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छत पर हाईटेंशन लाइन, दहशत में जी रहे लोग
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शहर के राजीव गांधी नगर में मकानों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। शहर के मोहल्ला राजीव गांधीनगर के लोग हररोज मौत के साये में जीते हैं। कारण इनके घरों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन है। बरसात में यहां रहने वालों के दिलों में दहशत रहती है। लोग तो यहां तक कहते हैं कि अधिक बारिश होने पर घरों में अर्थिंग आने लगी है।
आगरा रोड पर स्थित राजीव गांधी नगर की आबादी छह हजार के करीब है। मोहल्ले के करीब दो सौ घर ऐसे हैं जिनके ऊपर से 1.32 लाख केवी की हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई है। वर्षों से मोहल्ले के लोग इस लाइन को हटवाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें जीत आज तक नहीं मिली। बारिश और सर्दी के मौसम में लोग छतों पर जाने घबराते हैं, लोगों का कहना है कि अधिक बारिश होने पर घरों में अर्थिंग आने लगती है। दहशत के चलते लोग छतों पर कमरे नहीं बनवा पा रहे हैं।
कई लोग हुए हादसों का शिकार
हाईटेंशन लाइन का खौफ राजीव गांधी नगर के लोगों में साफ नजर आता है। वहीं पूर्व में कई लोग करंट की चपेट में भी आ चुके हैं। स्थानीय निवासी महेश शर्मा की भैंस करंट की चपेट में आकर मर गई थी, धर्मेंद्र के घर में आए रिश्तेदारों के दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। वहीं कश्मीर फौजी का एक बेटा भी करंट की चपेट में आ चुका है। इसके अलावा भी कई बच्चे और बुजुर्ग हादसों का शिकार होते रहे हैं।
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52 साल पहले बिछाई गई थी लाइन
जब भी यहां के वाशिंदे बिजली विभाग से लाइन हटवाने की गुहार लगाते हैं तो बिजली विभाग के अफसर कॉलोनी को ही अवैध बता देते हैं। अफसरों का कहना है कि यह लाइन वर्ष 1965-66 में बिजली विभाग बिछाई थी। उस समय यहां मकान नहीं बने थे।
बिजली विभाग ने जब लाइन बिछाई थी, तब वहां जंगल था। लोगों को विद्युत लाइन के नीचे मकान नहीं बनवाने चाहिए थे।
-रवि अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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आगरा रोड पर स्थित राजीव गांधी नगर की आबादी छह हजार के करीब है। मोहल्ले के करीब दो सौ घर ऐसे हैं जिनके ऊपर से 1.32 लाख केवी की हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई है। वर्षों से मोहल्ले के लोग इस लाइन को हटवाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें जीत आज तक नहीं मिली। बारिश और सर्दी के मौसम में लोग छतों पर जाने घबराते हैं, लोगों का कहना है कि अधिक बारिश होने पर घरों में अर्थिंग आने लगती है। दहशत के चलते लोग छतों पर कमरे नहीं बनवा पा रहे हैं।
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कई लोग हुए हादसों का शिकार
हाईटेंशन लाइन का खौफ राजीव गांधी नगर के लोगों में साफ नजर आता है। वहीं पूर्व में कई लोग करंट की चपेट में भी आ चुके हैं। स्थानीय निवासी महेश शर्मा की भैंस करंट की चपेट में आकर मर गई थी, धर्मेंद्र के घर में आए रिश्तेदारों के दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। वहीं कश्मीर फौजी का एक बेटा भी करंट की चपेट में आ चुका है। इसके अलावा भी कई बच्चे और बुजुर्ग हादसों का शिकार होते रहे हैं।
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52 साल पहले बिछाई गई थी लाइन
जब भी यहां के वाशिंदे बिजली विभाग से लाइन हटवाने की गुहार लगाते हैं तो बिजली विभाग के अफसर कॉलोनी को ही अवैध बता देते हैं। अफसरों का कहना है कि यह लाइन वर्ष 1965-66 में बिजली विभाग बिछाई थी। उस समय यहां मकान नहीं बने थे।
बिजली विभाग ने जब लाइन बिछाई थी, तब वहां जंगल था। लोगों को विद्युत लाइन के नीचे मकान नहीं बनवाने चाहिए थे।
-रवि अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत