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कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन के नाम पर ना हो जाएं धोखाधड़ी का शिकार, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
Mon, 04 Jan 2021 12:32 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 04 Jan 2021 12:32 PM IST
सार
- आगरा पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
- फोन करके ओटीपी पूछने वालों से सावधान रहने की सलाह
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : pixabay
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विस्तार
साइबर अपराधी एटीएम ब्लॉक होने, बीमा पॉलिसी का लाभ दिलाने, टेंडर और एजेंसी दिलाने आदि का झांसा देकर तो ठगी कर रहे थे, अब कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए पंजीकरण के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस एडवाइजरी के मुताबिक, लोगों को सूचित किया है कि कोरोना वैक्सीन के लिए किसी अज्ञात नंबर से आए हुए फोन को रिसीव न करें। साइबर अपराधी रजिस्ट्रेशन के नाम पर आपका आधार कार्ड का नंबर मांगेंगे, फिर कहेगें कि आपके मोबाइल फोन पर ओटीपी आएगा वो हमको बताओ। आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और वैक्सीन आपको जल्द मिल जाएगी।
ये भी पढ़ें- एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर बैंक खाते में सेंध लगा रहे साइबर अपराधी, रहें सावधान !
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जैसे ही आपने ओटीपी बताया, आपका खाता खाली हो सकता है, इसलिए आप सर्तक रहें। कोरोना वैक्सीन के नाम पर ओटीपी पूछने वालों से सावधान रहें। ओटीपी कभी नहीं बताएं। कोई खाते में रकम जमा करने की कहे तो भी भरोसा नहीं करें। इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाए और सभी सुरक्षित रहें।
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पुलिस एडवाइजरी के मुताबिक, लोगों को सूचित किया है कि कोरोना वैक्सीन के लिए किसी अज्ञात नंबर से आए हुए फोन को रिसीव न करें। साइबर अपराधी रजिस्ट्रेशन के नाम पर आपका आधार कार्ड का नंबर मांगेंगे, फिर कहेगें कि आपके मोबाइल फोन पर ओटीपी आएगा वो हमको बताओ। आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और वैक्सीन आपको जल्द मिल जाएगी।
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जैसे ही आपने ओटीपी बताया, आपका खाता खाली हो सकता है, इसलिए आप सर्तक रहें। कोरोना वैक्सीन के नाम पर ओटीपी पूछने वालों से सावधान रहें। ओटीपी कभी नहीं बताएं। कोई खाते में रकम जमा करने की कहे तो भी भरोसा नहीं करें। इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाए और सभी सुरक्षित रहें।
फेसबुक के बाद अब व्हाट्सएप हैक किए जाने के मामले आ रहे हैं। आगरा में दिसंबर में सात केस सामने आ चुके हैं। साइबर अपराधी धोखे से किसी का ओटीपी मालूम करते हैं, फिर व्हाट्सएप हैक कर उसकी फोन बुक से मोबाइल नंबर लेकर रुपये मांगने का संदेश भेजते हैं।
इन मामलों में एक ही तरीका सामने आया है। साइबर अपराधी किसी भी तरह झांसा देकर ओटीपी हासिल करते हैं। इसके लिए कोई मैसेज भेजते हैं, फेसबुक पर कोई पहेली या गेम बनाकर डाल देते हैं। इसमें ओटीपी पूछा जाता है। जैसे ही साइबर अपराधी को ओटीपी मिलता है, वह इसकी मदद से व्हाट्सएप हैक कर देता है।
व्हाट्सएप हैक कर दोस्तों से मांगी रकम
श्री बांके बिहारी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मदन मोहन शर्मा का सोमवार को व्हाट्सएप हैक कर लिया गया। उनके 100 से ज्यादा दोस्तों से पांच पांच हजार रुपये की रकम मांगी गई। उनके पास फोन आए तो उन्होंने बताया कि यह फ्रॉड है। साइबर सेल से शिकायत की।
हैक होते ही दोबारा से डाउनलोड करके चलाएं व्हाट्सएप
साइबर क्राइम सेल के विशेषज्ञ विजय तोमर ने बताया कि किसी भी अंजान व्यक्ति के कॉल पर विश्वास नहीं करना चाहिए। अगर, कोई खुद को मोबाइल कंपनी और बैंक अधिकारी बताए तो समझ जाएं कि धोखेबाज हो सकता है। व्हाट्सएप को चलाने के लिए सबसे पहले उसे अपने मोबाइल पर प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होता है। इसके बाद व्हाट्सएप से ओटीपी भेजा जाता है।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी इसी ओटीपी को पूछते हैं। इसलिए किसी को मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नहीं बताना चाहिए। अगर, कोई आपके व्हाट्स एप को चला भी लेता है तो बंद भी किया जा सकता है। उसे फिर से प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। इस पर एक ओटीपी आएगा।
ओटीपी आप डालेंगे तो साइबर अपराधी के मोबाइल में चल रहा व्हाट्स एप बंद हो जाएगा। इसके साथ ही व्हाट्स एप की सेटिंग में द्वितीय सत्यापन विकल्प चुनकर रखे। इसमें ओटीपी पूछ भी लें तो द्वितीय सत्यापन में वह विफल हो जाएगा।
इन मामलों में एक ही तरीका सामने आया है। साइबर अपराधी किसी भी तरह झांसा देकर ओटीपी हासिल करते हैं। इसके लिए कोई मैसेज भेजते हैं, फेसबुक पर कोई पहेली या गेम बनाकर डाल देते हैं। इसमें ओटीपी पूछा जाता है। जैसे ही साइबर अपराधी को ओटीपी मिलता है, वह इसकी मदद से व्हाट्सएप हैक कर देता है।
व्हाट्सएप हैक कर दोस्तों से मांगी रकम
श्री बांके बिहारी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मदन मोहन शर्मा का सोमवार को व्हाट्सएप हैक कर लिया गया। उनके 100 से ज्यादा दोस्तों से पांच पांच हजार रुपये की रकम मांगी गई। उनके पास फोन आए तो उन्होंने बताया कि यह फ्रॉड है। साइबर सेल से शिकायत की।
हैक होते ही दोबारा से डाउनलोड करके चलाएं व्हाट्सएप
साइबर क्राइम सेल के विशेषज्ञ विजय तोमर ने बताया कि किसी भी अंजान व्यक्ति के कॉल पर विश्वास नहीं करना चाहिए। अगर, कोई खुद को मोबाइल कंपनी और बैंक अधिकारी बताए तो समझ जाएं कि धोखेबाज हो सकता है। व्हाट्सएप को चलाने के लिए सबसे पहले उसे अपने मोबाइल पर प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होता है। इसके बाद व्हाट्सएप से ओटीपी भेजा जाता है।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी इसी ओटीपी को पूछते हैं। इसलिए किसी को मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नहीं बताना चाहिए। अगर, कोई आपके व्हाट्स एप को चला भी लेता है तो बंद भी किया जा सकता है। उसे फिर से प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। इस पर एक ओटीपी आएगा।
ओटीपी आप डालेंगे तो साइबर अपराधी के मोबाइल में चल रहा व्हाट्स एप बंद हो जाएगा। इसके साथ ही व्हाट्स एप की सेटिंग में द्वितीय सत्यापन विकल्प चुनकर रखे। इसमें ओटीपी पूछ भी लें तो द्वितीय सत्यापन में वह विफल हो जाएगा।