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आगरा: नगर निगम के पूर्व संविदाकर्मी पर 238 करोड़ की संपत्ति के आरोप, वित्तमंत्री, ईडी-सीबीआई से शिकायत
Sun, 27 Feb 2022 09:03 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Feb 2022 09:03 PM IST
सार
सपोर्ट इंडिया संस्था के अध्यक्ष अधिवक्ता सुरेश चंद्र सोनी ने संविदाकर्मी के खिलाफ जांच के लिए वित्त मंत्री से लेकर ईडी, सीबीआई को शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि जिसे 19 हजार रुपये वेतन मिलता था, मगर आज वह अरबों रुपये का मालिक है।
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अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी (बीच में)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा नगर निगम के पूर्व संविदा कर्मी पर सपोर्ट इडिया सोसायटी ने 238 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित करने के आरोप लगाए हैं। संस्था ने इस संबंध में वित्तमंत्री, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई से लेकर मंडलायुक्त, डीएम, नगरायुक्त तक शिकायतें दर्ज कराई हैं। रविवार को संस्था अध्यक्ष अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाए कि प्रशासनिक अधिकारी एक साल से जांच को दबाए बैठे हैं।
अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी ने बताया कि पूर्व संविदा कर्मी राकेश बंसल को नगर निगम से सेवा के दौरान करीब सात लाख रुपये तनख्वाह मिली। मगर आज वह अरबों रुपये का मालिक है। अधिवक्ता का आरोप है कि संविदा कर्मी के रूप में भर्ती के समय आरोपित को पांच हजार रुपये वेतन मिलता था। भ्रष्टाचार के दम पर वह नगरायुक्त को पीए के तौर पर काम करने लगा। शिकायतों पर अगस्त 2020 में उसे हटा दिया गया।
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वहीं, इस संबंध में राकेश बंसल का कहना है कि आरोप निराधार व झूठे हैं। मुझे फंसाया जा रहा है। जो संपत्तियां बताई जा रही हैं वह मेरे नाम नहीं हैं। एक-एक संपत्ति को चार जगह दिखाया जा रहा है। शिकायतों में जांच चल रही हैं, आरोप गलत साबित होंगे।
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अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी ने बताया कि पूर्व संविदा कर्मी राकेश बंसल को नगर निगम से सेवा के दौरान करीब सात लाख रुपये तनख्वाह मिली। मगर आज वह अरबों रुपये का मालिक है। अधिवक्ता का आरोप है कि संविदा कर्मी के रूप में भर्ती के समय आरोपित को पांच हजार रुपये वेतन मिलता था। भ्रष्टाचार के दम पर वह नगरायुक्त को पीए के तौर पर काम करने लगा। शिकायतों पर अगस्त 2020 में उसे हटा दिया गया।
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19 हजार रुपये थी तनख्वाह
अधिवक्ता ने कहा कि हटाते समय राकेश बंसल की तनख्वाह 19 हजार रुपये थी। इसके बावजूद उसने भ्रष्टाचार करते हुए 238 करोड़ रुपये की चल व अचल संपत्तियां बनाई हैं। दो साल से जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। आरोपी के पास दस से अधिक प्लॉट, नोएडा में मॉल, तीन गाड़ियां, रायफल व अन्य संपत्ति एकत्र की।
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वहीं, इस संबंध में राकेश बंसल का कहना है कि आरोप निराधार व झूठे हैं। मुझे फंसाया जा रहा है। जो संपत्तियां बताई जा रही हैं वह मेरे नाम नहीं हैं। एक-एक संपत्ति को चार जगह दिखाया जा रहा है। शिकायतों में जांच चल रही हैं, आरोप गलत साबित होंगे।