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दानपत्र में शर्त: भूमि बेचने और स्थानांतरण पर है रोक
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आगरा। नामनेर चौराहा स्थित 100 साल पुरानी चुन्नी लाल धर्मशाला के दानपत्र प्रकरण में सहायक महानिरीक्षक की जांच में नई हकीकत सामने आई है। दानपत्र में स्टांप शुल्क की चोरी नहीं की गई। सर्किल रेट के आधार पर स्टांप शुल्क लगा। दानपत्र में भी यह शर्त है कि भूमि को बेचा नहीं जाएगा। किसी अन्य संस्था को हस्तांतरित भी नहीं किया जाएगा।
चुन्नी लाल धर्मशाला की बेशकीमती भूमि को दान पत्र से खुर्दबुर्द करने के आरोप ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मुरारी अग्रवाल ने लगाए थे। मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इस पर महानिरीक्षक नेहा शर्मा ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार से जांच कराई। मौका-मुआयना, जांच और बयानों के आधार पर एआईजी ने रिपोर्ट भेजी है कि दानपत्र वैध है। उन्होंने बताया कि दानपत्र पर सर्किल रेट के अनुसार स्टांप शुल्क दिया गया है। दूसरी तरफ दानपत्र कराने वाली संस्था समर्पण समिति अध्यक्ष योगेश कंसल का कहना है कि चुन्नी लाल अग्रवाल धर्मशाला ट्रस्ट ने विधिवत और पारदर्शी प्रक्रिया से समर्पण समिति को दान किया है। चुन्नीलाल अग्रवाल निसंतान थे। इसलिए उनके नाम को चिरस्थायी रखने के लिए दान स्वरूप दी गई भूमि का उपयोग सिर्फ जनहित और समाजसेवा में किया जाएगा। भवन का नाम भी चुन्नी लाल भवन होगा। समर्पण संस्था इस भूमि पर रियायती दवाइयों की सुविधा, डायलसिस यूनिट, ब्लड बैंक व तीमारदारों के लिए हॉस्टल बनाएगी जो धर्मशाला की मूल भावना के अनुरूप है।
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चुन्नी लाल धर्मशाला की बेशकीमती भूमि को दान पत्र से खुर्दबुर्द करने के आरोप ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मुरारी अग्रवाल ने लगाए थे। मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इस पर महानिरीक्षक नेहा शर्मा ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार से जांच कराई। मौका-मुआयना, जांच और बयानों के आधार पर एआईजी ने रिपोर्ट भेजी है कि दानपत्र वैध है। उन्होंने बताया कि दानपत्र पर सर्किल रेट के अनुसार स्टांप शुल्क दिया गया है। दूसरी तरफ दानपत्र कराने वाली संस्था समर्पण समिति अध्यक्ष योगेश कंसल का कहना है कि चुन्नी लाल अग्रवाल धर्मशाला ट्रस्ट ने विधिवत और पारदर्शी प्रक्रिया से समर्पण समिति को दान किया है। चुन्नीलाल अग्रवाल निसंतान थे। इसलिए उनके नाम को चिरस्थायी रखने के लिए दान स्वरूप दी गई भूमि का उपयोग सिर्फ जनहित और समाजसेवा में किया जाएगा। भवन का नाम भी चुन्नी लाल भवन होगा। समर्पण संस्था इस भूमि पर रियायती दवाइयों की सुविधा, डायलसिस यूनिट, ब्लड बैंक व तीमारदारों के लिए हॉस्टल बनाएगी जो धर्मशाला की मूल भावना के अनुरूप है।
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