार को अपनों की मौत का मातम था। वहीं, सात परिवार अब घायलों के सकुशल घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
शवों को गांव तक पहुंचाने में जुटा रहा प्रशासन
बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। हरियाणा के अधिकारियों से संपर्क कर शवों को सुरक्षित गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई गई। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि मंजूर कर दी गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पीड़ित परिवारों की जरूरत के अनुसार हरसंभव सहयोग किया जाएगा। संवाद