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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Booster dose is not being given to common people in Agra due to shortage

Covid Alert: चाहकर भी अभी बूस्टर डोज नहीं लगवा सकते आगरा के लोग, यह है कारण

Fri, 23 Dec 2022 07:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 23 Dec 2022 07:14 PM IST
सार

चीन समेत कई देशों में एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन ताजनगरी में आम लोगों के लिए बूस्टर डोज की उपलब्धता ही नहीं है। 

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Booster dose is not being given to common people in Agra due to shortage
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन बीएफ-7 के आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बूस्टर डोज लगवाने की सलाह दे रहा है। जबकि स्थिति उलट है। जिले में अभी कोरोना की बूस्टर डोज आम लोगों को नहीं लगाई जा रही है। इसकी उपलब्धता नहीं है। ऐसे लोग चाहकर भी बूस्टर डोज अभी लगवा नहीं सकते हैं।

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जिले में कोविशील्ड वैक्सीन का स्टॉक नहीं है। कोवैक्सिन कम मात्रा में उपलब्ध है। इसकी बूस्टर डोज अस्पतालों के स्टाफ को ही लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 33.97 लाख है। इसमें से 24.89 लाख लोग 30 सितंबर 2022 बूस्टर डोज लगवाने के लिए पात्र थे। 

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45 हजार लोगों ने लगवाई बूस्टर डोज

30 सितंबर से बूस्टर डोज लगवाने के लिए अभियान चलाया गया। 54 हजार लोगों को बूस्टर डोज लगवाने का लक्ष्य था, 45 हजार लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया था। टीका उपलब्ध न होने से एक अक्तूबर से बूस्टर लगना बंद हो गया। इसके बाद से अब तक बहुत कम लोगों को बूस्टर डोज लग पाई है।  

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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में कोविशील्ड का स्टॉक नहीं है। कोवैक्सिन कम मात्रा में है। बूस्टर डोज पहले अस्पताल के स्टाफ को लगाई जाएगी। स्टॉक आने पर बाकी लोगों को भी बूस्टर डोज लगाई जाएगी। शासन स्तर से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसका पालन किया जाएगा। 

अभी कम हो रहीं जांचें 

कोविड जांच की रफ्तार अपेक्षाकृत अभी नहीं बढ़ पाई है। स्वास्थ्य विभाग के पास एंटीजन जांच के लिए किट कम हैं। अभी करीब 2.5 किट की उपलब्धता है। इसका इस्तेमाल नसबंदी आदि के ऑपरेशन के समय मरीजों की जांच में किया जा रहा है। वहीं प्रतिदिन होने वाली जांचों की संख्या अभी 1000 से कम ही है। हालांकि नए अलर्ट के बाद कई जगहों पर जांचें शुरू हुई हैं। 
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