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आगरा: रेलवे में नौकरी का झांसा देकर छह लाख रुपये की धोखाधड़ी, तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Mon, 25 Apr 2022 09:59 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 25 Apr 2022 09:59 PM IST
सार

पीड़ित युवक ने थाना सदर में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। एक आरोपी ने खुद अधिकारी बताकर रकम ली थी। इसके बाद कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराकर फर्जी नियुक्त पत्र थमा दिए थे। 

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case filed against three accused for fraud on the pretext of job in railways
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर आगरा के चार लोगों से छह लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए गए। पीड़ितों ने एसएसपी से शिकायत की। इस पर थाना सदर में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया है।

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फतेहाबाद के नीवरी पैतीखेड़ा निवासी चेतन स्वरूप ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें सोहल्ला निवासी अविनाश शर्मा, साउथ रेलवे कॉलोनी निवासी जयप्रकाश ओबेराय और गुरुवेंद्र को नामजद किया है। मुकदमे में चेतन स्वरूप ने कहा कि उनकी रिश्तेदारी नगला लालदास निवासी भानुप्रकाश से है। वह तहसील में नौकरी करते हैं। एक दिन वो उनसे मिलने तहसील गया था। तभी उनकी मुलाकात अविनाश शर्मा से हुई। उसने रेलवे में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया।

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एक आरोपी ने खुद को बताया अधिकारी 

अविनाश ने एक दिन जयप्रकाश से मिलवाया। इस दौरान जयप्रकाश का बेटा गुरुवेंद्र भी मिला। उसने खुद को डीआरएम ऑफिस में अधिकारी बताया। कहा कि नौकरी निकलने वाली है। वह उनकी लगवा देगा। इसके लिए रुपयों की मांग की। जुलाई 2018 में तहसील बुलाया। अविनाश ने तीन लाख रुपये की मांग की। बाद में जयप्रकाश के घर जाकर चेतन स्वरूप ने अपने भाई हरेंद्र, अशोक और संदेश की भी नौकरी की बात की। उन्हें छह लाख रुपये दे दिए। 

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कागजात पर हस्ताक्षर कराकर दे दिए नियुक्त पत्र

बाकी रकम नौकरी लगने पर देने की बात कही। सितंबर 2020 में कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए। एक महीने में नौकरी का आश्वासन दिया। नियुक्ति पत्र भी दिए। तीन महीने बाद में पता चला कि तीनों ने कई और लोगों से धोखाधड़ी की है। इस पर उनसे रकम वापस मांगी, लेकिन तीनों तब से टालमटोल कर रहे हैं।

पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की। इस पर जांच की गई। शनिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार दहिया का कहना है कि  केस में सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

होमगार्ड ने कर ली थी खुशी

सदर क्षेत्र में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने का यह दूसरा मामला आया है। पिछले दिनों हरीपर्वत क्षेत्र में तैनात होमगार्ड ने खुदकुशी की थी। उनसे बेटों की फौज में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की गई थी। उनसे 24 लाख रुपये लिए गए थे। चार लोगों को नामजद करते हुए थाना सदर में मुकदमा दर्ज हुआ था। यह आरोपी अब तक नहीं पकड़े गए हैं। 

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