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UP: शिक्षा का अधिकार अधिनियम में आगरा का प्रदेश में नौवां स्थान, पहले स्थान पर वाराणसी, टॉप 10 शहर की सूची
Fri, 10 Jan 2025 10:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
ममता त्रिपाठी, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
ममता त्रिपाठी, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 10 Jan 2025 10:23 AM IST
सार
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में पिछले साल के मुकाबले आधे आवेदन हुए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण के लिए प्रयास कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को इसमें शामिल किया जाए।
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शिक्षा का अधिकार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
निर्बल आय वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम में आगरा का नंबर प्रदेश में नौवें स्थान पर है। पहले चरण में 10,278 आवेदनों के साथ वाराणसी पहले स्थान पर है। जबकि आगरा में महज 4,626 आवेदन हुए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में ये आधे से भी कम आवेदन हैं।
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के तहत निर्बल आय वर्ग के बच्चों को आठवीं तक निशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है। इसके तहत प्राइवेट स्कूलों की कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर निर्बल वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। चार चरणों में आवेदन की प्रक्रिया पूरी होनी है।
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निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के तहत निर्बल आय वर्ग के बच्चों को आठवीं तक निशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है। इसके तहत प्राइवेट स्कूलों की कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर निर्बल वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। चार चरणों में आवेदन की प्रक्रिया पूरी होनी है।
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पहले चरण में आगरा जिले में 4,626 आवेदन किए गए। जिसमें से 2,264 बच्चों के नाम प्रवेश के लिए लॉटरी में खुले। जबकि पिछले साल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में आगरा जिले से 8,654 आवेदन किए गए। इस साल पिछले साल की तुलना में 4,028 कम है।
आवेदन कुछ कम हुए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड ने बताया कि पिछले साल की तुलना में आवेदन कुछ कम हुए हैं, लेकिन दूसरे चरण के लिए हम प्रयास कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को इसमें शामिल किया जाए। दूसरे चरण में 7 जनवरी तक आगरा में 1,855 आवेदन भरे जा चुके हैं, जो प्रदेश में फिलहाल तीसरे स्थान पर है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड ने बताया कि पिछले साल की तुलना में आवेदन कुछ कम हुए हैं, लेकिन दूसरे चरण के लिए हम प्रयास कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को इसमें शामिल किया जाए। दूसरे चरण में 7 जनवरी तक आगरा में 1,855 आवेदन भरे जा चुके हैं, जो प्रदेश में फिलहाल तीसरे स्थान पर है।
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ये हैं पहले चरण के टॉप 10 शहर
- वाराणसी 10,278
- लखनऊ 8,714
- कानपुर 8,276
- बुलंदशहर 5,592
- मुरादाबाद 5,566
- मेरठ 5,464
- गाजियाबाद 5,099
- अलीगढ़ 4,880
- आगरा 4,626
- गोरखपुर 3,752
- वाराणसी 10,278
- लखनऊ 8,714
- कानपुर 8,276
- बुलंदशहर 5,592
- मुरादाबाद 5,566
- मेरठ 5,464
- गाजियाबाद 5,099
- अलीगढ़ 4,880
- आगरा 4,626
- गोरखपुर 3,752
नहीं होता प्रचार-प्रसार
आरटीई के तहत निर्बल वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाकर कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा दिलाई जाती है। इस योजना का प्रचार-प्रसार न होने की वजह से स्कूलों में विद्यार्थियों को आवेदन की जानकारी नहीं हो पाती है। आगरा जिले में लगभग 17,500 सीटें हैं। हर स्कूल में 25 प्रतिशत सीट होती हैं। इनमें प्रवेश दिया जाना होता है। आवेदन न होने से निर्बल आय वर्ग के परिवार के बच्चों को लाभ नहीं मिलेगा। बीएसए जितेंद्र गाेंड का कहना है कि दूसरे चरण में अधिक आवेदन कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को लगाया गया है।
आरटीई के तहत निर्बल वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाकर कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा दिलाई जाती है। इस योजना का प्रचार-प्रसार न होने की वजह से स्कूलों में विद्यार्थियों को आवेदन की जानकारी नहीं हो पाती है। आगरा जिले में लगभग 17,500 सीटें हैं। हर स्कूल में 25 प्रतिशत सीट होती हैं। इनमें प्रवेश दिया जाना होता है। आवेदन न होने से निर्बल आय वर्ग के परिवार के बच्चों को लाभ नहीं मिलेगा। बीएसए जितेंद्र गाेंड का कहना है कि दूसरे चरण में अधिक आवेदन कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को लगाया गया है।