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शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा: गैंग का सदस्य लेता था विवादित जमीनों का ठेका, आईपीएस को दी चुनाैती; तैयार है कुंडली
Sun, 01 Jun 2025 10:48 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 01 Jun 2025 10:48 AM IST
सार
पुलिस अधिकारी ने जिले के बाहर से आए इस सदस्य की संपत्तियों की जांच भी करवाई थी। तब इस सदस्य ने पुलिस अधिकारी को भी चुनौती दे दी थी। लेकिन बाद में मामला बढ़ने पर माफी भी मांगी थी।
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शस्त्र लाइसेंस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह के एक प्रमुख सदस्य के काले कारनामे शहर में तैनात रहे एक आईपीएस अधिकारी तक पहुंच गए थे। सदस्य का रंगदारी मांगते हुए वीडियो और ऑडियो साक्ष्य भी मिले थे। इसके बाद आईपीएस अधिकारी ने इस सदस्य की संपत्तियों की जांच कराई। इसकी पूरी कुंडली (फाइल) बनाकर उस समय जिले में तैनात रहे अपने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपी थी, लेकिन इस फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाने औैर अवैध रूप से हथियारों की खरीद फरोख्त का खुलासा करने वाली एसटीएफ को भले ही जांच में 9 माह का लंबा समय लगा है। लेकिन इस गिरोह के एक सदस्य की करतूतें शहर में रहे एक आईपीएस के सामने पहुंच गई थीं।
इसके बाद जिले के बाहर से आए इस सदस्य की संपत्तियों की जांच भी उन्होंने करवाई थी। तब इस सदस्य ने पुलिस अधिकारी को भी चुनौती दे दी थी। लेकिन बाद में मामला बढ़ने पर माफी भी मांगी थी। लेकिन यह फाइल कभी आगे नहीं बढ़ सकी। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद एसटीएफ सदस्य के संबंधों और अन्य कनेक्शन की तलाश कर रही है। पुरानी फाइल की तलाश भी की जा रही है।
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ये भी पढ़ें-130 अश्लील वीडियो कांड: भाजपा बोली- हमारे यहां ऐसी कोई नेत्री नहीं, पार्टी विरोधी गतिविधि थी, इसलिए निकाल दिया
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाने औैर अवैध रूप से हथियारों की खरीद फरोख्त का खुलासा करने वाली एसटीएफ को भले ही जांच में 9 माह का लंबा समय लगा है। लेकिन इस गिरोह के एक सदस्य की करतूतें शहर में रहे एक आईपीएस के सामने पहुंच गई थीं।
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इसके बाद जिले के बाहर से आए इस सदस्य की संपत्तियों की जांच भी उन्होंने करवाई थी। तब इस सदस्य ने पुलिस अधिकारी को भी चुनौती दे दी थी। लेकिन बाद में मामला बढ़ने पर माफी भी मांगी थी। लेकिन यह फाइल कभी आगे नहीं बढ़ सकी। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद एसटीएफ सदस्य के संबंधों और अन्य कनेक्शन की तलाश कर रही है। पुरानी फाइल की तलाश भी की जा रही है।
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आपराधिक पृष्ठभूमि के रिश्तेदार
गिरोह के एक सदस्य का रिश्तेदार आपराधिक पृष्ठभूमि का है। कुख्यात ओपी-लाला गैंग का सदस्य रह चुका रिश्तेदार का नाम दो सनसनीखेज हत्याकांडों में भी आ चुका है। यही कारण है कि ज्यादातर जमीनों पर कब्जे करने वाले, शराब, जुआ, सट्टा जैसे अवैध धंधे करने वाले लोगों तक इस रिश्तेदार की सीधी पहुंच है। इसी पहुंच का फायदा इस सदस्य ने उठाया। वह अपने रिश्तेदार के माध्यम से जमीनों के विवादित मामले हाथ में लेने लगा। अधिकारियों से सेटिंग करके उन्हें निपटाने की कला में भी यह सदस्य माहिर है। इसके बाद इस सदस्य ने आगरा के कारोबारी जगत में भी अपनी पैठ बना ली। उनके विवाद भी यह सदस्य निपटाने लगा।
विवादित जमीनों के मामले सुलझाने के लिए यह सदस्य बाकायदा ठेका लेता था। दो साल पहले सिकंदरा की एक विवादित जमीन पर कब्जे के लिए बुलडोजर लेकर पहुंच गया था। मामला लखनऊ तक पहुंचा तब इस सदस्य ने अपने पैर पीछे खींचे थे।
ताजगंज में एक शानदार फ्लैट में करीब तीन साल पहले एक मॉडल की गिरकर मौत हुई थी। फ्लैट से फेंकने का आरोप लगाया गया था। केस विचाराधीन है। इस फ्लैट में अवैध काम होते थे। यह फ्लैट भी इसी सदस्य का था, जिस पर पुलिस ने सील लगाई थी, लेकिन सदस्य ने अपनी पहुंच के चलते सील खुलवा ली थी।
ये भी पढ़ें-34 साल बाद 35 को सजा: गांव ऊदर थोक में पसरा सन्नाटा, दोषियों के परिजन बोले- हाईकोर्ट में करेंगे अपील
गिरोह के एक सदस्य का रिश्तेदार आपराधिक पृष्ठभूमि का है। कुख्यात ओपी-लाला गैंग का सदस्य रह चुका रिश्तेदार का नाम दो सनसनीखेज हत्याकांडों में भी आ चुका है। यही कारण है कि ज्यादातर जमीनों पर कब्जे करने वाले, शराब, जुआ, सट्टा जैसे अवैध धंधे करने वाले लोगों तक इस रिश्तेदार की सीधी पहुंच है। इसी पहुंच का फायदा इस सदस्य ने उठाया। वह अपने रिश्तेदार के माध्यम से जमीनों के विवादित मामले हाथ में लेने लगा। अधिकारियों से सेटिंग करके उन्हें निपटाने की कला में भी यह सदस्य माहिर है। इसके बाद इस सदस्य ने आगरा के कारोबारी जगत में भी अपनी पैठ बना ली। उनके विवाद भी यह सदस्य निपटाने लगा।
विवादित जमीनों के मामले सुलझाने के लिए यह सदस्य बाकायदा ठेका लेता था। दो साल पहले सिकंदरा की एक विवादित जमीन पर कब्जे के लिए बुलडोजर लेकर पहुंच गया था। मामला लखनऊ तक पहुंचा तब इस सदस्य ने अपने पैर पीछे खींचे थे।
ताजगंज में एक शानदार फ्लैट में करीब तीन साल पहले एक मॉडल की गिरकर मौत हुई थी। फ्लैट से फेंकने का आरोप लगाया गया था। केस विचाराधीन है। इस फ्लैट में अवैध काम होते थे। यह फ्लैट भी इसी सदस्य का था, जिस पर पुलिस ने सील लगाई थी, लेकिन सदस्य ने अपनी पहुंच के चलते सील खुलवा ली थी।
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