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ग्रामीणों ने स्कूलों में बंधक बनाए गोवंश, शिक्षकों से कहासुनी
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cow, school, police
- फोटो : ETAH
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कासगंज। सहावर क्षेत्र के गांव बाजनगर एवं सुन्नगढ़ी क्षेत्र के गांव नगला बदन में ग्रामीणों ने सैकड़ों गोवंश स्कूलों में बंधक बना दिए। ग्रामीणों और शिक्षकों में गोवंश बंधक बनाने पर कहासुनी हुई। सूचना पर पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग के अफसर मौके पर पहुंच गए।
गुरुवार सुबह गांव बाजनगर और नगला बदन के ग्रामीण खेतों में पहुंचे। खेतों में गोवंश विचरण कर रहे थे। ग्रामीणों ने गोवंशों की घेराबंदी शुरू कर सरकारी स्कूलों में बंधक बना द्वार पर बाहर से ताला लगा दिया। ग्रामीणों की इस गतिविधि से शिक्षक नाराज दिखाई दिए। शिक्षकों ने ग्रामीणों से ऐसा करने पर मना किया तो ग्रामीण लड़ने पर आमादा हो गए। सूचना पर सहावर तहसीलदार मनोज प्रकाश, थानाध्यक्ष अवधेश भदौरिया, उपनिरीक्षक शिवम तोमर, सुन्नगढ़ी के थानाध्यक्ष राजेश कुमार मीणा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। कहा कि कुछ ग्रामीण गोवंश अपनी सुपुर्दगी में लेकर देखरेख करें। ग्रामीण जब इस बात तैयार नहीं हुए तो प्रशासन ने गोवंशों को गोशाला भिजवा दिया।
जब भड़क उठे ग्रामीण
कासगंज। बाजनगर में प्रशासनिक अफसर और ग्रामीणों के बीच वार्ता चल रही थी। दोपहर को किसी ने स्कूल का दरवाजा खोल दिया और गोवंश भाग निकले। इस पर ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीण रवेंद्र, धर्मगिरी सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन के इशारे पर गोवंश स्कूल से खेतों में छुड़वा दिए गए। हालांकि दोपहर बाद प्रशासन ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की मदद से फिर से गोवंश पकड़वाए, जिन्हें नगला धम्मा की गोशाला भेजा गया।
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ग्रामीणों ने गोवंश स्कूलों में बंधक बनाए। सभी गोवंशों को ग्राम पंचायत के सहयोग से गोशाला में भिजवाया जा रहा है। गोवंश बंधक बनाना गलत है। मनोज प्रकाश, तहसीलदार, सहावर।
- खेतों में फसल नुकसान से परेशान किसानों ने गोवंश बंधक बना लिए थे। पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। सभी गोवंशों को मुक्त कराया गया है। अवधेश भदौरिया, थानाध्यक्ष सहावर।
- ग्रामीणों ने गोवंश स्कूलों में बंधक बनाए, यह अपराध है। मौके पर पहुंच कर गोवंशों को गोशाला भिजवा रहे हैं। ग्रामीणों को आगाह कर रहे हैं कि भविष्य में गोवंशों को बंधक न बनाएं। राजेश कुमार मीणा, थानाध्यक्ष सुन्नगढ़ी।
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गुरुवार सुबह गांव बाजनगर और नगला बदन के ग्रामीण खेतों में पहुंचे। खेतों में गोवंश विचरण कर रहे थे। ग्रामीणों ने गोवंशों की घेराबंदी शुरू कर सरकारी स्कूलों में बंधक बना द्वार पर बाहर से ताला लगा दिया। ग्रामीणों की इस गतिविधि से शिक्षक नाराज दिखाई दिए। शिक्षकों ने ग्रामीणों से ऐसा करने पर मना किया तो ग्रामीण लड़ने पर आमादा हो गए। सूचना पर सहावर तहसीलदार मनोज प्रकाश, थानाध्यक्ष अवधेश भदौरिया, उपनिरीक्षक शिवम तोमर, सुन्नगढ़ी के थानाध्यक्ष राजेश कुमार मीणा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। कहा कि कुछ ग्रामीण गोवंश अपनी सुपुर्दगी में लेकर देखरेख करें। ग्रामीण जब इस बात तैयार नहीं हुए तो प्रशासन ने गोवंशों को गोशाला भिजवा दिया।
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जब भड़क उठे ग्रामीण
कासगंज। बाजनगर में प्रशासनिक अफसर और ग्रामीणों के बीच वार्ता चल रही थी। दोपहर को किसी ने स्कूल का दरवाजा खोल दिया और गोवंश भाग निकले। इस पर ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीण रवेंद्र, धर्मगिरी सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन के इशारे पर गोवंश स्कूल से खेतों में छुड़वा दिए गए। हालांकि दोपहर बाद प्रशासन ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की मदद से फिर से गोवंश पकड़वाए, जिन्हें नगला धम्मा की गोशाला भेजा गया।
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ग्रामीणों ने गोवंश स्कूलों में बंधक बनाए। सभी गोवंशों को ग्राम पंचायत के सहयोग से गोशाला में भिजवाया जा रहा है। गोवंश बंधक बनाना गलत है। मनोज प्रकाश, तहसीलदार, सहावर।
- खेतों में फसल नुकसान से परेशान किसानों ने गोवंश बंधक बना लिए थे। पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। सभी गोवंशों को मुक्त कराया गया है। अवधेश भदौरिया, थानाध्यक्ष सहावर।
- ग्रामीणों ने गोवंश स्कूलों में बंधक बनाए, यह अपराध है। मौके पर पहुंच कर गोवंशों को गोशाला भिजवा रहे हैं। ग्रामीणों को आगाह कर रहे हैं कि भविष्य में गोवंशों को बंधक न बनाएं। राजेश कुमार मीणा, थानाध्यक्ष सुन्नगढ़ी।