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एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर बैंक खाते में सेंध लगा रहे साइबर अपराधी, रहें सावधान !

Mon, 04 Jan 2021 12:12 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 04 Jan 2021 12:12 AM IST
सार

  • साइबर अपराधियों ने ओडी कर्मी के खाते से 93 हजार निकाले, एटीएम का क्लोन बनाने की आशंका
  • ना सदर और साइबर सेल में शिकायत की, पहले भी सामने आ चुके हैं एटीएम कार्ड के क्लोन के मामले 

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cyber crime money traction of COD persanol bank account by Clone ATM card in agra
एटीएम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock

विस्तार

आगरा में सीओडी कर्मी के खाते से 93 हजार रुपये निकाल लिए गए। आशंका है कि इसके लिए क्लोन एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। रकम दिल्ली के एटीएम से निकाली गई। पीड़ित ने पहले थाना सदर में शिकायत की। इसके बाद साइबर सेल में प्रार्थनापत्र दिया है।

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थाना जगदीशपुरा स्थित नगला अजीता निवासी राजू सीओडी में कर्मचारी हैं। उनका केनरा बैंक की शाखा में सैलरी खाता है। राजू के मुताबिक, उनके खाते में बीमा पॉलिसी के 90 हजार रुपये आए थे। इसके अलावा भी तीन हजार रुपये पड़े थे। एक जनवरी को वह खाते से रुपये निकालने एटीएम पर गए। इस पर पता चला कि खाते में बैलेंस नहीं है। इस पर शनिवार को बैंक पहुंचकर शिकायत की।
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राजू के पास कोई कॉल नहीं आया था। उन्होंने किसी अंजान व्यक्ति को खाते और एटीएम कार्ड से संबंधित जानकारी भी नहीं दी थी। बैंक में पता चला कि उनके खाते से दिल्ली में एटीएम से रकम निकाली गई है, जबकि राजू दिल्ली नहीं गए थे। उनके मोबाइल पर एसएमएस सर्विस नहीं लगी है, इस कारण रकम निकाले जाने की जानकारी नहीं हो सकी। 

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राजू ने इससे पहले आठ दिसंबर को सदर स्थित एटीएम से रुपये निकाले थे। आशंका है कि इस एटीएम से ही साइबर अपराधियों ने उनके एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लिया। इसके बाद रकम को कई बार में निकाल लिया। थाना सदर पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।

एटीएम में रुपये निकालते समय बरतें सावधानी 
साइबर एक्सपर्ट शैलेष सिंह के मुताबिक, एटीएम से रुपये निकालते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अंजान व्यक्ति की मदद नहीं लें। किसी को अपने कार्ड का पिन नहीं बताएं। यदि, कोई बिना जरूरत के मदद करने आए तो संभल जाएं। साइबर अपराधी एटीएम कार्ड लगाने वाले स्लॉट में स्कीमर लगाते हैं। 

वहीं पिन नंबर देखने के लिए छोटे कैमरे लगाते हैं। इससे ही क्लोन कार्ड तैयार किया जा सकता है, इसलिए पिन डालते समय की को हाथ से ढंककर रखें। कार्ड लगाने वाले स्लॉट में यह देखें कि कोई अतिरिक्त मशीन तो नहीं लगी है। ऐसा है तो बैंक के गार्ड को बताएं।

क्लोन कार्ड से निकली थी रकम, हुई वापस 
रेंज साइबर सेल के एसआई चेतन भारद्वाज ने बताया कि चार महीने पहले एक नायब सूबेदार मनमोहन त्रिपाठी के खाते से 1.10 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए थे। इसकी जांच की गई। इसमें पता चला कि रुपये एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करके निकाले गए हैं। 

इस पर अपनी जांच रिपोर्ट बैंक को भेज दी गई। लोकपाल को रिपोर्ट दी गई। बिना सीसीटीवी कैमरे वाले एटीएम में क्लोनिंग की गई थी। बैंक ने नायब सूबेदार के खाते में रकम भेज दी। लेकिन, उसे जांच पूरी होने तक होल्ड पर रखा। रिपोर्ट देने के बाद शुक्रवार को रुपये वापस कर दिए गए।
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