फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   अनिल यादव की मुश्किल बढ़ाएगी सीबीआई जांच

अनिल यादव की मुश्किल बढ़ाएगी सीबीआई जांच

Thu, 20 Jul 2017 11:39 PM IST
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
अनिल यादव की मुश्किल बढ़ाएगी सीबीआई जांच
आगरा। सपा राज में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच होने से यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन अनिल यादव की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। उन्हें एक साथ दो मुश्किलों का सामना करना होगा। एक तो भर्तियों को लेकर है। तमाम विवाद उनके कार्यकाल में हुई भर्तियों को लेकर हुए थे। अनिल यादव कमला नगर के रहने वाले हैं।
विज्ञापन


उनकी दूसरी मुश्किल है उन मुकदमों की जिनका ब्योरा ही पुलिस ने गायब कर दिया। उनके खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज हैं, लेकिन सपा राज में पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट ही खत्म कर दी थी। अब सीबीआई जांच होगी, तो पुराने चिट्ठे खुलने तय हैं। उनकी हिस्ट्रीशीट न्यू आगरा थाना में थी।
विज्ञापन


एसएसपी ऑफिस के रिकार्ड में लिखा है, उनकी हिस्ट्रीशीट को खत्म किया गया। यह किसके आदेश से की गई? इसके लिए किस प्रक्रिया को अपनाया गया? इसकी वजह क्या रही? इसका स्पष्ट उल्लेख कहीं पर नहीं है। सीबीआई को इसी मामले की जांच से अंदाजा हो जाएगा कि सरकार उन पर कितनी मेहरबान रही और वह मनमानी कैसे कर पाए। उस समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समेत कई संगठनों ने उनके खिलाफ हंगामा प्रदर्शन किया था लेकिन तब पुलिस उनके रुतबे के आगे झुकी रहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि हिस्ट्रीशीट के बारे में सवाल उठने पर उनकी ओर से कई बार सफाई दी गई कि यह प्रक्रिया के तहत ही नष्ट की गई है लेकिन पुलिस अफसर चुप्पी साधे रहे। भाजपा ने भी यह मुद्दा जोर शोर से उछाला था कि जिस व्यक्ति पर इतने संगीन केस दर्ज हैं, उसे यूपी लोकसेवा आयोग का चेयरमैन बनाया गया है। तब सपा की सरकार थी, भाजपाई उनका बाल बांका नहीं कर पाए। अब कहानी और है। सत्ता भाजपा के पास है और मामले की सीबीआई जांच कराने का एलान किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed