गजब का हाल: निरीक्षण से पहले ढह गई विद्युत शवदाह गृह की चिमनी, 1.47 करोड़ रुपये की लागत से हो रही तैयार
दो साल पहले इलेक्ट्रिक चिमनी लगनी शुरू हुई, पर अभी तक चालू नहीं हो पाई है। हैरानी की बात तो ये है कि ये चिमनी निरीक्षण से पहले ढह गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्मशान घाट के काम में भी नगर निगम के अफसरों व इंजीनियरों की लापरवाही, मनमानी और घटिया निर्माण जारी हैं। शाहगंज के मलका चबूतरा स्थित मोक्षधाम में विद्युत शवदाह गृह की चिमनी बृहस्पतिवार सुबह नगर आयुक्त के निरीक्षण से पहले ही ढह गई। 1.47 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत शवदाह गृह का निर्माण किया जा रहा है, जो दो साल से जारी है। नगर आयुक्त दोपहर में पहुंचे तो चिमनी गिरी पाई गई। उन्होंने मामले की जांच और एक सप्ताह के अंदर विद्युत शवदाह गृह के निर्माण का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मलका चबूतरा मोक्षधाम में बृहस्पतिवार दोपहर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने निरीक्षण किया। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि नाले का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एक जगह से इसे ढंकने का काम बाकी है, वहीं गेट का काम भी किया जाना है ताकि असामाजिक तत्व अंदर न आ सकें। क्षेत्रीय लोगों ने नगर आयुक्त से चिमनी गिरने, नाले की पुलिया गलत ढंग से बनाने और शराबियों के अंदर आकर श्मशान घाट में शराब पीने की शिकायत की।
ये भी पढ़ें - आगरा की पहली फ्लैटेड फैक्टरी: उद्घोषणा के दो घंटे में 32 उद्यमियों ने कराई बुकिंग, दिखी गजब की उत्सुकता
आबादी की ओर गिरती तो होता बड़ा हादसा
विद्युत शवदाह गृह की चिमनी एक प्लेटफार्म पर लगाई है, जो 100 फुट ऊंची थी। पूर्व पार्षद आशीष पाराशर ने बताया कि दो साल पहले कोरोना काल की विभीषिका देखते हुए मलका चबूतरा श्मशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह का निर्माण किया जाना था, पर यह पूरा नहीं हो पाया। नगर आयुक्त के आने से पहले ही यहां चिमनी ध्वस्त होकर गिर गई। पहले भी चिमनी निर्माण में घटिया काम की शिकायत की गई थी। जिस समय चिमनी गिरी, गनीमत रही कि उस वक्त वहां कोई था नहीं और चिमनी मोक्षधाम परिसर में गिरी। आबादी की ओर गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ये भी पढ़ें - लापरवाही या गलती: आगरा के डॉक्टर ने किया महिला की डिलीवरी के दौरान काट दी आंतें, दर्ज हुआ मुकदमा
30 जून 2021 को शुरू हुआ था निर्माण
मोक्षधाम में कोरोना काल में नगर निगम ने 4 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। राजा हरिश्चंद्र मोक्षधाम के नाम से यहां सफाई, व्यवस्थाएं और निर्माण कार्य की शुरूआत 30 जून 2021 को की गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी इस मोक्षधाम के सौंदर्यीकरण समिति में शामिल हैं, पर दो साल में भी विद्युत शवदाह गृह पूरा नहीं हो पाया।
ये भी पढ़ें - UP: नाबालिग बेटी के दोस्त ने मां के साथ ये क्या किया, जंगल में ऐसे हाल में मिली लाश; हालत देख कांप गए घरवाले
ये बोले नगर आयुक्त
नगर आयुक्त ने बताया कि गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और विद्युत शवदाह गृह का काम एक सप्ताह के अंदर पूर्ण कराया जाएगा। चिमनी गिरने पर निर्माणदायी कंपनी से कहा गया है कि वह इसे तत्काल लगवाएं।