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ब्लैक फंगस: एसएन में एक और मरीज भर्ती, शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज को मिलेंगे छह इंजेक्शन
Wed, 19 May 2021 12:29 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 19 May 2021 12:29 AM IST
सार
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मंगलवार को ब्लैक फंगस का एक मरीज भर्ती हुआ। वह अछनेरा का रहने वाला है। मरीज का उपचार शुरू कर दिया गया है।
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ब्लैक फंगस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मंगलवार को ब्लैक फंगस का एक मरीज भर्ती हुआ। वह अछनेरा का रहने वाला है। मरीज का उपचार शुरू कर दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को बुधवार या बृहस्पतिवार तक शासन स्तर से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए छह इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद शासन स्तर से मेडिकल कॉलेजों को रोजाना दो-दो इंजेक्शन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। प्राचार्या ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पहले से भर्ती दो मरीजों में अभी तक ब्लैक फंगस की पुष्टि नहीं हो सकी है।
एसएन में पीआईसीयू बनने में लगेंगे दो माह
आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनने में दो माह का समय लगेगा। न्यू सर्जरी भवन के पहले तल पर 100 बेड का पीआईसीयू बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
प्राचार्य की ओर से स्टाफ, वाईपैप व अन्य उपकरणों की मांग की गई
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि पीआईसीयू तैयार होने में कम से कम दो माह का समय लगेगा। इसके लिए बहुत सारे मैनपॉवर, उपकरणों की जरूरत पड़ेगी। इसकी मांग की गई है। बुधवार को शासन की प्रतिनिधि को जिन चीजों की जरूरत है, उसे नोट कराया जाना है। प्राचार्य ने बताया कि एसएन जो पीआईसीयू बनाया जा रहा है, यह प्रदेश का सबसे बड़ा होगा।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को बुधवार या बृहस्पतिवार तक शासन स्तर से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए छह इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद शासन स्तर से मेडिकल कॉलेजों को रोजाना दो-दो इंजेक्शन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। प्राचार्या ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पहले से भर्ती दो मरीजों में अभी तक ब्लैक फंगस की पुष्टि नहीं हो सकी है।
एसएन में पीआईसीयू बनने में लगेंगे दो माह
आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनने में दो माह का समय लगेगा। न्यू सर्जरी भवन के पहले तल पर 100 बेड का पीआईसीयू बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
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प्राचार्य की ओर से स्टाफ, वाईपैप व अन्य उपकरणों की मांग की गई
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि पीआईसीयू तैयार होने में कम से कम दो माह का समय लगेगा। इसके लिए बहुत सारे मैनपॉवर, उपकरणों की जरूरत पड़ेगी। इसकी मांग की गई है। बुधवार को शासन की प्रतिनिधि को जिन चीजों की जरूरत है, उसे नोट कराया जाना है। प्राचार्य ने बताया कि एसएन जो पीआईसीयू बनाया जा रहा है, यह प्रदेश का सबसे बड़ा होगा।
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यह इंजेक्शन है सर्वाधिक प्रभावी
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ब्लैक फंगस बीमारी के इलाज में सर्वाधिक प्रभावी अम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन है। इस समय यह बाजार में भी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद आईसोकोनाजोल टेबलेट असरदार है। ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए शासन स्तर से कम से कम 200-300 टेबलेट उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। मरीज को कम से कम 14 दिन दवा देनी होती है।
उन्होंने बताया कि पोसोकोनाजोल सिरप भी ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी भी उपलब्धता नहीं है। एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी वोरिकोनाजोल टेबलेट की उपलब्धता है। प्राचार्य के मुताबिक यह 15 से 20 फीसदी ही प्रभावी है। शुरुआती दौर में यह दवा दी जाती है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ब्लैक फंगस बीमारी के इलाज में सर्वाधिक प्रभावी अम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन है। इस समय यह बाजार में भी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद आईसोकोनाजोल टेबलेट असरदार है। ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए शासन स्तर से कम से कम 200-300 टेबलेट उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। मरीज को कम से कम 14 दिन दवा देनी होती है।
उन्होंने बताया कि पोसोकोनाजोल सिरप भी ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी भी उपलब्धता नहीं है। एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी वोरिकोनाजोल टेबलेट की उपलब्धता है। प्राचार्य के मुताबिक यह 15 से 20 फीसदी ही प्रभावी है। शुरुआती दौर में यह दवा दी जाती है।
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